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Showing posts from August, 2019

क्या शरीर की ताकत के लिये जरूरी है विटामिन और कैल्शियम का साथ?

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आज शहर में रहने वाले लगभग 80-90 फीसदी लोग विटामिन डी की कमी से होने वाली बीमारियों का सामना कर रहे हैं। चिंताजनक बात यह है कि युवा वर्ग भी इन समस्याओं से जूझ रहा है। 35 वर्षीय संजना को थकान महसूस होने के साथ कमर और पिंडलियों में दर्द रहने लगा। बढ़ती उम्र का प्रभाव समझ कर संजना ने अनेक प्रकार के घरेलू उपचार भी किये, लेकिन जब दर्द बढ़ता गया तो संजना को डॉक्टर के पास जाने के लिये मजबूर होना ही पड़ा। संजना को यह जानकर बेहद आश्चर्य हुआ की उसके शरीर में विटामिन डी की कमी है। वहीं विटामिन डी की कमी का एक दुष्प्रभाव यह संजना के शरीर पर यह भी हो रहा था कि उसकी हड्डियां भी कमजोर होने लगी थी। दरअसल यह उसके शरीर में कैल्शियम की कमी होने के कारण हो रहा था। क्योंकि उसके शरीर में विटामिन डी की कमी के कारण कैल्शियम अवशोषित नहीं हो पा रहा था। जरूरी है विटामिन डी और कैल्शियम का संयोजन आपमे से अधिकतर लोगों को यह जानकर आश्चर्य होगा कि शरीर के लिये बेहद आवश्यक विटामिन डी और कैल्शियम, एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं। यानी शरीर में यदि विटामिन डी की कमी हो जाये तो कैल्शियम की पूर्ति होना भी मुश्किल होता है। जि

बढ़ते साइबर हमलों के खिलाफ देश की रक्षा को मजबूत करने की जरूरत- जी किशन रेड्डी, गृह मंत्रालय

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“बढ़ते साइबर हमलों के खिलाफ हमें देश की रक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता है, जिसके लिये गृह मंत्रालय ने साइबर क्राइम के खिलाफ लड़ाई में एक नोडल बिंदु के रूप में कार्य करने के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र शुरू किया है। यह गृह मंत्रालय में संबंधित नोडल प्राधिकरण के परामर्श से साइबर अपराध से संबंधित अन्य देशों के साथ आपसी कानूनी सहायता संधियों (एमएलएटी) के कार्यान्वयन से संबंधित सभी गतिविधियों का समन्वय भी करेगा। यह बात केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने उद्योग मंडल एसोचैम कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि “साइबर के जोखिम को कम करने के लिए इस तरह की रणनीतियों का समर्थन करने के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति और संरक्षण ढांचे का विकास आवश्यक है। कानूनी और संस्थागत समर्थन, साथ ही साथ कानून प्रवर्तन एजेंसियों के क्षमता निर्माण के लिए सभी हितधारकों के सहयोग की आवश्यकता होती है ”।  रेड्डी ने कहा, इस संबंध में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने हमारी सरकार के डिजिटल इंडिया पहल के एक भाग के रूप में साइबर स्वच्छ केंद्र '(बोटनेट क्लीनिंग एंड मालवेयर एनालिसिस सेंटर) भी शु

खादी की ओर युवाओं को आकर्षित करने की बड़ी चुनौती

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केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम एवं सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हमें खादी क्षेत्र को मजबूत बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि खादी और ग्रामीण क्षेत्र के कारोबार को और बढ़ाने की जरूरत है क्योंकि जनसंख्या का एक बड़ा वर्ग इस पर निर्भर है। गडकरी, मुंबई में भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित व्यापार सम्मेलन “खादी ब्रांड का वैश्वीकरण: भारत का गर्व” को संबोधित कर रहे थे। गडकरी ने आगे कहा कि खादी, गांधीजी की सोच की आत्मा है। अपने सिद्धांतों के साथ समझौता किए बगैर हमें उत्पाद डिजाइन, फैशन डिजाइन, बुनाई और अन्य प्रक्रियाओं में खादी के आधुनिकीकरण की जरूरत है। गडकरी ने खादी को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र में कार्यरत लोगों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, 'प्रौद्योगिकी और गुणवत्ता के नजरिए से देखा जाए तो यह मुश्किल नहीं है। अगर हमें उद्योग जगत से अच्छे इनपुट मिलते हैं तो ब्रांड खादी को विश्व-प्रसिद्ध बनाया जा सकता है। उपभोक्ता की पसंद बदल गई है। उन्होंने कहा कि सरकार अलीबाबा जैसे ई-मार्केट पोर्टल की तर्ज पर भारत क्राफ्ट के नाम के पोर्टल को विकसित क

विश्वास , सुरक्षा ओर विकास की नीति से नक्सलवाद का करेंगे जड़ से सफ़ाया - भूपेश बघेल

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        छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि, नक्सलवाद ओर आदिवासी इलाक़ों में हमारी नीति विश्वास , सुरक्षा ओर विकास की रही है। इस नीति के ही दम पर हम प्रदेश से नक्सलवाद का जड़ से सफ़ाया करेंगे।  इसके बिना नक्सल समस्या को ख़त्म नहीं कर सकते ।  वे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित  वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियो की बैठक  में बोल रहे थे । इस बैठक में  वामपंथ उग्रवाद से प्रभावित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी उपस्थित थे ।       बघेल ने कहा कि,प्रदेश सरकार ने वनवासियों को वन अधिकार पत्रों का वितरण कर उन्हें अधिकार संपन्न बनाया। बस्तर के वो स्कूल जो बंद हो चुके थे या नक्सलियों द्वारा तोड़ दिया गया था ,उन्हें पुनः चालू करवाया गया। उन्होंने कहा कि अकेला हमारा बस्तर केरल से बड़ा है । सड़क निर्माण के लिए केंद्र से साठ प्रतिशत मिलता है। नक्सल इलाक़ा होने के कारण यहाँ काम करना कठिन है, इसलिये  100  प्रतिशत राशि योजना पर दिए जाने का आग्रह किया।   बघेल ने कहा कि,  पिछले साल की अपेक्षा इस साल प्रदेश में नक्सली घटनाओं में कमी आई है। हमें स्थानीय लोगों को ज़्यादा

ग्रामनेट के जरिये वाई-फाई से जल्द जुड़ेंगे सभी गांव : संचार राज्य मंत्री

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ग्रामनेट के जरिये सभी गांव में वाई-फाई उपलब्ध कराया जाएगा, जिसकी कनेक्टिविटी 10 एमबीपीएस से 100 एमबीपीएस गति के बीच होगी।  नई दिल्ली में  सी-डॉट के 36वें स्थापना दिवस समारोह में संचार राज्य मंत्री  संजय शामराव धोत्रे ने कहा कि भारतनेट 01 जीबीपीएस कनेक्टिविटी उपलब्ध करा रहा है, जिसे 10 जीबीपीएस तक बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज सी-डॉट के. जारी होने वाले एक्सजीएसपीओएन से इस लक्ष्य को प्राप्त करने में बहुत सहायता होगी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर यह बापू को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जिनका सपना था कि भारत के गांव आत्मनिर्भर बनें। संचार राज्य मंत्री के अनुसार, सी-डॉट की सी-सैट-फाई प्रौद्योगिकी से भारत के लोग, खासतौर से गांव और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को फायदा होगा। इसके जरिये उन्हें टेलीफोन और वाई-फाई सुविधाएं मिलेंगी। इस प्रौद्योगिकी से देश के सभी भागों में यह सुविधा सभी मोबाइल फोनों पर उपलब्ध होगी। नई प्रौद्योगिकी से सुदूर स्थानों पर रहने वाले लोग उपग्रह के जरिये संपर्कता प्राप्त करके मुख्यधारा में आ जायेंगे। इन स्थानों पर फाइबर लाइन बिछाना कठि

वह एक सुंदर, अध्ययनशील और परिश्रमी लड़की थी, सेवा भावना ने उन्हें मदर टेरेसा के नाम से मशहूर किया

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मदर टेरेसा के अनुसार सेवा का कार्य एक कठिन कार्य है और इसके लिए पूर्ण समर्थन की आवश्यकता है। खुद को लोगों की सेवा में लीन कर देने वाली मदर टेरेसा का नाम कौन नहीं जानता। आज उनका जन्म दिवस है। 26 अगस्त 1910 को स्कॉप्जे में मदर टेरेसा ने जन्म हुआ था।   स्कॉप्जे अब मेसिडोनिया में है। मदर टेरेसा के पिता निकोला बोयाजू एक साधारण  व्यवसायी थे। मदर टेरेसा का वास्तविक नाम अगनेस  गोंझा बोयाजू था। अल्बेनियन भाषा में गोंझा का अर्थ फूल की कली होता है।      वह एक सुंदर अध्ययनशील और परिश्रमी लड़की थी। पढ़ाई के साथ साथ गाना उन्हें बेहद पसंद था। ये और इनकी बहन पास के गिरजाघर में मुख्य  गायिकाएं थीं। 18 वर्ष की उम्र में उन्होंने सिस्टर्स ऑफ लेरेटो में शामिल होने का फैसला ले लिया। वह रोमन कैथोलिक नन थी।  उन्होंने 1948 में स्वेच्छा से भारतीय नागरिकता ले ली और 1950 में कोलकाता में मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना की। 1981 में उन्होंने अपना नाम बदल कर टेरेसा रख लिया और आजीवन सेवा का संकल्प ले लिया। टेरेसा के अनुसार सेवा का कार्य एक कठिन कार्य है और इसके लिए पूर्ण समर्थन की आवश्यकता है।       मदर टेरेसा की स

कर्तव्यों से बंधी, एक बंजारन देखा, मिटा रही श्रम से,किस्मत की काली रेखा

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आज 26 अगस्त को विमेन्स इक्वलिटी डे के रूप में मनाया जाता है। दरअसल, इस दिन 1920 में अमेरिकी महिलाओं को वोट करने का संवैधानिक आधिकार मिला था। यानि महिला पुरूष को बराबर अधिकार। महिला -पुरूष बराबरी की बात पूरे विश्व में की जाती रही है।  आखिर क्यों न हो, आज कोई क्षेत्र ऐसा नहीं जहाँ केवल पुरूष हैं, और महिलाएँ नहीं है। हर मुकाम हासिल किया है। लेकिन क्या इस मुकाम की चर्चा में उस महिला के भी उदाहरण दिये जाते हैं, जो खेत- खलिहानों में, बनते मकानों में मैली-कुचली वस्त्रों में लिपटी, घोर परेशानियों में उलझी, जिम्मेदारियों को बांटती अथक परिश्रम करती हैं…न जाने हम सबने यह दृश्य कई बार देखा होगा, मगर अक्सर नजरअंदाज़ कर दिया। आज महिला बराबरी दिवस पर कुछ खास चर्चा एक आम महिला के नाम। यूँ ही किसी राह गुजरते एक महिला की कर्तव्य निष्ठा और समर्पण देखकर हृदय गदगद और नेत्र द्रवित हो गए। "एक कृशकारे महिला को अपनी पीठ पर दो या ढाई महीने के शिशु को  कपड़े से बांधे जून की तपती दुपहरी में दुनिया से बेखबर सिर पर सीमेंट का तसला रख लकड़ी की सीढ़ी पर चढ़कर अपने कर्तव्यों की संविदा को स्नेह व माता की अग्नि मे

पाकिस्तान से आये अंतरराष्ट्रीय नगर कीर्तन का बिहार उद्योग मंत्री ने किया स्वागत 

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बिहार के उद्योग मंत्री श्याम रजक ने गुरु नानक देव जी महाराज के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित पाकिस्तान के ननकाना साहिब से चलकर पटना साहिब गुरुद्वारा पहुंचे अंतरराष्ट्रीय नगर कीर्तन के शिख श्रद्धालुओं का स्वागत किया तथा राजगीर स्थित श्री शीतल कुंड गुरुद्वारा के लिए रवाना किया। इस दौरान उन्होनें हरमंदिर जी पटना साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेका और वाहे गुरु जी का आशीर्वाद लिया।  रजक ने कहा कि गुरु नानक देव जी की जन्मस्थली ननकाना साहिब (पाकिस्तान) से पहली बार निकली नगर कीर्तन यात्रा भारत आई है, यह हर्ष का विषय है। गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व को लेकर लोगों के बीच उत्साह व उमंग का वातावरण है। समारोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। नगर कीर्तन यात्रा भारत के कोने-कोने का भ्रमण करते हुए तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब पंहुचा है।  हमने इसका स्वागत किया तथा राजगीर शीतलकुंड गुरुद्वारा के लिए रवाना किया। फिर भारत के अन्य नगरों का भ्रमण करते हुए सौ दिनों की यह अंतरराष्ट्रीय नगर कीर्तन यात्रा कार्तिक पूर्णिमा को पंजाब के सुलतानपुर लोधी में संपन्न हो जाएगी। श्याम रजक ने कहा कि

भारतीय रेलवे पर्यावरण को प्‍लास्टिक के खतरे से बचाने के लिए एकल उपयोग वाले प्‍लास्टिक पर लगाएगी प्रतिबंध 

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भारतीय रेलवे ने पर्यावरण को प्‍लास्टिक के खतरे से बचाने के लिए पहल करते हुए एक बार फिर इस दिशा में अगुवाई की है। रेल मंत्रालय ने रेलवे की सभी यूनिटों को 02 अक्‍टूबर, 2019 से 50 माइक्रॉन से कम मोटाई वाले एकल उपयोग वाले प्‍लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। प्‍लास्टिक के कचरे के सृजन को न्‍यूनतम स्‍तर पर लाने और इसके पर्यावरण अनुकूल निपटारे की व्‍यवस्‍था करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस संबध में रेल मंत्रालय ने एक सर्कुलर जारी कर निम्‍नलिखित निर्देशों को 02 अक्‍टूबर, 2019 से लागू करने की बात कही है :-  एकल या एकबारगी उपयोग वाली प्‍लास्टिक सामग्री पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।   सभी रेलवे वेंडरों को प्‍लास्टिक के बैग का उपयोग करने से बचना होगा।  कर्मचारियों को प्‍लास्टिक उत्‍पादों का उपयोग कम करना चाहिए, प्‍लास्टिक उत्‍पादों की रिसाइक्लिंग कर इसका फिर से इस्‍तेमाल करना चाहिए और इसके साथ ही फिर से उपयोग में लाए जा सकने वाले सस्‍ते बैगों का उपयोग करना चाहिए, ताकि प्‍लास्टिक के स्‍टॉक में कमी आ सके।  आईआरसीटीसी विस्‍तारित उत्‍पादक जिम्‍मेदारी के हिस्‍से के रूप में प्‍लास्ट

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत एक बहुत शक्तिशाली देश के रूप मे उभरा है- रूबी फोगाट यादव

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मिसेज यूनिवर्स 2015 (पश्चिम एशिया),  मिसेज इंडिया क्वीन 2013 और  भारतीय जनता पार्टी की कार्यकारी समिति सदस्य रूबी फोगाट यादव ने कहा कि  भारत के प्रधानमंत्री मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह  के नेतृत्व में  जब से कश्मीर से अनुच्छेद 370 व 35 A हटाया है, तभी से पाकिस्तान बहुत घबराया हुआ है और अब जबकि भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी न्यूक्लियर बम की पॉलसी 'नो फ़र्स्ट यूज़' में बदलाव की बात कही है तब से पाकिस्तान बहुत अधिक बौखला गया है। पाकिस्तान ये अच्छी तरह जानता है कि अगर भारत पर परमाणु हमला होता है तो उस हमले को विफल करने के पुख़्ता इंतज़ाम भारत के पास हैं। क्योंकि भारत के पास ऐसा सुरक्षा कवच है जो देश की अस्मिता, देश की शान समझे जाने वाले शहरों को साल के 365 दिन और 24 घंटे सुरक्षा देता है। भारत में ऐसा एडवांसड एयर डिफेंस सिस्टम हैं, जो भारत की ओर बढ़ती हुई किसी भी न्यूक्लियर मिसाइल को हवा में ही ध्वस्त करने में सक्षम है। भारत में ऐसी 'एयर डिफेंस शील्ड' है जो दुनिया के चुनिंदा, महत्वपूर्ण व बड़े शहर जैसे वाशिंगटन DC, मॉस्को को सुरक्षा कवच देती है। भारत की “एयर डि

जयपुर में शुरू हो रहे हुनर हाट मेले में  भाग ले रहे हैं 200 से अधिक दस्तकार और  शिल्पकार

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केन्‍द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा 24 अगस्त से 01 सितम्बर तक जयपुर में  'हुनर हाट' का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन  राजस्थान के मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत और केन्‍द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री  मुख्तार अब्बास नकवी जयपुर के जवाहर कला केन्‍द्र में 25 अगस्त को करेंगे। जयपुर में आयोजित किये जा रहे देश भर के हुनर के उस्तादों के मेले में बड़ी संख्या में महिला कारीगरों सहित देश के हर कोने से 200 से अधिक दस्तकार, शिल्पकार, खानसामे भाग लेंगे। मुख्तार अब्बास  नकवी ने इस बारे में कहा कि 'हुनर हाट' दस्तकारों, शिल्पकारों, खानसामों को रोजगार और रोजगार के अवसर मुहैया कराने में एक मजबूत अभियान साबित हुआ है। पिछले लगभग 3 वर्षों में 'हुनर हाट' के माध्यम से 2 लाख 40 हजार से अधिक लोगों को रोजगार और रोजगार के अवसर मुहैया कराये गए हैं।  नकवी ने कहा कि 'हुनर हाट', भारतीय दस्तकारों-शिल्पकारों की "स्वदेशी ताकत" की प्रामाणिक पहचान है। 'हुनर हाट', देश के दस्तकारों-शिल्पकारों के "सम्मान के साथ सशक्तिकरण" का विश्वसनीय ब्रांड बन गया है। ज

अगस्त से जीवन और मृत्यु का नाता है चाचा चौधरी के रचयिता का

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समय बीतने और बदलने के दौरान बचपन, जवानी और बुढ़ापे की जीवनशैली में बहुत बदलाव आ गया है। बचपन ने खिलखिलाना छोड़ दिया, जवानी पैसे की दीवानी हो गई और बुढ़ापा आसरे की तलाश मे है। 21वीं सदी के इस भारत में बदलाव शायद ही किसी को पसंद आ रहा है। दोष सोशल मीडिया का कितना है, कह नहीं सकते, क्योंकि इस बदलाव को हम सबने इतनी जल्दी स्वीकार कर लिया कि जैसे पुरानी बातें, आदतें परियों की कहानी सी हो गई। उन्हीं में से एक कहानी है, चाचा चौधरी की। वो लोग जो आज 40-50 की उम्र जी रहे हैं, अपने बचपन में झांके तो उन्हें भी चाचा चौधरी बखूबी याद होंगे।  कार्टून से सजे चरित्र एवं संवाद से रचित कॉमिक्स,जिसे हम चाचा चैधरी के नाम से जानते थे, किसी समय में बेहद लोकप्रिय रहा। क्या बच्चे , और क्या बड़े, सबके लिये वो कामिक्स मनोरंजन का मसाला था। इस कॉमिक्स के सारे पात्रों में एक सजीवता थी। कम्प्युटर से भी तेज दिमाग वाले चाचा चौधरी कॉमिक्स के साथ पढ़ने वालों के भी सारी समस्याओं का समाधान कर देते थे। उनपर भरोसा इतना था कि इन दिनों टीवी पर चल रहे लोकप्रिय धारावाहिक 'सीआइडी' भी मुश्किलों का हल इतनी तेजी से नहीं न

'द डायरी ऑफ मनु गांधी' के अंग्रेजी अनुवाद से महात्मा गांधी के जीवन को दुनियाँ में जानना होगा आसान

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केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रहलाद सिंह पटेल ने नेहरू स्‍मारक संग्रहालय एवं पुस्‍तकालय के सभागार में आयोजित एक समारोह में 'द डायरी ऑफ मनु गांधी' (1943-44) पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्‍तक  महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार द्वारा ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस के सहयोग से प्रकाशित की गई है। इस अवसर पर अपने संबोधन में संस्कृति मंत्री ने कहा कि डायरी लेखन की कला किसी व्यक्ति के स्वत: अनुशासन की सर्वोच्च सीमा होती है और डायरी लेखन की प्रवृत्ति एक साधारण व्यक्ति को विशेष व्यक्ति में परिवर्तित करती है। पटेल ने डायरी ऑफ मनु गांधी के अंग्रेजी में अनुवाद के लिए राष्ट्रीय अभिलेखागार, डॉ. त्रिदीप सुह्रद और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस के प्रयासो की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस अनुवाद से संपूर्ण विश्व को डायरी ऑफ मनु गांधी के द्वारा महात्मा गांधी के जीवन को जानने में सहायता मिलेगी। उन्होंने राष्ट्रीय अभिलेखागार से डायरी ऑफ मनु गांधी को अन्य भारतीय भाषाओ में अनुवाद करने का अनुरोध भी किया जिससे इस पुस्तक की ख्याति पूरे भा

बिहार के पैसों से केवल महाराष्ट्र, गुजरात के उद्यमियों को ही लोन मिले, ऐसा नहीं होगा - उद्योग मंत्री बिहार

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    बिहार के उद्योग मंत्री श्याम रजक ने कहा कि बिहार के तमाम बैंकों में बिहारवासियों का लगभग 3 लाख करोड़ रुपया जमा है। वहीं क्रेडिट मात्र 1लाख 20 हजार करोड़ रुपया है। जबकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार सीडी रेसीओ कम से कम 60 प्रतिशत होना चाहिए लेकिन बिहार का सीडी रेसीओ 40 प्रतिशत से भी कम है। जबकि महाराष्ट्र, चंडीगढ़, गुजरात, दिल्ली, तमिलनाडु में सीडी रेसीओ लगभग 100 प्रतिशत या कहीं कहीं उससे भी अधिक है। बिहार के पैसों से महाराष्ट्र का विकास हो, गुजरात का विकास हो, सिर्फ वहां से उद्यमियों को ही लोन मिले ऐसा नहीं होगा। इसे जल्द से जल्द ठीक किया जाए।         उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के अंतर्गत 4604 स्वीकृत आवेदन अभी तक बैंकों के स्तर पर वितरण के लिए लंबित है। आखिर इतना बड़ा गैप क्यों। इसके अलावा प्रधानमंत्री बुनकर मुद्रा योजना (2018-19) के अंतर्गत बिहार के विभिन्न जिला उद्योग केंद्रों के द्वारा 184 आवेदनों की अनुशंसा कर बैंकों को भेजा गया था, जिसमें सिर्फ 4 बुनकरों को ही बैंकों द्वारा मुद्रा कार्ड स्वीकृति किया गया, आखिर ऐसा क्यों हुआ। अगर बैंकों

प्याज की जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी के खिलाफ कठोर कदम  उठा सकती है सरकार

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प्याज अपने कई रूपों में फायदेमंद है, कभी स्वाद के लिये तो कभी स्वास्थ्य के लिये। लेकिन यही प्याज अपनी कीमत को लेकर दिल्ली वालों को एक बार फिर रूलाने की मुद्रा में है। इसकी खुदरा कीमत कहीं 40 तो कहीं 50 रूपये प्रति किलो हो गई है, जो किचन में इसकी जगह कम कर रहा है।   प्याज की कीमत नियंत्रण में रहे, इसके लिये उपभोक्‍ता मामलों के विभाग (डीओसीए) ने सभी संबंधित हितधारकों के साथ एक उच्‍चस्‍तरीय बैठक में दिल्‍ली में प्‍याज की कीमतों से उत्‍पन्‍न हालात की समीक्षा की।  हितधारकों में नैफेड के प्रबंध निदेशक, एनसीसीएफ के प्रबंध निदेशक, 'सफल' और अन्‍य शामिल थे। 'सफल' द्वारा खुदरा बिक्री के लिए प्‍याज को मौजूदा समय में सरकारी स्‍टॉक से उपलब्‍ध कराया जा रहा है। यह सरकारी स्‍टॉक मूल्‍य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के तहत बनाया गया है। यह निर्णय लिया गया कि 'सफल' में प्‍याज के खुदरा मूल्‍य को 23.90 रुपये प्रति किलो (ग्रेड-ए की किस्‍म के लिए) से ज्‍यादा बढ़ने नहीं दिया जाएगा। यही कीमत 21 अगस्‍त, 2019 को 'सफल'के विक्रय केन्‍द्रों पर रही। इसके लिए 'सफल'उसी दर पर सरका

खेल के क्षेत्र में सबसे शानदार प्रदर्शन करने वाले बजरंग पुनिया और दीपा मलिक को राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार

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  29 अगस्त, 2019 को राष्ट्रपति भवन में विशेष रूप से आयोजित समारोह में राष्ट्रपति खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये पुरस्कार विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगे। इन पुरस्कारों में राजीव गान्धी खेल रत्न पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार, अर्जुन पुरस्कार, ध्यानचंद पुरस्कार, राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद (एमएकेए) ट्रॉफी शामिल हैं। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार चार वर्ष की अवधि के दौरान खेलों के क्षेत्र में सबसे शानदार और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को दिया जाता है। अर्जुन पुरस्कार 4 वर्षों के दौरान लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए दिया जाता है। द्रोर्णाचार्य पुरस्कार प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में पदक विजेता तैयार करने वाले कोच को प्रदान किया जाता है। खेलों के विकास में जीवन पर्यन्त योगदान देने के लिए ध्यानचंद पुरस्कार दिया जाता है। कॉरपोरेट संस्थाओं (निजी और सार्वजनिक क्षेत्र दोनों में) और उन व्यक्तियों को राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार दिया जाता है जिन्होंने खेलों के प्रोत्साहन और विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

महिला कॉलेज के संस्कृत कार्यक्रम में विकल्प मीमांसा की चर्चा

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हर वर्ष की तरह इस बार भी मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार 12 अगस्त से 19 अगस्त तक संपूर्ण भारत में राष्ट्रीय संस्कृत सप्ताह का आयोजन किया गया। यह आयोजन   झारखंड के चाईबासा में स्थित महिला कॉलेज  में भी हुआ, जिसमें लगभग 150 बालिकाओं ने संस्कृत के अलग-अलग कार्यक्रमों में भाग लिया। इस कॉलेज में संस्कृत सप्ताह का आयोजन 16 से 19 अगस्त के बीच किया गया जिसमें संस्कृत नाटक, संस्कृत गीत, नृत्य, मंत्रोच्चारण, संस्कृत संभाषण, वार्ता, चित्रांकन प्रतियोगिता, रूप सज्जा प्रतियोगिता जैसे कई कार्यक्रमों का समावेश रहा। इस अवसर पर बी.एड. संकाय की शिक्षिका डॉक्टर पुष्पा कुमारी ने कहा कि संस्कृत हमारे देश की पहचान है। हमारे देश के सभी ग्रंथों की मूल रचना संस्कृत में है। संस्कृत सप्ताह कार्यक्रम के आयोजन में अपनी मुख्य भूमिका निभाने वाले संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉक्टर निवारण महाथा ने कहा कि यह क्षेत्र जहाँ क्षेत्रीय भाषाओं का ही चलन है, वहाँ संस्कृत को लेकर इस तरह के रूझान सराहनीय है। उन्होंने कहा कि हमारी बच्चियों को अपने नाम का संस्कृत में उच्चारण पता है, और वह काफी हद तक संस्कृत

देश के दस शहरों में स्टार्टअप एलिवेटर पिच सीरीज शुरू कर रहा है एसोचैम

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7 सितंबर 2019 से उद्योग मंडल एसोचैम देश के दस शहरों में स्टार्टअप एलिवेटर पिच सीरीज शुरू कर रहा है, जो नये उद्यमियों को उनके ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग और प्रौद्योगिकी भागीदारों के लिए एक मंच प्रदान करेगा। इस बारे में मीडिया के साथ बात करते हुए एसोचैम नेशनल काउंसिल के अध्यक्ष अनिल खेतान, सह अध्यक्ष आशीष अग्रवाल एवं तृप्ति एस. सिंहल ने कहा कि "इस अनूठी पहल के माध्यम से स्टार्टअप एवं संभावित स्टार्टअप वाले व्यक्ति, अपने क्षेत्र के शीर्ष पेशेवरों के साथ नेटवर्क बनाने और खुद के लिए व्यापार या धन के अवसर पैदा करने में सक्षम होंगे,"। अनिल खेतान ने कहा कि यह अवसर शुरुआती चरण के स्टार्टअप के लिए 0-2 साल के परिचालन के लिए उपलब्ध होगा। बड़े पैमाने पर बढ़ने के इच्छुक लोगों को वित्त या प्रौद्योगिकी बढ़ाने के लिये उद्यमियों, पूंजीपतियों, या दुनियां के स्वतंत्र पेशेवरों के साथ मार्केटिंग साझेदारी का अवसर मिलेगा। एलीवेटर प्रोग्राम, 2-5 वर्षों के बीच स्थापित स्टार्टअप के लिए भी है। एसोचैम स्टार्टअप लिफ्ट पिच सीरीज 7 सितंबर से जनवरी 2020 के बीच 12 शहरों में शुरू की जाएगी। यह शहर जयपुर

22 अगस्त 2019 को दुनिया के सबसे बड़े अध्‍यापक शिक्षा कार्यक्रम की शुरुआत

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स्‍कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की सचिव रीना रे ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय 22 अगस्‍त, 2019 को दुनिया के सबसे बड़े अध्‍यापक शिक्षा कार्यक्रम की शुरुआत करेगा। इस कार्यक्रम का नाम निष्‍ठा (नेशनल इनिशिएटिव ऑन स्‍कूल टीचर्स हेड हॉलिस्टिक एडवांसमेंट) है। इस मिशन के तहत 42 लाख अध्‍यापकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। भारत के विकास के लिए यह आवश्‍यक है कि शिक्षकों के कौशल को निरंतर बेहतर बनाया जाए। हम लोगों ने पूरे देश के 15 लाख स्‍कूलों की पहचान की है। इसके अलावा 19,000 अध्‍यापक प्रशिक्षण संस्‍थानों की मैपिंग करके गूगल अर्थ पर अपलोड किया गया है। आज भारत में 85 लाख शिक्षक हैं, जो फिनलैंड की आबादी से अधिक हैं। गौरतलब है कि 17 अगस्त को 2019 को नई दिल्‍ली में राष्‍ट्रीय अध्‍यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के रजत जयंती समारोह के अंतर्गत अंतरराष्‍ट्रीय सम्‍मेलन, 'जर्नी ऑफ टीचर एजुकेशन: लोकल टू ग्‍लोबल'का उद्घाटन किया गया, इस दो दिवसीय सम्‍मेलन में भारत और अन्‍य देशों के 40 से अधिक विशेषज्ञ, अध्‍यापक शिक्षा की वर्तमाान स्थिति, शिक्षण में नवाचार, शिक्षण में सूचना और संचार प्रौ़द्योगिकी क

नक्सलवाद को लेकर अनेक बातें कही गईं, लेकिन यह नहीं बताया गया कि छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ा खतरा कुपोषण से है-छत्तीसगढ मुख्यमंत्री

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हाल ही में दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 'नए नेतृत्व में बदलते छत्तीसगढ़' विषय पर आयोजित व्याख्यान में बोल रहे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा-जिन लोगों को उल्टे चश्मे से देखने की आदत थी, वो प्रदेश की 2 करोड़ आबादी का भला कैसे करते? उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में देश के क्षेत्रफल का 24.4 फीसदी वन हैं। इस्पात, सीमेंट, टीन, एल्यूमिनियम उत्पाद में देश में अग्रणी है। बॉक्साइट का प्रचूर भंडार है हमारे पास। टीन उत्पाद में देश इकलौता राज्य है। मुझे यह कहते हुए गर्व है कि, छत्तीसगढ़ आज भी जनसंख्या के विस्फोट से बचा हुआ है। मेरा यह सवाल है कि इतनी सारी विशेषताओं के बावजूद छत्तीसगढ़ में 5 साल से कम उम्र के 37.60 फीसदी बच्चे कुपोषित क्यों रह गए? इतने सारे संसाधनों के बावजूद छत्तीसगढ़ में 15 से 49 वर्ष की 41.50 प्रतिशत माताएं एनिमियां से पीड़ित हैं? मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आंकड़े मेरे बनाए हुए नहीं हैं, बल्कि भारत सरकार के अंतर्गत काम करने वाले नीति आयोग ने जारी किया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ में 15 वर्ष पुरानी सरकार को जब जनता ने नकारा तो उसके पीछे सबसे बड़ा कारण अपनी स्थ

देश के आठवें उपराष्ट्रपति और नौवें राष्ट्रपति रहे डॉक्टर शंकर दयाल शर्मा

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19 अगस्त यानि आज देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर शंकर दयाल शर्मा का जन्म दिवस है। आज ही के दिन इनका जन्म भोपाल में 1918 को हुआ। इनके सिलसिलेवार सफर की बात करें तो 1940 के दशक में ये भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हो गए। इसके लिये इन्होंने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ले ली। 1952 से 1956 तक ये भोपाल के मुख्यमंत्री रहे। तब भोपाल का विलय अन्य राज्यों में कर मध्यप्रदेश की रचना हुई। 1960 के दशक में इन्होंने इन्दिरा गांधी को कांग्रेस के नेतृत्व प्राप्त करने में सहायता दी। 1972 से 1974 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे। 1974 से 1977 तक ये केन्द्र सरकार के संचार मंत्री रहे। 1985 से 1986 तक ये पंजाब के राज्यपाल रहे। अंतिम बार राज्यपाल का दायित्व डॉ. शंकरदयाल ने 1985 से 1987 तक महराष्ट्र में निभाया। ये भारत के आठवें उपराष्ट्रपति रहे एवं नौंवे राष्ट्रपति के रूप में पदासीन हुए।      इन्हें लखनऊ विश्वविद्यालय से समाज सेवा में चक्रवर्ती स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने इन्हें मानद डॉक्टर ऑफ लॉ की डिग्री देकर सम्मानित किया। इनका विवाह विमला शर्मा से हुआ। 9 अक्टूबर

सीबीएसई सीटीईटी के 13वें संस्करण का  करेगा आयोजन 

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 08-12-2019 (रविवार) को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी)के 13वें संस्करण का आयोजन करेगा। यह परीक्षा देश के 110 शहरों में 20 भाषाओं में आयोजित की जाएगी। परीक्षा, पाठ्यक्रम, भाषा, पात्रता मानदंड, परीक्षा शुल्क, परीक्षा केन्द्र शहरों और महत्वपूर्ण तिथियों के विवरण सहित विस्तृत सूचना बुलेटिन सीटीईटी की आधिकारिक वेबसाइट www.ctet.nic.in  पर 19-08-2019 से उपलब्ध होगा। इच्छुक उम्मीदवार  केवल उपरोक्त सूचना वेबसाइट से ही सूचना बुलेटिन डाउनलोड करें और आवेदन करने से पहले इसे ध्यान से पढ़ें। इसके लिये उम्मीदवारों को केवल सीटीईटीवेबसाइट www.ctet.nic.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 19-08-2019 से शुरू होगी। ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 18-09-2019 है और शुल्क का भुगतान 23-09-2019 को अपराह्न 15.30 बजे तक किया जा सकता है।

बिहार के उद्योग मंत्री ने देश भर के उद्योगपतियों से किया बिहार में उद्योग लगाने का आह्वान

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बिहार के उद्योग मंत्री ने कहा कि बिहार उद्योग में विकास की सभी संभावनाए है। बिहार सरकार की  नीति से  यकीनन बिहार में उद्योगों का विकास होगा। आज बिहार में संपदा व संभावनाओं का अपार भंडार है , एवं  बिहार विकास के लिए पूर्ण रूप से सज्ज है।  बिहार सरकार हर क्षेत्र में रोजगार हेतु सभी साथ कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।  राज्य में खेती,उद्योग, टूरिज्म ,शिक्षा ,आरोग्य सेवा , आईटी के क्षेत्र में रोजगार हेतु रूपरेखा तैयार की गई है, यही वजह है कि राज्य से पलायन आज कम हुआ है। उद्योग मंत्री श्याम रजक ने यह भी कहा कि पहले से बिहार और आज में बिहार में आसमान जमीन का अंतर है। आज क्राइम के मामले में बिहार के आंकड़े अन्य राज्यों से बहुत कम है। आज बिहार में बिजली की भी कोई संकट नहीं है। गाँव गाँव तक पक्की सड़क बन गयी है। ऐसे में लोगों को पुरानी विचार धारा से निकलकर नए बिहार को देखने को जरूरी है। उन्होंने देशभर से उद्योग लगाने के उद्देश्य से उद्योगपतियों व कंपनियों को बिहार में आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कौटिल्य के बिहार को पुनः स्थापित करने का काम बिहार की सरकार कर रही है, जिसमें पूरे देश में

केरल के तिरुर के पान के पत्‍ते सहित तीन अन्य उत्पादों को मिला जीआई टैग

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    हाल ही उद्योग एवं आंतरिक व्‍यापार संवर्धन विभाग ने में 4 नये भौगोलिक संकेतकों (जीआई) को पंजीकृत किया है। तमिलनाडु राज्य के डिंडीगुल जिले के पलानी शहर के पलानीपंचामिर्थम, मिजोरम राज्य के तल्लोहपुआन एवं मिजोपुआनचेई और केरल के तिरुर के पान के पत्‍ते को पंजीकृत जीआई की सूची में शामिल किया गया है। केरल के तिरुर के पान के पत्‍ते की खेती मुख्‍यत:तिरुर, तनूर, तिरुरांगडी, कुट्टिपुरम, मलप्पुरम और मलप्‍पुरम जिले के वेंगारा प्रखंड की पंचायतों में की जाती है। इसके सेवन से अच्‍छे स्‍वाद का अहसास होता है और इसके साथ ही इसमें औषधीय गुण भी हैं। आम तौर पर इसका उपयोग पान मसाला बनाने में किया जाता है और इसके कई औषधीय, सांस्‍कृतिक एवं औद्योगिक उपयोग भी हैं।   जीआई टैग या पहचान उन उत्‍पादों को दी जाती है जो किसी विशिष्‍ट भौगोलिक क्षेत्र में ही पाए जाते हैं और उनमें वहां की स्‍थानीय खूबियां अंतर्निहित होती हैं। दरअसल जीआई टैग लगे किसी उत्‍पाद को खरीदते वक्‍त ग्राहक उसकी विशिष्‍टता एवं गुणवत्‍ता को लेकर आश्‍वस्‍त रहते हैं। तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले के पलानी शहर की पलानी पहाडि़यों में अवस्थित अरुल्

जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में है अर्थशास्त्र की उपयोगिता

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दसवीं की परीक्षा पास करते ही छात्रों के सामने एक बड़ी उलझन सामने आ जाती है, विषयों के चयन की। आखिर ऐसा कौन सा विषय लिया जाए जो सफलता के क्षेत्र में सबसे आसान सीढी का काम करे। जिसमें भविष्य बनाने के बड़े अवसर हों। अधिकतर छात्र एवं अभिभावक साइंस (विज्ञान) विषयों में सुनहरा भविष्य तलाशते हैं। डॉक्टर, इंजीनियर बनने और बनाने की तमन्ना रखते हैं। कई बच्चे इन विषयों में फिट बैठते हैं, जबकि कईयों का इन विषयों से जुड़ाव नहीं होता। ये बच्चे आर्टस(कला) के क्षेत्र में अपना भविष्य तलाशते हैं, क्योंकि उनका आकर्षण इन्हीं विषयों में होता है। हमारे मध्यमवर्गीय समाज में आर्ट्स के विषय को लेकर एक मिथ्या यह भी है कि जो बच्चे पढ़ने में कमजोर होते हैं, और जिनका साइंस विषय बेहतर नहीं है, वही आर्ट्स में कैरियर तलाश करते हैं, जिसमें सफलता के बहुत कम रास्ते हैं। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। यह तो विषयों से जुड़ाव की बात है। हर विषय में भविष्य है, अगर उसे गंभीरता, सूझ-बूझ और गहराई से अपनाया गया है। इसके लिये जरूरी है कि कैरियर बनाने के लिये जिस विषय को लेने की सोच रहे हैं, उसकी हमें पूरी जानकारी हो। यहाँ हमने

भारत केन्द्रित शिक्षा पर आयोजित होगा ज्ञानोत्सव

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  शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के तत्वावधान में होने जा रहा ज्ञानोत्सव-2076 देश में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन व प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विषयों पर केन्द्रित होगा।   वर्तमान में मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देश में 'नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति' का प्रारूप प्रस्तुत किया गया है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के सन्दर्भ में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का स्पष्ट मत है कि सरकार नीति के क्रियान्वयन की उचित योजना बनाये और शासन, प्रशासन एवं शिक्षा क्षेत्र के लोग सभी अपने-अपने स्तर पर एवं संयुक्त रूप से क्रियान्वयन का प्रयास करें तभी शिक्षा नीति वास्तविक रूप से सफल होगी।   इसी उद्देश्य से 'ज्ञानोत्सव 2076' में 17 अगस्त को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन एवं न्यास द्वारा शिक्षा में परिवर्तन हेतु उठाये गये आधारभूत बिंदुओं के क्रियान्वयन केंद्रित विमर्श होगा। जिसमे मुख्यतः शिक्षा की गुणवत्ता, मूल्यपरक शिक्षा, मातृभाषा में शिक्षा, नवाचार, छात्रों का व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण तथा शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश जैसे विष

15 अगस्त में खास है राखी संयोग

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स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन दोनों प्रेम का प्रतीक है। जहां स्वतंत्रता दिवस देश प्रेम की भावना जागृत करता है वहीं रक्षाबंधन प्रेम की डोरी से दिलों का बांधता है। इस वर्ष 2019 में प्रेम से परिपूर्ण यह दोनों पर्व संजोगवश एक साथ है।   रक्षाबंधन राखी का त्यौहार है और 15 अगस्त 1947 भारत की आजादी की घोषणा हुई थी। इन दोनों के संजोग के बीच  यह दिन एक खास शख्सियत की भी याद दिलाता है। दरअसल, 15 अगस्त 1947 को भारत की आजादी की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के राणाघाट में एक बंगाली परिवार में राखी का जन्म हुआ था। राखी  हिंदी फिल्मों की जानी-मानी अभिनेत्री हैं। 1967 में राखी ने बांग्ला फिल्म बधु बारन से अपने फिल्मी सफर शुरू की और 1970 में फिल्म जीवन मृत्यु से हिंदी फिल्म में कदम रखा। राखी ने चार दशकों के अभिनय के सफर में हिंदी फिल्मों के साथ कई बंगला फिल्मों में अपनी सफल अभिनय की अमिट छाप छोड़ी हैं। इन्होंने तीन फिल्म फेयर पुरस्कार और एक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता है।      राखी विख्यात फिल्म निर्देशक, कवि एवं गीतकार गुलजार की पत्नी हैं।

आजादी के लिये एक जिले का संघर्ष

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जंगे आजादी में लखीमपुर खीरी का बहुत योगदान रहा है बस फर्क सिर्फ इतना है कि आजादी से पूर्व जिला मुख्यालय लखीमपुर खीरी न होकर मोहम्मदी हुआ करता था। अंग्रेजों ने इस जनपद के पड़ोसी देश नेपाल से सटे होने के कारण सीमा से दूर मोहम्मदी को जिला मुख्यालय बनाया। सन 1857 में जंगे आजादी को लेकर हुए संघर्ष में शाहजहाँपुर का पतन और मोहम्मदी के मौलवी अहमदशाह की हत्या दोनों समाचार आजादी के योद्धाओं के लिए कष्टकारी थे। उधर शाहजहाँपुर से मोहम्मदी आई सेना ने यहां का किला उखाड़ दिया और मोहम्मदी पर कब्जा कर जिला। वे मुख्यालय बनाकर यहीं से अपनी कार्य प्रणाली चलाते थे। जे0पी0 कालेज के पीछे खंडहर का रूप ले चुका किला आज भी इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। बावजूद इसके यहां के लोगों ने साहस नही छोड़ा। लगभग एक वर्ष तक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चुप बैठ कर अपनी रणनीति बनाते रहे। इसी बीच 16 अक्टूबर 1858 को शाहजहांपुर के ब्रगेडियर कोलेनटूप बहुत भारी सेना लेकर मोहम्मदी की ओर बढ़े। इसी दिन की तलाश में समय साल भर शांत बैठे क्रान्तिकारियों ने सेना पर पीछे से आक्रमण कर दिया। इसी बीच अंग्रेज की एक सेना औरंगाबाद होते हुए मितौल

त्रासदी की रात्रि से सुख के प्रभात तक

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15 अगस्त 1947 हमारे लिये इतिहास का दुःख-सुखान्त मोड़ है। 14/15 अगस्त की आधी रात्रि जब हम दिल्ली में स्वतंत्र भारत के सपने को पूर्ण होता देख रहे थे, उसी समय भारत माँ खण्ड-खण्ड हो चुकी थी।  एक  कटकर पश्चिमी पाकिस्तान और दूसरा कटकर पूर्वी पाकिस्तान 'अब बंगलादेश' बन गया था। पश्चिमी और पूर्वी छोर लहूलुहान थे जो कल तक अपना आँगन था वहाँ आज विदेश बन गया है। दिल्ली में रोशनी थी, लेकिन शेष देश में अंधेरा था। दिनकर जी ने लिखा ''सकल देश में हालाहल है दिल्ली में हाला है, दिल्ली में रोशनी, शेष भारत में अँधियारा है।" उस रात दिल्ली में रिमझिम  बरसात हो रही थी शायद भारत माँ दर्द से कराहती हुई रो रही थी। महात्मा गाँधी 15 अगस्त को दिल्ली में नहीं थे, वे नौवाखाली (बंगाल) में थे। विभाजन के दर्द से कराहते भारतीयों के आँसू पोंछने की कोशिश कर रहे थे। देश में स्वतंत्रता का हर्ष और बंटवारे का रक्त रंजित विषाक्त एक साथ संवेदनाओं को झकझोर रहा था। जो कल भारतीय थे, वे आज शरणार्थी बनकर शिविरों में भीग रहे थे। बड़े-बड़े महलों में रहने वाले सेठ आज भारत की गलियों में कम्बल बेच रहे थे जो कल प्रति

क्या उत्पाद प्रदाता गड़बड़ उत्पाद से होने वाली क्षति के लिए हर्जाना देने के लिए जिम्मेदार होगा?

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  उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 को अधिक समग्र और कठोर बनाया जाएगा। एक प्रेस सम्मेलन में उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि इस अधिनियम के तहत नियमों को अंतिम रूप देने के पहले उपभोक्ता कार्य विभाग के पूर्व सचिवों और सांसदों के साथ इस महीने एक बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण विधेयक संसद में पारित होने के समय 41 सांसदों ने इस पर चर्चा की थी। उपभोक्ता अदालतों में लंबित मुकदमों की संख्या का जिक्र करते हुए  पासवान ने कहा कि इसका कारण यह है कि कई पद खाली पड़े हैं, जिन्हें जल्द भरने के प्रयास किए जायेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) एक नया और क्रांतिकारी विचार है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने की शक्ति बढ़ेगी। उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री रामविलास पासवान ने कहा कि नए अधिनियम के जरिये निर्मित उत्पादों की कई स्तरों पर जांच संभव होगी। खरीदने के दौरान या उसके बाद यदि उत्पाद में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाएगी तो बाजार से उस माल की पू

भारत में प्रतियोगी परीक्षाएं: आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता

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भारत में लोकतंत्र को 'जनता के द्वारा, जनता के लिए,जनता का शासन ' जैसी सामान्य परिभाषा से समझा जाता है। लेकिन देश में असंगत और भेदभावपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रणाली के कारण लोकतंत्र की परिभाषा के ठीक उलट वर्ग विशेष, भाषा विशेष के चयन की इबारत लिखी जा रही है। देश में समूह क से लेकर समूह घ तक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के चयन के लिए संघ लोक सेवा आयोग, राज्य लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग जैसे आयोगों द्वारा परीक्षाएं आयोजित कराई जाती हैं। इन परीक्षाओं का एक उद्देश्य है कि कार्य की पूर्ति हेतु योग्य उम्मीदवारों का चयन करना। देश में शिक्षा में सुधार हेतु आज़ादी के बाद से आज तक लगातार प्रयत्न चल रहे हैं, लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं में  समग्रता से सुधार के लिये कभी नहीं सोचा गया, जबकि अच्छी प्रणाली से चयनित उम्मीदवार ही किसी भी सुधार के किर्यान्वयन के लिए जिम्मेदार होते हैं। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय वन सेवा, भारतीय राजस्व सेवा आदि के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। ये परीक्षाएं समय-सम

दूरदर्शन द्वारा निर्मित देशभक्ति गीत “वतन”  को केंद्रीय मंत्री  प्रकाश जावडेकर ने देश को  किया समर्पित

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केंद्रीय मंत्री  प्रकाश जावडेकर ने आज नई दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस 2019 के उपलक्ष्य में दूरदर्शन द्वारा निर्मित देशभक्ति गीत “वतन” को जारी किया।   नए भारत को समर्पित इस गीत में केंद्र सरकार के कई अग्रणी कार्यक्रमो और पहलो के संबंध में जानकारी दी गई है। इसमें हाल ही में चंद्रयान 2 के सफलतापूर्वक प्रक्षेपण पीछे केंद्र सरकार के दृढ़ संकल्प और दूरदर्शिता भी सम्मिलित है। गीत में सशस्त्र बलो के जवानो की वीरता और पराक्रम और शहीदो को भी श्रद्धांजलि दी गई है। इस अवसर पर अपने संबोधन में  जावडेकर ने गीत के सृजन के लिए दूरदर्शन और प्रसार भारती को बधाई दी। उन्होंने कहा कि गीत इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में जोश को ओर बढाएगा और नए रंग भरेगा। https://youtu.be/dXYwUauq4cc इस गीत को प्रसिद्ध बालीवुड गायक जावेद अली ने गाया है और गीतकार आलोक श्रीवास्तव ने लिखा है। इसका संगीत श्री दुष्यंत ने दिया है। इस विशेष गीत का निर्माण दूरदर्शन,प्रसारभारती ने किया है। इस गीत का प्रसारण आकाशवाणी और दूरदर्शन के सभी केंद्रो द्वारा किया जाएगा। गीत के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाने के लिए इसे दूरदर्शन और सू

खास मच्छर से बचे तो इस मौसम रहेंगे डेंगू और चिकनगुनियां से दूर

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बारिश के मौसम के बीच लोगों को एक और डर सताने लगता है, कि कहीं हम डेंगू या चिकनगुनियां से पीड़ित न हो जाएं, क्योंकि दोनों ही सूरत में शरीर काफी तकलीफ झेलता है, और कई बार जान पर भी बन आती है। बीते कई सालों से डेंगू और चिकनगुनियाँ बरसात के मौसम में परेशानी लेकर आता रहा है। पिछले साल भी इसके कई मामले आए, जिससे सीख लेते हुए बीते वर्ष सरकार ने पोस्टरों के जरिये जागरूकता अभियान भी चलाया, लेकिन बरसात के इस मौसम में यह बीमारी कितनों को अपनी चपेट में लेगा कहना मुश्किल है। इसलिये जरूरी है कि कुछ खास बातों पर अभी से ध्यान दिया जाय। इस बारे में डॉक्टर सुनील कुमार कहते हैं- जिनके शरीर की प्रतिरोधी क्षमता कमजोर होती है, वो अक्सर बदलते मौसम के बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। ऐसी कई तरह की बीमारी है, जो बदलते मौसम के साथ हमें संक्रमित करती हैं। इनमें सामान्य बुखार, डेंगू, चिकनगुनियाँ, वायरल और स्वाईन फ्लू आदि है। लोग वायरल फीवर और डेंगू में फर्क नहीं समझ पा रहे, जिसकी वजह से सामान्य बुखार आने पर भी कई आशंकाओं से घिर जाते हैं। डॉक्टर कुमार कहते हैं कि हमारे यहाँ खासकर दिल्ली जैसी जगह में मौसम तीन-