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Showing posts from January, 2020

कोरोना वायरस के संभावित मामलों में आयुष प्रणाली के जरिये बचाव की सलाह

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हाल ही में, कोरोना वायरस का प्रकोप देखा गया है, जो मुख्य रूप से श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है। इसे देखते हुए आयुष मंत्रालय ने इसके निवारण के उपाय के लिये लोगों को सलाह जारी किया है, जिसे आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक एवं यूनानी पद्धतियों द्वारा इलाज के रूप में उपयोग में लाया जा सकता है। इन्हें निम्नलिखित रूप में समझें- कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण कोरोना वायरस मामलों में श्‍वास नली के लक्षणों से बचाव के लिये आयुर्वेदिक पद्धतियों के अनुसार सुझाए गये उपाय- आयुर्वेदिक पद्धतियों के अनुसार रोगनिरोधी उपाय/इम्यूनोमॉड्यूलेटरी दवाइयां। शदांग पानिया(मस्‍टा, परपट, उशीर, चंदन, उडीच्‍या और नागर) संसाधित पानी (1 लीटर पानी में 10 ग्राम पाउडर डालकर तब तक उबालें जब तक  यह आधा हो जाए) पीएं। इस पानी को एक बोतल में भर लें और प्यास लगने पर पी लें। स्वस्थ आहार और जीवनशैली पद्धतियों के माध्यम से प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए उपाय किए जाएं। त्रिकटु (पिप्पली, मारीच और शुंठी) पाउडर 5 ग्राम और तुलसी 3 से 5 पत्तियॉं एक लीटर पानी में तब तक उबाले, जब तक पानी आधा लीटर न रह जाएं। इस पानी को एक बोतल

वायु प्रदूषण के खिलाफ एक जंग, "दिल्ली मांगे साफ़ हवा"

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29 जनवरी 2020 को वायु प्रदूषण के खिलाफ एक जंग, "दिल्ली मांगे साफ़ हवा" विषय पर गैर सरकारी संस्था सहज सम्भव ने अपने परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें सहज संभव द्वारा उन संस्थाओं  को सम्मानित किया गया जो समाज में रहकर उसको बेहतर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। समाज में वृद्ध लोगों की सुरक्षा पर काम कर रही संस्था, एज वेल एसोसिएशन, बाल विहार के अध्यक्ष विंग कमांडर के.एल.कपूर, के साथ अन्य संस्था के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।  

भुवनेश्वर में भारतीय रेलवे ने किया कचरा से ऊर्जा उत्पादन का संयंत्र शुरु

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भारतीय रेलवे के जरिये अब प्रतिदिन 500 किलोग्राम कचरे से किया जा सकेगा उर्जा उत्पादन। दरअसल भारतीय रेलवे ने कचरे से ऊर्जा उत्पादन में देश के पहले सरकारी संयंत्र की स्थापना ईस्ट कोस्ट रेलवे में भुवनेश्वर के मानचेस्वर कैरिज रिपेयर वर्कशॉप में की है, जिसकी क्षमता  प्रतिदिन 500 किलोग्राम कचरा है। कचरा से ऊर्जा उत्पादन के इस संयंत्र का निर्माण तीन महीने में किया गया है। यह भारतीय रेलवे में अपनी तरह का पहला और भारत में चौथा संयंत्र है। कचरे से ऊर्जा उत्पादन का यह संयंत्र पेटेंटकृत प्रौद्योगिकी है जिसे पॉलीक्रैक कहा जाता है।  यह दुनिया की पहली पेटेंटकृत विषम उत्प्रेरक प्रक्रिया है जो विभिन्न तरह के कचरे को हाइड्रोकार्बन तरल ईंधन, गैस, कार्बन और पानी में बदल देती है। पॉलीक्रैक संयंत्र में सभी तरह के प्लास्टिक, पेट्रोलियम अपशिष्ट, 50 प्रतिशत तक की नमी वाले मिले हुए ठोस कचरे एमएसडब्ल्यू (नगरपालिका ठोस कचरा), ई-कचरा, ऑटोमोबाइल कचरा, बांस, बगीचे के कचरे इत्यादि सहित सभी जैविक कचरे और जेट्रोफा फल डाले जा सकते है। पारंपरिक तरीके से कचरा निपटान की तुलना में पॉलीक्रैक के कई फायदे हैं, जैसे- कचरे को

देश में पिछले 30 सालों में गरीबी में आई भारी कमी- अभिजीत बनर्जी

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देश में जनसंख्या वृदधि के बाद भी गरीबों की संख्या में बड़ी कमी आई है, जो अच्छी बात है। यह बात दुनिया भर में गरीबी दूर करने में प्रयोगात्मक दृष्टिकोण के लिये अर्थशास्त्र में नोबेल सम्मान पाने वाले अभिजीत बनर्जी ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में कही। बनर्जी ने कहा कि देश में 30 साल पहले 1990 में 40 फीसदी लोग गरीब थे, और आज के समय में 20 फीसदी लोग ही गरीब हैं, जो उल्लेखनीय है।  भारतीय अमेरिकी अर्थशास्त्री ने कहा कि  ‘गरीबी कैंसर की तरह है और इससे कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं।  कुछ लोग शिक्षा के मामले में गरीब हैं, कुछ सेहत से गरीब हैं और कुछ पूंजी के मामले में गरीब हैं। आपको पता लगाना है कि क्या कमी रह गई है। सभी का एक तरीके से समाधान नहीं किया जा सकता।’ जहां तक सब्सिडी की बात है तो जो काफी गरीब हैं, उन्हें सब्सिडी देते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में नरमी से देश में गरीबी उन्मूलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा क्योंकि शहरी और गरीबी क्षेत्र आपस में जुड़े हैं। ‘गरीबी उन्मूलन इस आधार पर होता है कि शहरी क्षेत्र में कम कौशल वाले रोजगार उत्पन्न होते हैं, जिससे गांव के लोगों को शहरी क्षे

लाल किला मैदान में मनाया जा रहा है, 26 से 31 जनवरी 2020 तक भारत पर्व

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भारत पर्व, 2020 26 से 31 जनवरी, 2020 तक लाल किले के सामने ज्ञान पथ और लाल किला मैदान में मनाया जा रहा है। जिसका उद्देश्य भारतीयों को भारत के विभिन्न पर्यटन स्थानों की यात्रा करने और ‘देखो अपना देश’ की भावना का संचार करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस वर्ष के भारत पर्व का केंद्रीय विषयवस्तु 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' और 'महात्मा गांधी के 150 वर्ष का समारोह' है। भारत पर्व 26 जनवरी को आम जनता के लिए शाम 5.00 बजे से रात 10.00 बजे तक खुला रहेगा। शेष दिन 27 से 31 जनवरी, 2020 तक भारत पर्व 12.00 बजे दिन से रात्रि 10.00 बजे तक खुला रहेगा। इसमें प्रवेश निशुल्क है, लेकिन आगंतुकों को  प्रवेश के लिए अपना पहचान प्रमाण दिखाना जरूरी होगा। भारत पर्व में गणतंत्र दिवस की झांकी का प्रदर्शन, सशस्त्र सेना बैंड द्वारा प्रदर्शन, राज्य सरकारों/ केंद्र शासित प्रदेशों और लाइन मंत्रालयों द्वारा पर्यटन थीम मंडप, राज्य सरकारों/ संघ शासित क्षेत्र प्रशासनों, हस्तशिल्प/ हस्तकला/ आयोग ट्रिफेड द्वारा हस्तशिल्प/ हथकरघा मंडपों, राज्य सरकारों, होटल प्रबंधन संस्थान और अन्य संगठनों द्वारा फूड कोर्ट, उत्तर मध्य

स्वस्थ रहने के लिये क्या और कैसे खाएं...जाने इस खास विडियो से...

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क्या दूध का सैचुरेटेड फैट है हानिकारक ?

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दूध कैल्शियम के स्रोत के साथ ही शरीर व दिमाग के लिये अमृत समान है। इसे सम्पूर्ण आहार माना गया है। हमारे देश के ज्यादातर घरों में परिवार के सभी सदस्य स्वस्थ रहने के लिये दूध का सेवन करते है। यह एक आदत बनकर हमारे जीवन में शामिल है। यही वजह है कि कई बार बाजार में मिल रहे पैक्ड दूध में मिलावट की खबरें आईं, लोग चौकन्ने भी हुए मगर दूध का सेवन पुनः करने लगे। दूध को लेकर चिकित्सा विशेषज्ञों ने अलग-अलग विचार रखे हैं। कोई इसे अच्छे स्वास्थ्य के लिये उत्तम कहते हैं तो कुछ मामलों में दूध को स्वास्थ्य के लिये गैरजरूरी भी माना गया है। इसका कारण दूध में मौजूद कुछ तत्व हैं जो सेहत को नुकसान पहुँचाते हैं। खासकर हमारा दिल इससे विशेष रूप से प्रभावित होता है। इस बारे में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. जे.पी.एस. साहनी का कहना है कि देश में हृदय रोगियों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है, जिसमें कार्डियोवास्कुलर डिसिस को नम्बर वन किलर के नाम से जाना जाता है, जिसकी वजह से स्ट्रोक एवं हृदयाघात होता है। यह मुख्यतः आर्टरीज के ब्लॉक होने से होता है। आर्टरीज के ब्लॉक होने का मुख्य कारण वहाँ कोलेस्ट्रॉल का जमा हो

26 जनवरी 2020 को  गणतंत्र दिवस परेड में राजपथ पर दिखेगी स्टार्टअप इंडिया की झांकी

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हर वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में अलग-अलग राज्यों, एवं देश में चल रहे खास कार्यक्रमों पर रंग-बिरंगी झांकियां दिल्ली के राजपथ पर देखने को मिलती हैं। झंडोत्तोलन के बाद यह वक्त होता है, जब हम अपने देश की समृद्ध संस्कृति एवं सभ्यता को बड़ी तन्मयता से गर्व के साथ देखते और महसूस करते हैं। इस बार गणतंत्र दिवस के परेड में एक और खास झांकी शामिल होगी।  वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग एवं आंतरिक व्‍यापार संवर्धन विभाग इस साल गणतंत्र दिवस परेड में स्‍टार्टअप इंडिया पर एक झांकी प्रदर्शित करेगा। "स्‍टार्टअप्‍स आसमान तक" पहुंच विषय पर बनी झांकी में स्‍टार्टअप के जीवन चक्र के विभिन्‍न चरणों और इस दौरान सरकार द्वारा उसे मिली सभी तरह की सुविधाओं को दर्शाया जाएगा। इस झांकी में स्टार्टअप इंडिया के अस्तित्व में आने और उससे लोगों के जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों को दिखाया जाएगा।   झांकी में सबसे आगे एक सृजनात्‍मक दिमाग दर्शाया जाएगा, जो दुनिया की वास्‍तविक समस्‍याओं का समाधान निकालने के लिए नये विचारों से पूर्ण होगा। झांकी के मध्‍य में स्‍टार्टअप इंडिया ट्री होगा, जो स्‍टार्टअप को मिल

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में रोजगारउन्मुख कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने के लिये आरईसी कर रहा है मदद

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 भारत सरकार की नवरत्न एंटरप्राइज आरईसी लिमिटेड ने अपने सीएसआर शाखा, आरईसी फाउंडेशन के माध्यम से , उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिये पिछले 18 महीने की अवधि में सीएसआर पहल के तहत 1000 लोगों को नौकरी-उन्मुख कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए मेट्रिक्स सोसाइटी फॉर सोशल सर्विस (एमएएसएस) को 4 1.54 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य गरीबों और वंचित युवाओं को रोजगार और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करके रोजगार में वृद्धि करना है। इस संबंध में समझौता ज्ञापन (एमओए) 16 जनवरी, 2020 को नई दिल्ली में आरईसी फाउंडेशन और एमएएसएस के बीच निष्पादित किया गया था। दरअसल, आरईसी लिमिटेड (पूर्व में ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड) एक नवरत्न NBFC और इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी (IFC) है, जो पूरे भारत में पावर सेक्टर के वित्तपोषण और विकास पर ध्यान केंद्रित करती है। यह राज्य बिजली बोर्डों, राज्य सरकारों, केंद्रीय / राज्य बिजली उपयोगिताओं, स्वतंत्र बिजली उत्पादकों, ग्रामीण बिजली सहकारी समितियों और निजी क्षेत्र की उपयोगिताओं को वित्तीय सहायता प

क्या पत्रकारिता नाजुक दौर से गुजर रही है ?

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बदलते दौर में चौथे स्तंभ यानि पत्रकारिता में निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं। इस क्षेत्र में काम करने वाले लोग केवल संदेश देने वाले ही नहीं रहे बल्कि अलग-अलग खेमों में बंटकर उनकी भाषा बोलने लगे हैं। तो क्या पत्रकारिता अपने नाजुक दौर से गुजर रही है? यह सवाल देश के राष्ट्रपति ने भी उठाया और निष्पक्ष पत्रकारिता को जरूरत बताया।  20 जनवरी, 2020 को नई दिल्‍ली में आयोजित एक समारोह में राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 14वां रामनाथ गोयंका विशिष्‍ट पत्रकारिता पुरस्‍कार प्रदान किए।  इस अवसर पर राष्‍ट्रपति ने कहा कि रामनाथ गोयंका विशिष्‍ट पत्रकारिता पुरस्‍कार पत्र-पत्रिका, प्रसारण एवं डिजिटल मीडिया के उन पत्रकारों को प्रदान किए जाते हैं, जिन्‍होंने अपार चुनौतियों के बावजूद अपने व्‍यवसाय के सर्वश्रेष्‍ठ मानदंडों को कायम रखते हुए ऐसे कार्य किए हैं जिससे समाचार माध्‍यम में लोगों का विश्‍वास कायम रखने में मदद मिली है तथा लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। इन पुरस्‍कारों का अर्थ उन लोगों को सम्‍मानित करना है, जो  सच्‍चाई के लिए कलम धारण करते हैं। उन्‍होंने सभी पुरस्‍कार विजेताओं को बधाई दी तथा उनसे सच्‍चाई

पाठक मंच ने अमिता ग्राम के फुटबॉल मैदान में आयोजित किया बच्चों के साथ कार्यक्रम

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गैर सरकारी संस्था दर्शन मेला म्यूजियम डेवलपमेंट सोसायटी द्वारा आयोजित पाठक मंच की साप्ताहिक कार्यक्रम इन्द्रधनुष की 701वीं कड़ी अमिता ग्राम के कृषक मित्र सुशीला तियू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। चाईबासा शहर के सुदूर क्षेत्र में अवस्थित अमिता ग्राम के फुटबॉल मैदान में प्रतियोगिता कार्यक्रम के रूप में सम्पन्न हुआ। सोसायटी के कार्यकाल में यह पाँचवां अवसर रहा जब इन्द्रधनुष कार्यक्रम शहर के सुदूर क्षेत्र में आयोजित हुआ।     कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अमिता ग्राम सचिव कुशनु बारजो और विशिष्ट अतिथि ग्राम सह सचिव तुराम बानरा रहे। ग्रामीण बच्चे- बच्चियों के लिए खेल एवं प्रतियोगिता कार्यक्रम आयेजित की गई। निर्णायकों ने विजयी सदस्यों को पुरस्कृत किया।

रविवार को नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में सक्षम फिट इंडिया साइक्लिंग डे 2020 के जश्न के दौरान स्वास्थ्य, पर्यावरण और ईंधन संरक्षण के लिए साइकिल चलाते हुए लोग। इस कार्यक्रम को कार्यकारी निदेशक, पीसीआरए, आर. के. आहूजा और सीजीएम-रिटेल, एचपीसीएल उत्तर क्षेत्र, एम एस यादव के द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

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पर्यावरण संरक्षक 2020 सम्मान की वास्तविक हकदार है बिहार की जनता - मुख्यमंत्री

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कहते हैं, आज के बच्चे हमारे कल का भविष्य है, इसलिये अगर उनका मन मस्तिष्क अच्छी चीजों को अपना ले तो सबका भविष्य उज्ज्वल होगा। समाज के लिये उनसे अच्छा कोई संदेशवाहक नहीं हो सकता। शायद यही वजह हो सकती है कि बिहार के मुख्यमंत्री ने समाज से कुरीतियों, एवं बुरी आदतों को खत्म करने के लिये स्कूली बच्चों को खासतौर से संदेश वाहक के रूप में चुना। 21 जनवरी 2017 को नशामुक्ति एवं शराबबंदी के पक्ष में, 21 जनवरी 2018 को दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर अपनी प्रतिबद्धता जतायी थी, जिसमें बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे शामिल हुए थे। एक ऐसी ही मानव श्रृंखला पर्यावरण संरक्षण के लिये बनी। दावा किया गया कि मानव श्रृंखला लगभग 18 हजार किलोमीटर लंबी थी।  नीतीश कुमार ने ट्वीट करके बताया कि "आज जल-जीवन-हरियाली अभियान तथा नशा मुक्ति अभियान के पक्ष में तथा बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के विरोध में 5,16,71,389 बिहारवासियों ने ऐतिहासिक 18,034 कि.मी. लंबी मानव शृंखला बनाई"। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे ऐतिहासिक बताया और कहा कि इसमें लोगों का पूरा समर्थन मिला। लेकिन ठंड के मौसम म

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किया पार्टी के घोषणा पत्र से पूर्व गारंटी कार्ड लांच

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दिल्ली विधान सभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, विभिन्न पार्टियां दिल्ली के मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिये अपनी चुनावी गतिविधियां भी तेज कर रही हैं। इसी के मद्देनजर दिल्ली की सत्तारूढ़ पार्टी "आप" के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पार्टी मुख्यालय पर गारंटी कार्ड लांच किया, साथ ही उसपर हस्ताक्षर किए।  इस गारंटी कार्ड में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी से जुड़े  10 महत्वपूर्ण कार्यों को शामिल किया है और सरकार बनने पर उसे अगले पांच साल के अंदर लागू कराने का वादा किया है। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली वासियों को इस बात की गारंटी दी है कि सरकार में आने पर 200 यूनिट मुफ्त बिजली, 20 हजार लीटर मुफ्त पानी, महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा समेत मुफ्त दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाएं अगले 5 साल तक भी जारी रहेगी। अरविंद केजरीवाल ने कहा गारंटी कार्ड के बाद  बीजेपी व कांग्रेस के बहकावे में दिल्ली की जनता नहीं आएगी। इसके अलावा, दिल्ली की सफाई, प्रदूषण कम करने, यमुना नदी की सफाई, सबसे बड़ी व सस्ती यातायात व्यवस्था व विद्यार्थियों को भी मुफ्

26 जनवरी, 2020 को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान 600 से अधिक स्‍कूली बच्‍चे लेंगे सांस्‍कृतिक कार्यक्रम में भाग

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26 जनवरी, 2020 को राजपथ पर आयोजित की जाने वाली गणतंत्र दिवस परेड के दौरान सांस्‍कृतिक कार्यक्रम में 600 से अधिक स्‍कूली बच्‍चे भाग लेंगे। गौरतलब है कि रक्षा मंत्रालय तथा दिल्‍ली की एनसीटी सरकार के शिक्षा निदेशालय ने 636 बच्‍चों का चयन किया है। इनमें 474 लड़िकयां और 162 लड़कें हैं। ये बच्‍चे अरिवंद गुप्‍ता डीएवी सेंटीनरी पब्लिक स्‍कूल मॉडल टाउन, दिल्‍ली; विनय नगर बंगाली सीनियर सेकेंडरी स्‍कूल, सरोजनी नगर दिल्‍ली; सर्वोदय कन्‍या विद्यालय बी ब्‍लाक, जनकपुरी नई दिल्‍ली तथा पश्चिमी क्षेत्र सांस्‍कृतिक केन्‍द्र उदयपुर से चुने गए हैं। ये बच्‍चे म्‍हारो रंग-रंगीलो राजस्‍थान विषय पर अपनी प्रस्‍तुति देंगे। पश्चिमी क्षेत्र सांस्‍कृतिक केन्‍द्र उदयपुर परेड के दौरान गुजरात का लोक नृत्‍य गरबा प्रस्‍तुत करेगा। गणतंत्र दिवस परेड में सांस्‍कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चों ने प्रेस से मुलाकात के दौरान कहा कि वे गर्व की भावना से अभिभूत हैं,  क्‍योंकि राष्‍ट्रीय और अन्‍तर्राष्‍ट्रीय अतिथियों के सामने उन्‍हें अपनी प्रतिभा और योग्‍यता दिखाने का अवसर मिला है।

ईंधन संरक्षण व पेट्रोलियम पदार्थों की बचत के लिये ‘सक्षम’ जैसे कैंपेन की जरूरत - डॉ. एम.एम कुट्टी  

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पे ट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ (पी.सी.आर.ए), पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में, प्रति वर्ष एक महीने तक चलने वाले ‘सक्षम’ (संरक्षण क्षमता महोत्सव) के इंधन संरक्षण मेगा अभियान  के वार्षिक समारोह का उद्घाटन  डॉ. एम.एम कुट्टी, सचिव, एमओपीएनजी एवं अध्यक्ष पीसीआरए के कर कमलों द्वारा १६ जनवरी २०२०  को दिल्ली में एक समारोह में किया गया I डॉ. एम.एम कुट्टी द्वारा पीसीआरए की पब्लिसिटी वैन को झंडी दिखा कर विभिन्न राज्यों  में ,खासकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में ईंधन संरक्षण का सन्देश विभिन्न रोचक श्रव्य दृश्य के माध्यम से पहुँचाने के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर डॉ. एम.एम कुट्टी ने अपने संबोधन के दौरान ईंधन संरक्षण व पेट्रोलियम पदार्थों की बचत के महत्व पर जोर दिया और ‘सक्षम’ जैसे कैंपेन को समय की आवश्यकता बताया।  समारोह में राष्ट्रीय निबंध, क्विज और पेटिंग प्रतियोगिता-२०१९ के  विजेताओं को पुरस्कृत किया गया जिसमे देश के सभी शिक्षा बोर्डों से  रिकॉर्ड तोड़ १.४८ करोड़ से ज्यादा बच्चों ने भाग लिया I पुरुस्कारों में जापान अध्ययन दौरा, लैपटॉप,टैबलेट और नकद पुरस्कार

आप अपने जीवन में कई गलतियां कर सकते हैं, किंतु यह सुनिश्चित करें कि ऐसा कुछ न खाएं जो गलत हो-सुनील शेट्टी

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मादक पदार्थों के खतरों के बारे में किशोरों को शिक्षित करने के लिए  गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यशाला में अभिनेता सुनील शेट्टी ने एक बच्चे के जीवन में खेलों के महत्व पर जोर देते हुए अपनी सफलता के सफर को साझा किया।  सुनील शेट्टी राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एजेंसी के ब्रांड एम्बेसडर हैं। सुनील शेट्टी ने कहा, “आप अपने जीवन में कई गलतियां कर सकते हैं, किंतु यह सुनिश्चित करें कि ऐसा कुछ न खाएं जो गलत हो। मैंने अपने जीवन में जो उपलब्धियां प्राप्त की हैं, वे पूर्णतः खेलों के कारण हैं।” उन्होंने कहा, “मैं मार्शल आर्ट्स का अभ्यास करता था और वास्तव में कठिन प्रशिक्षण लेता था। मैं अपने जीवन में एक अभिनेता केवल इसलिए बन पाया, क्योंकि मैं एक एथलीट था। मैं अभी भी मानता हूं कि मैं खेलों का एक हिस्सा हूं।” खेलो इंडिया युवा खेल की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए,  शेट्टी ने कहा, “यह बात कल्पना से परे है कि इतने अधिक किशोरों को यह महसूस करने का अवसर मिल रहा है कि वे कल के सितारे हैं।” उन्होंने कहा कि किशोरों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है और वे इस बात से अवगत हों कि उन्हें देश का प्रतिनिधित्व करना है।  

दिल्ली में शिक्षा को लेकर किए गए अध्ययन का लाभ उठा सकते हैं दूसरे राज्य : मनीष सिसोदिया

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महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के स्कूलों में दिल्ली के शिक्षा मॉडल को अपनाने का फैसला किया है। महाराष्ट्र सरकार ने नगर निगमों के तहत शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार के स्कूल मॉडल को अपनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने एक न्यूज पोर्टल की खबर को अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर करते हुए ट्वीट किया- दिल्ली के लोगों को बधाई। आपका शिक्षा मॉडल हर जगह लागू किया जा रहा है। इस फैसले पर उप मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि मुझे खुशी है कि जिन राज्यों में पिछले दिनों नई सरकारें बनी। वहां दिल्ली के शिक्षा माॅडल को लेकर काफी जिज्ञासा है। वहां के मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री और अन्य पदाधिकारी दिलचस्पी ले रहे हैं। उनका कहना है कि दिल्ली के शिक्षा माॅडल को अगर अपना कर काम किया जाए, तो कैसे हो सकता है। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली के शिक्षा माॅडल को बेहतर बताते हुए अपने राज्य में भी लागू करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अगर वे दिल्ली के शिक्षा माॅडल में दिलचस्पी लेते हैं, तो दिल्ली सरकार

 पर्यावरण की रक्षा से मिल सकती है पूर्वजों को सच्ची श्रद्धांजलि -श्याम रजक

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30 दिनों तक पटना जिले के पुनपुन घाट पर  चलने वाले 'पुनपुन अन्तराष्ट्रीय पौष खरमास मेला 2019-20' का आज समापन हो गया। इस समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर बिहार के उद्योग मंत्री सह स्थानीय विधायक श्याम रजक शामिल हुए।    इस अवसर पर श्याम रजक ने कहा कि पुनपुन स्थित पुनपुन घाट कोई सामान्य घाट नहीं है बल्कि इसे अंतराष्ट्रीय पर्यटक स्थल की ख्याति प्राप्त है। पुनपुन की धरती का अपना एक ऐतिहासिक और घार्मिक महत्व सदियों पुराना है। कहा जाता है कि भगवान श्री राम भी पिंड दान के लिए यहां आये थे। गरुड़ पुराण के अनुसार पुनपुन नदी के तट पर प्रथम पिंडदान से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। यह देखकर गर्व होता है कि हमारी संस्कृति आज भी हमारे संस्कार में कायम है। हम आज भी अपनी सभ्यता और संस्कृति नहीं भूले हैं। उन्होंने आगे  कहा कि आज सिर्फ बिहार में ही नहीं पूरा देश व विश्व के अन्य देश भी जलवायु परिवर्तन से जूझ रहे हैं। ऐसे में जल, जीवन और हरियाली के गहरे संबंध के महत्त्व को समझना होगा है। जो एक-दूसरे के पूरक हैं। जल नहीं होगा तो जीवन भी नहीं होगा। हरियाली नहीं होगी तो जल भी नहीं रहे

एसएटीटीई ने किया आडवाणी होटल और रिज़ॉर्ट्स के सुंदर आडवाणी को जीवन उपलब्धि पुरस्कार से सम्मानित

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आडवाणी होटल और रिज़ॉर्टस के अध्यक्ष और प्रमुख संचालक सुंदर आडवाणी को साउथ एशिया ट्रैवल और टूरिज्म एग्जिबीशन पुरस्कार समिति(SATTE) ने जीवन उपलब्धि पुरस्कार से सम्मानित किया है।  दक्षिणी एशिया की सबसे बड़ी भ्रमण और पर्यटन प्रर्दशनी सात के 27वे अंक का आयोजन इंडिया एक्पोज़िशन मार्ट, ग्रेटर नोएडा में जनवरी 8-10 को हुआ। इस दो दिवसीय उत्सव के मध्यस्थ ही सात के जाने माने पुरस्कार कार्यक्रम के चौथे अंक का आयोजन 9 जनवरी को किया गया।  ए सएटीटीई दक्षिणी एशिया का अग्रिम भ्रमण कार्यक्रम है जिसने दुनिया में इस क्षेत्र के हितधारकों को एक साथ जोड़कर भारत को विश्व पर्यटन मानचित्र पर सबसे पसंदीदा भ्रमण स्थानों में स्थापित कर दिया है। एसएटीटीई पुरस्कार आज भ्रमण और आतिथ्य सत्कार व्यवसाय में उत्तम विश्वसनीयता प्राप्त सम्मानों में से एक है, जो कार्य कुशलता को सम्मान और क्षेत्र में उन सर्वश्रेष्ठ उपलब्धियों को श्रेय देता है। एसएटीटीई 2020 जूरी के अध्यक्ष वी के दुग्गल ने आडवाणी को जीवन उपलब्धि पुरस्कार से सम्मानित किया।  आडवाणी ने अतिथि सत्कार उद्योग क्षेत्र में अनेक योगदान दिये हैं। इनमे से एक मुख्य योगदा

जम्मू कश्मीर में बांस की बहुलता से मिल सकते हैं, लोगों को रोजगार के अच्छे अवसर

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देश में पूर्वोत्तर राज्यों की तरह जम्मू कश्मीर में भी बेंत और बांस क्षेत्रवासियों के लिये बेहतर आय का जरिया बन सकता है। जिसे देखते हुए हाल ही में भारत सरकार के पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय, पूर्वोत्तर परिषद तथा जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा बेंत और बांस प्रौद्योगिकी केन्द्र (सीबीटीसी), गुवाहाटी, असम एवं जम्मू-कश्मीर सरकार के सामाजिक वानिकी विभाग के माध्यम से जम्मू में बांस पर आधारित एक दो-दिवसीय कार्यशाला-सह-प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।  इस दौरान जम्मू-कश्मीर के सतत विकास के लिए अवसरों के सृजन को ध्यान में रखते हुए बांस के योगदान के बारे में कई सुझाव दिये गये, जैसे- जम्मू-कश्मीर में बांस की समुचित प्रजातियों की पहचान करना तथा उसका क्षेत्र बढ़ाना और नर्सरियां स्थापित करना तथा किसानों को वितरित करना, पंचायती राज संस्थाओं की भागीदारी से जम्मू-कश्मीर के बांस उत्पादक क्षेत्रों में बांस उत्पादक किसानों, संगठनों तथा बांस के कलस्टरों का निर्माण करना और बढ़ावा देना, ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन, ग्रामीण आवास एवं सामुदायिक भवनों के लिए निर्माण सामग्री के रूप में बांस के इस्तेमा

स्वामी विवेकानंद केवल संत ही नहीं महान देशभक्त, वक्ता, विचारक, लेखक और मानव प्रेमी रहे

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आज 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। दरअसल 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में नरेंद्र नाथ दत्त का जन्म हुआ। यही नरेंद्र, स्वामी विवेकानंद के नाम से प्रसिद्ध हुए। इनके पिता विश्वनाथ दत्त कोलकाता हाई कोर्ट में प्रसिद्ध वकील और माता भुवनेश्वरी देवी धर्म परायण महिला थी। इनके मूल जन्म स्थान का पुनरुद्धार कर सांस्कृतिक केंद्र का रूप दे दिया गया है।       स्वामी विवेकानंद की प्रारंभिक शिक्षा 1871 में  ईश्वर चंद्र विद्यासागर के मेट्रोपोलिटन संस्थान से प्रारंभ हुई। यह एकमात्र छात्र थे जो प्रेसिडेंसी कॉलेज के प्रवेश परीक्षा में प्रथम आए। स्वामी विवेकानंद रामकृष्ण परमहंस के सुयोग्य शिष्य थे। 1893 में इन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। भारत और अमेरिका में इन्होंने रामकृष्ण मिशन की अनेक शाखाएं स्थापित की। निवेदिता इनकी सुयोग्य शिष्या रही।      रवींद्र नाथ टैगोर ने कहा था कि यदि भारत को जानना हो तो विवेकानंद को पढ़िए। भारत में विवेकानंद को देशभक्त सन्यासी के रूप में माना जाता है। ये केवल संत ही नहीं म

यौन अपराधों से संबंधित मुकदमों की जल्द सुनवाई के लिये हुई देश भर में 1023 फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतों के गठन की योजना शुरू

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देश में महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए यौन अपराधों से संबंधित मुकदमों की जल्द सुनवाई पूरी कर लेने की पहल की गई है। ऐसे मुकदमों को निपटाने के संबंध में अधिक सख्त प्रावधानों और तेज सुनवाई के लिए भारत सरकार ने आपराधिक विधि (संशोधन) अधिनियम, 2018 को लागू किया है। यह पहल राष्ट्रीय महिला सुरक्षा मिशन के अंग के रूप में फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतों के गठन के साथ की गई है। इस प्रकार केन्द्र सरकार ने देश भर में 1023 फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतों के गठन की योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित मुकदमों (31.03.2018 तक कुल लंबित मुकदमों की संख्या 1,66,882) के मद्देनजर दुष्कर्म और पॉस्को अधिनियम के लंबित मुकदमों की जल्द सुनवाई और उनका निपटारा किया जाएगा। इसके साथ ही स्वमेव रिट याचिका (आपराधिक) संख्या 01/2019, दिनांक 25.07.2019 के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार 1023 फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतों में से 389 अदालतों का खासतौर से पॉस्को अधिनियम से संबंधित उन जिलों में गठन किए जाने का प्रस्ताव किया गया

लातेहार जिला के प्रखण्ड बरवाडीह में केन्द्रीय विद्यालय खुलने से समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकेंगे क्षेत्रीय लोग-चतरा सांसद

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केन्द्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त संतोष कुमार मल्ल से चतरा सांसद मुलाकात कर सुनील कुमार सिंह ने लातेहार जिला के प्रखण्ड बरवाडीह में केन्द्रीय विद्यालय स्थापित करने की दिशा में कार्यवाही करने के लिए ज्ञापन दिया। सांसद सिंह ने आयुक्त को बताया कि संसदीय क्षेत्र चतरा अत्यन्त पिछड़ा और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र (LWE) है। लातेहार जिला अन्तर्गत प्रखण्ड बरवाडीह अत्यन्त नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। इस प्रखण्ड में शिक्षा का घोर अभाव है। आर्थिक पिछडेपन, अशिक्षा, नक्सलियों का दंश क्षेत्र को अंधकार की ओर ले जा रहा हैं। मण्डल रेल प्रबंधक, धनबाद द्वारा लातेहार जिला अन्तर्गत प्रखण्ड बरवाडीह में केन्द्रीय विद्यालय खोलने का प्रस्ताव केन्द्रीय विद्यालय संगठन को भेजा जा चुका हैं। रेल मंत्रालय द्वारा इसके लिए जमीन देने की सहमति भी प्रदान कर दी गई है। केन्द्रीय विद्यालय संगठन के पास विचाराधीन है। इस प्रखण्ड में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना होती है तो महुआडाॅड, गारू, भंडरीया, गढ़वा एवं छिपादोहर आदि प्रखण्डों के पिछ़डे क्षेत्र के बालक - बालिकाओं को अच्छी  शिक्षा प्राप्त हो सकेंगी और उन्हें समाज की मुख

खेलो इंडिया युवा खेलों के तीसरे संस्करण में दिखेंगे, असम के प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत

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10 जनवरी से 22 जनवरी, 2020 तक गुवाहाटी में आयोजित होने वाले खेलो इंडिया युवा खेलों के तीसरे संस्करण का उद्घाटन समारोह 10 जनवरी को इंदिरा गांधी स्टेडियम में होगा। इसमें असम के गौरव हीमा दास सहित अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और युवा कार्य और खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  किरेन रीजीजू शामिल होंगे। इस बारे में असम के मुख्यमंत्री  सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि खेलो इंडिया युवा खेलो के तीसरे संस्करण की मेजबानी करते हुए हमें बेहद खुशी हो रही है। प्रतियोगिताओं ने भारत में खेल क्रांति शुरू कर दी है और हमें इस सच्चाई पर गौरव होना चाहिए कि टूर्नामेंट असम में हो रहे हैं। मैं सभी खिलाड़ियों को शुभकानाएं देता हूं।  किरेन रीजीजू ने कहा कि खेलो इंडिया युवा खेलों ने देश के युवा को निश्चित रूप से खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के तीसरे संस्करण का पूर्वोत्तर के युवाओं पर काफी प्रभाव पड़ेगा, जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं देख सकेंगे। उद्घाटन समारोह 10 जनवरी को होगा, जो एक विश्व स्तर का कार्यक्रम होगा। इसमें 40

मशहूर गुजराती पटोला साड़ी को बढ़ावा देने के लिये खादी ग्रामोद्योग आयोग ने किया ऐतिहासिक पहल

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गुजरात की ट्रेडमार्क साड़ी ‘पटोला’ अत्‍यंत महंगी मानी जाती है और केवल शाही एवं धनाढ्य परिवारों की महिलाएं ही इसे पहनती हैं। कारण यह है कि इसके कच्‍चे माल रेशम के धागे को कर्नाटक अथवा पश्चिम बंगाल से खरीदा जाता है, जहां सिल्‍क प्रोसेसिंग इकाइयां (यूनिट) अवस्थित हैं। इसी वजह से फैब्रिक की लागत कई गुना बढ़ जाती है, लेकिन अब इस पटोला साड़ी की कीमत में कमी आ सकती है, क्योंकि हाल ही में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने गुजरात के सुरेन्‍द्रनगर में प्रथम सिल्‍क प्रोसेसिंग प्‍लांट का उद्घाटन किया, जिससे रेशम के धागे की उत्‍पादन लागत को काफी कम करने के साथ-साथ गुजराती पटोला साडि़यों के लिए स्‍थानीय स्‍तर पर कच्‍चे माल की उपलब्‍धता एवं बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह संयंत्र एक खादी संस्‍थान द्वारा 75 लाख रुपये की लागत से स्‍थापित किया गया है, जिसमें केवीआईसी ने 60 लाख रुपये का योगदान किया है। इस यूनिट में 90 स्‍थानीय महिलाएं कार्यरत हैं, जिनमें से 70 महिलाएं मुस्लिम समुदाय की हैं। इस बारे में केवीआईसी के अध्‍यक्ष वी.के.सक्‍सेना ने कहा कि कोकून को कर्नाटक एवं पश्चिम बंगाल से लाया जाए

मुमताज महल और शाहजहां के संयुक्त मकबरा ताजमहल से झलकता है शाहजहां का नाम

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14वीं शताब्दी के शासक तैमूर लंग के वंश में 5 जनवरी 1592 को लाहौर में शाहजहां ने मुगल सम्राट जहांगीर के पुत्र के रूप में जन्म लिया। शाहजहां पांचवें मुगल सम्राट थे, जो अपनी न्यायप्रियता के कारण लोकप्रिय रहे। इनका शासन काल मुगल शासन काल का स्वर्णयुग कहलाया। शाहजहां का नाम ऐसे आशिक के तौर पर लिया जाता है जिसने अपनी बेगम मुमताज महल के मकबरा के रूप में ताजमहल का निर्माण करवाया। ताजमहल मुमताज महल का संक्षिप्त नाम है।      नूरजहां के भाई अब्दुल हसन असद खान के पुत्री के रूप में 27 अप्रैल 1593 को मुमताज महल का जन्म हुआ। शाहजहां और मुमताज का निकाह 30 अप्रैल 1612 में हुआ। 1628 में शाहजहां ने मुमताज को मलिका ए जहां अर्थात दुनियां की रानी और मलिका उज ज़मानी की उपाधि से नवाजा। मुमताज महल ने 17 जून 1631 को मध्यप्रदेश के बुहरान पुर में अंतिम सांस ली। बुहरान पुर में ही इनको दफनाया गया और छह महीने बाद इनके कब्र को आगरा लाया गया।      मुमताज की अंतिम इच्छा थी कि शाहजहां उनकी स्मृति में एक ऐसे महल का निर्माण करें, जो विश्व प्रसिद्ध हो। शाहजहां ने इस इच्छा की पूर्ति के लिए मुमताज के मकबरा के रूप में ताजमह

गोवा के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कराई इस बॉलीवुड अभिनेता के खिलाफ शिकायत दर्ज

सोशल मीडिया पर कथित रूप से भारत का फर्जी नक्शा पोस्ट करने के मामले में बॉलीवुड अभिनेता फरहान अख्तर के खिलाफ गोवा के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई है। इसमें कहा गया है कि संबंधित पोस्ट में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के लिए लोगों को आमंत्रित भी किया गया।   सामाजिक कार्यकर्ता एवं न्यूज पोर्टल गोवा क्रानिकल डॉट कॉम के मुख्य संपादक सविओ रोड्रिग्स ने गोवा पुलिस के सायबर अपराध विभाग के समक्ष दर्ज अपनी शिकायत में कहा कि फरहान ने ट्विटर के जरिए लोगों को प्रदर्शन के लिए 19 दिसम्बर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान पर एकत्र होने के लिए आमंत्रित किया था। रोड्रिग्स ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि 18 दिसम्बर को अपलोड इस पोस्ट में विरोध प्रदर्शन को लेकर लोगों को आमंत्रित करने के लिए भारत के गलत नक्शे वाले पोस्टर का भी उपयोग किया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि ऐसा नक्शा उन कश्मीरी अलगाववादियों द्वारा उपयोग किया जाता है, जो कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं मानते। उन्होंने कहा कि ट्विटर से इस नक्शे वाले पोस्ट को हटाने और माफी मांगने के लिए कहे जाने के बावजूद फरहान ने अभी तक ऐ

नव वर्ष मतलब जीवन में नये उत्साह का आगमन

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नव वर्ष मतलब जीवन में नये उत्साह का आगमन एवं अपने उद्येश्य की पूर्ति के लिये नई उर्जा को समेट लेने का प्रण है जो एक बार पुनः नव शक्ति का संचार करता है। यद्यपि दुनिया के ज्यादातर लोग अपने नए साल की शुरुआत 1 जनवरी यानि अंग्रेजी महीने के अनुसार वर्ष के पहले दिन से करते हैं। 31 दिसंबर को एक वर्ष का अंत होने के बाद 1 जनवरी से नए अंग्रेजी कैलेंडर वर्ष की शुरूआत होती है, इसलिए इस दिन को पूरी दुनिया में नये साल शुरू होने के उपलक्ष्य में पर्व की तरह मनाया जाता है। 1 जनवरी को नया साल मनाना सभी धर्मों में एकता कायम करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है, क्यों इसे सभी मिलकर मनाते हैं। 31दिसंबर की रात से ही कई स्थानों पर अलग-अलग समूहों में इकट्ठा होकर लोग नए साल का जश्न मनाना शुरू कर देते हैं और रात 12 बजते ही सभी एक दूसरे को नए साल की शुभकामनाएं देते हैं।  ऐतिहासिक पन्नों के अनुसार, नववर्ष उत्सव 4000 वर्ष पूर्व बेबीलोन में मनाया जाता था, मगर इसकी तारीख 21 मार्च थी। बाद में रोम के तानाशाह जूलियस सीजर ने ईसा पूर्व 45वें वर्ष में जब जूलियन कैलेंडर की शुरूआत की तब पहली बार 1 जनवरी को नववर्ष उत्सव