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Showing posts from March, 2020

लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ के जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क भोजन और राशन सामग्री से मिली बड़ी राहत

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कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव और रोकथाम के उपायों के तहत चल रहे लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ के सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 62 हजार 172 गरीबों और जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क भोजन और निशुल्क राशन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे इन परिवारों को बड़ी राहत मिली है। पूरे प्रदेश में 62 हजार 172 लोगों को भोजन और राशन सामग्री उपलब्ध कराई गई है। प्रदेश में संबंधित जिलों में जिला प्रशासन द्वारा 14 हजार 467 व्यक्तियों और 4015 परिवारों को निशुल्क राशन सामग्री वितरित की गई है, जबकि 28 हजार 227 लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई है।  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी जिला कलेक्टरों को इस कार्य को पूरी संवेदनशीलता से करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि  इस चुनौतीपूर्ण समय में कोई भी व्यक्ति भूखा ना रहे। मुख्यमंत्री के आह्वान पर अनेक समाजसेवी संस्थाएं गरीबों और जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए सामने आयी और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस कार्य मे सहयोग दे रही हैं।

राष्ट्रव्यापी अभियान के लिये बनाए गये फंड में अपने सांसद निधि से कम से कम एक करोड़ की राशि देने की उपराष्ट्रपति ने की राज्यसभा सांसदों से अपील

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प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) में एक माह के वेतन के बराबर धनराशि का योगदान देते हुए भारत के उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में उपराष्ट्रपति ने ‘कोविड -19’ को अत्यंत गंभीर आपदा बताया है जिस वजह से दुनिया भर में बड़ी संख्‍या में लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस महामारी से निबटने में यह मेरा छोटा सा योगदान है।     इसके साथ ही उपराष्ट्रपति ने राज्य सभा के सांसदों से सरकार द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्र व्यापी अभियान के लिये स्थापित कोष में अपने सांसद निधि से कम से कम रू 1 करोड़ योगदान स्वरूप देने की अपील की है। इस संदर्भ में सांसदों को लिखे अपने पत्र में उपराष्ट्रपति ने कहा  है कि कोविड 19 संक्रमण से पैदा हुए इस संकट से निपटने के लिए, सरकार, निजी क्षेत्र तथा नागरिकों द्वारा इस संक्रमण के विरुद्ध अनेक कदम उठाए गए हैं जिसके लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय, मानव संसाधनों और साजो  समान की आवश्यकता होगी जिसके लिए भारत सरकार विभिन्न तरीकों से जरूरी वित्तीय संसाधन एकत्र कर रही है जिससे केंद्र, राज्य तथा जिला स्तर तक पर्याप्त संसाधनों को उपलब्ध कर

कोरोना से लड़ाई में मानवता के साथियों को समर्पित होगा, विकल्प मीमांसा का संपूर्ण आगामी अंक

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कोरोना नामक आफत से दुनियां के विकसित और विकासशील देश एक साथ दिन और रात लड़ रहे हैं। भारत में भी अब स्थिति खराब होने लगी है, जब कोरोना संक्रमितों की संख्या में निरंतर वृद्धि देखने को मिल रही है। लाखों करोड़ों दुआएं और प्रार्थनाएं लोग लॉकडाउन में घरों में बंद रहकर मन ही मन कर रहे हैं कि यह आफत सबकी जिंदगी से दूर हो जाए। उम्मीद कायम है, लेकिन हालात सबके साथ मिलकर लड़ने के हैं। केन्द्र सरकार और राज्य सरकारें अपनी तरफ से इस विपरीत स्थिति में राहत देने के लिये घोषणाएं कर रही हैं, लेकिन यह काफी नहीं होगा। इतनी बड़ी जनसंख्या में उनकी तादाद काफी है, जो हर दिन कमाकर खाते हैं। आज कमाई बंद है, तो खाने के लाले हैं। मीडिया लगातार उन्हें दिखा रही है, और अधिकांश लोग इन्हें देखकर विचलित हो रहे हैं, तो यही वक्त है कि अपनी संवेदना और इंसानियत को जाहिर करते हुए मदद का हाथ आगे बढ़ाएं। विकल्प मीमांसा की गुजारिश है कि अपने घरों में रहकर भी प्रशासन के जरिये आप जरूरतमंदों की मदद कर सकते हैं। मीडिया, प्रशासन और गैर सरकारी संस्थाएं इन कामों में मदद करेगी। जो लोग इन कामों को पहले से ही कर रहे हैं, कृपया अपनी जा

दूरदर्शन पर 33 साल बाद फिर से रामायण के प्रसारण से टीवी के पास सिमटे लोग

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33 साल बाद एक बार फिर रामायण के प्रसारण से टीवी के पास सिमटे लोग, बस फर्क इतना है कि तब पाबंदी नहीं थी, और अभी पूरा देश लॉकडाउन की स्थिति में है। पहले दिन ही सुबह 9 बजे रामायण के प्रसारण से पहले देश के अधिकांश घरों में लोगों ने अपने परिवार के साथ रामायण का पहला एपिसोड देखा, और आज रात दूसरे एपिसोड के इंतजार में हैं। पुराने दिनों की बात करें तो उस वक्त हम भाई बहन काफी छोटे थे, जब टीवी पर रामायण का प्रसारण होता था। बहुत कम लोगों के घर में तब टीवी हुआ करता था, इसलिये जिनके घर पर टीवी था, उनके यहां रामायण शुरू होने से पहले ही देखने वालों की भीड़ जमा हो जाती थी। सड़कों पर बिना सरकारी आदेश के ही सन्नाटे का माहौल होता था। रामायण का एक-एक संवाद लोग बड़ी तन्मयता से सुनते थे, या यूं कहें कि भावनाएं जुड़ी थीं। हमारे संस्कार का वह हिस्सा थी। इसके बाद दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले महाभारत की लोकप्रियता भी कम नहीं रही। आज भी वह लोग जो उन दिनों के साझी हैं, बदलते वक्त में फिर से प्रसारण की चाह रखते थे। कोरोना की स्थिति आने से पहले ही लोगों ने इसके फिर से प्रसारण की मांग की थी, जो डॉकडाउन के बाद और

कोरोनावायरस के संचरण चक्र को तोड़ने के लिए भारतीय उद्योग राष्ट्रीय संकल्प का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा- एसौचैम महासचिव

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लगभग 4.5 लाख से अधिक की सदस्यता वाले उद्योग समूह एसोचैम ने प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा किये गये 21 दिनों के सम्पूर्ण लॉकडाउन का समर्थन करते हुए कहा है कि कोरोनावायरस के संचरण चक्र को निर्णायक रूप से तोड़ने के लिए भारतीय उद्योग राष्ट्रीय संकल्प का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। “स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, प्रधान मंत्री ने 1.3 बिलियन भारतीयों की सुरक्षा को सर्वोच्च राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में रखते हुए यह कठिन और अभूतपूर्व फैसला लिया है। ASSOCHAM के महासचिव दीपक सूद ने कहा कि हम इस लॉकडाउन के फैसले को एक आंदोलन बनाने और वैश्विक संकट से बाहर निकलने के लिये अपने सदस्यों और समाज के अन्य सभी हितधारकों तक पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि 21 दिन के तालाबंदी में भारी आर्थिक लागत शामिल होगी। औद्यौगिक समूह के रूप में हम इस कठिन लड़ाई में हम अपने सभी हितधारकों - हमारे कर्मचारियों, स्वास्थ्य सेवाओं और वहां कार्यरत एक विशाल मानव संसाधन, ग्राहकों, बैंकरों और शेयरधारकों के साथ भारत की जीत के लिये हर कीमत पर खड़े होंगे। शुक्र है कि भारत ने डिजिटल अर्थव्यवस्था में एक सराहनीय प्

झारखण्ड के स्थानीय लोगों के स्वरोजगार के लिए लाह की खेती को कृषि का दर्जा देने की सांसद ने की मांग

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भारत देश का सबसे बड़ा लाख उत्पादक राज्य झारखंड है और इसके बढ़ने की भी पूरी संभावना है। भारत द्वारा उत्पादित लाख विश्व के 50 से अधिक देशो में निर्यात किया जाता है और वहाँ सामग्रियों का निर्माण कर महंगे दामों में भारत को बेचा जाता है। लाख का उपयोग कॉस्मेटिक इंडस्ट्री, इलेक्ट्रिक इंडस्ट्री, मशीनरी, डिफेंस, फूड इंडस्ट्री इत्यादि सभी जगहों पर उपयोग किया जाता है। पलाश और अन्य लाख पोषक वृक्षों के संरक्षण-सम्वर्धन और प्रबंधन की व्यवस्था किसानों को देने की जरूरत है। जिसके माध्यम से लाखों ग्रामीण स्वरोजगार प्राप्त कर बेरोजगारी, पलायन और भुखमरी से निजात पा सकते हैं और राज्य के ग्रामो में लघु एवं कुटीर उद्योग की स्थापना सरलता से की जा सकती है। इस कार्य मे 90 प्रतिशत महिलाओं की सहभागिता होती है।  गौरतलब है कि वन विभाग, झारखंड के अधीन कुल 12 लाह फार्म हैं जो विभाग के निष्क्रियता के कारण राज्य को अरबो का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन 12 लाह फार्म में से एकमात्र पलामू के कुन्दरी लाह बगान को ग्रामीणों की जागरूकता और निःस्वार्थ भावना के कारण उत्पादन शुरू कराया जा सका है, जो एक बार फिर बर्बादी की कगा

महिला स्वस्थ रहेगी तभी परिवार भी स्वस्थ रहेगा

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मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा विषय को लेकर सरायकेला जिला के अन्तर्गत आने वाले बीरबांस ग्राम पंचायत में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता यहां के मुखिया घनश्याम हॉसदा ने की। बताया गया कि परिवार और बाल बच्चे की देखभाल करने को लेकर महिलाएं अपनी देखभाल करना भूल जाती हैं, जबकि महिलाओं को अपनी सेहत पर ध्यान देना जरूरी है। महिला स्वस्थ रहेगी तभी परिवार भी स्वस्थ रहेगा। गौरतलब है कि इस कार्यक्रम के साथ-साथ बीरबांस गांव के आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्र आर एस बी फाउंडेशन के द्वारा जीर्णोद्धार किया गया जिसके उद्घाटन में जिला सरायकेला के कार्यवाहक डीसी संजय कुमार, समाज कल्याण पदाधिकारी संध्या रानी, आर.एस.बी. फाउंडेशन की डायरेक्टर प्रियंका बगैरा, ए.जी.एम. फाउंडेशन के लोकेश वर्मा, एवं सीनियर मैनेजर शशिकांत त्रिपाठी, पंचायत सचिव एवं वार्ड सदस्य आदि  सम्मिलित हुए।

दिल्ली पुलिस इतनी कठोर कार्रवाई करेगी कि दंगा करने वालों के लिये यह एक सबक होगा-केन्द्रीय गृह मंत्री

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पिछले महीने दिल्ली में हुए दंगे को लेकर केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि पहली दृष्टि में ऐसा लग रहा है कि दिल्ली दंगे एक सोची समझी साजिश के तहत किये गये थे। दिल्ली पुलिस इतनी कठोर कार्रवाही करेगी कि दंगा करने वालों के लिये यह एक सबक होगा। गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली के 4% क्षेत्र और 13% आबादी तक ही हिंसा सीमित रखने का काम दिल्ली पुलिस ने किया है और यह 12 थानों तक ही हिंसा रुकी रहे यह एक अच्छा प्रयास रहा।  शाह ने यह भी कहा कि 24 फरवरी 2020 को दंगों की पहली सूचना प्राप्त हुई और 25 फरवरी रात 11:00 बजे अंतिम सूचना प्राप्त हुई और दिल्ली पुलिस ने बहुत ही संयम से काम लेकर 36 घंटों के अंदर हिंसा को समेटने का काम किया है। अमित शाह ने कहा कि कहा कि दूसरे दिन लगातार दिल्ली पुलिस के साथ चर्चा की गई कि यह दंगे आगे न फैलें |  2 दिनों की अलग-अलग बैठकों का हवाला देते हुए शाह ने कहा कि दिल्ली के दंगों पर पूरी नजर थी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को पुलिस का मनोबल बढ़ाने के लिए वहां भेजा गया था। शाह ने यह भी बताया कि तुरंत ही स्पेशल सीपी अपॉइंट किए गए और शीघ्रता के आधार पर इस

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दुग्धा पंचायत भवन में हुआ बेटी रक्षा बल भारत 24x7 का गठन

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झारखंड में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर संत कबीर सेवा संस्थान, गम्हरिया, के द्वारा दुग्धा पंचायत भवन में बेटी रक्षा बल भारत 24x7 का गठन किया गया जिसकी अध्यक्षता दुग्धा पंचायत की मुखिया मालती हासदा ने की। इस मौके पर संत कबीर सेवा संस्थान से बेटी रक्षा बल के परियोजना निदेशक दिग्विजय भारत ने मौके पर एक पेड़ आपके नाम का पौधा महिलाओं को संयुक्त रुप से उपहार दिया। उन्होने कहा की बेटी रक्षा बल  महिलाओं को जागरूक व सशक्त बनाने तथा महिलाओं के प्रति किसी अप्रिय घटना को घटित होने से पहले रोकने की दिशा में कार्य करेगी। दिग्विजय भारत ने कहा कि आज महिलाओं को सशक्त बनाने हेतु समाज मे महिलाओं की एकता व महिलाओं के प्रति लोगों में कुविचार व कुदृष्टि को नष्ट करना होगा। इसमें महिलाओं व किशोरियों को योग, कराटे तथा  खेल के माध्यम से मजबूत बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। भविष्य मे ऐसा बल पुरे जिले में बनाने के ऊपर कार्य किया जाएगा।    

झारखंड के पोटका प्रखण्ड अंतर्गत आसनबनी पंचायत में हुआ 'सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम का आयोजन

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पोटका प्रखण्ड अंतर्गत आसनबनी पंचायत में 'सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक संजीव सरदार शामिल हुए। कार्यस्थल पर विभिन्न विभागों का स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा उनसे आवेदन प्राप्त किए गए। पोटका विधायक संजीव सरदार ने कहा कि 'सरकार आपके द्वार' के आयोजन का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का पंचायत स्तर पर ही निष्पादन करना है। झारखंड राज्य के सभी जिलों में प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को 'सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है ताकि झारखंड की जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिये सरकारी कार्यालयों के चक्कर ना काटना पड़े। विधायक ने कहा कि पदाधिकारी इस कार्यक्रम में इसलिए उपस्थित होतें हैं ताकि जन समस्याओं का निष्पादन मौके पर ही किया जा सके। ऐसे में सभी ग्रामीणों से भी आग्रह है कि वे अपना आवेदन पदाधिकारियों के समक्ष रखें ताकि उस पर यथोचित कार्रवाई की जा सके।    

साहिर पहले गीतकार थे, जिन्हें उनके गानों के लिये रॉयल्टी मिलती थी

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मशहूर शायर और गीतकार साहिर लुधियानवी का जन्म 8 मार्च 1921 को भारत के लुधियाना में हुआ। इनका वास्तविक नाम अब्दुल हयी साहिर था। लाहौर और मुम्बई इनकी कर्मभूमि रही।    इनकी शिक्षा लुधियाना के खालसा हाई स्कूल में हुई। कॉलेज के दिनों में ये अपने शायरी के लिए मशहूर हो गए। 1949 में इन्होंने फिल्मों के लिए अपनी पहली गीत आजादी की राह पर के लिए लिखे किन्तु प्रसिद्धि सचिन देव बर्मन की संगीत से सजी 1951 के नौजवान से मिली। नौजवान के गीत ठंडी हवाएं लहरा के आएं... बहुत लोकप्रिय हुआ और आज भी है। इनके प्रसिद्ध लोकप्रिय गीतों में 1961 के हम दोनों के अल्लाह तेरो नाम ईश्वर तेरो नाम... 1970 के नया रास्ता के ईश्वर अल्लाह तेरे नाम... और 1976 के कभी कभी के मैं पल दो पल का शायर हूं... शामिल हैं।      हिन्दी फिल्मों के लिए लिखे इनके गीतों में इनका व्यक्तित्व झलकता है। यह पहले गीतकार थे जिन्हें अपने गानों के लिए रॉयल्टी प्राप्त होती थी। इनके प्रयास के बावजूद ही संभव हो पाया कि आकाशवाणी पर गानों के प्रसारण के समय गायक तथा संगीतकार के अतिरिक्त गीतकारों का भी नाम उल्लेख किया जाता था। इससे पहले गानों के प्रसारण समय

भारतीय महिलाएं जरूरत से ज्यादा त्याग करती हैं – संजीव कपूर

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अधिकांश भारतीय महिलाएं जरूरत से ज्यादा त्याग करती हैं, इसलिये वह अपने बारे में बहुत कम सोचती हैं। अपने स्वास्थ्य और खाने-पीने का ख्याल नहीं रखती हैं। महिलाएं अपने बारे में सोचें। start thinking yourself. यह बात खाना-खजाना से मशहूर हुए स्टार शेफ संजीव कपूर ने एक कार्यक्रम में कही। दिल्ली के द्वारका  स्थित मणिपाल हॉस्पीटल में महिला दिवस को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्येश्य महिलाओं को उनके स्वास्थ्य को लेकर जागरूक करना था। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए संजीव कपूर ने कहा कि महिलाओं की उनकी जिंदगी में बड़ी भूमिका रही है। मां, पत्नी एवं बेटी के साथ वह सारी महिलाएं जुड़ी हैं, जो किचन में स्वाद एवं स्वास्थ्य के लिये व्यस्त रहती हैं। गौरतलब है कि खाना-खजाना कार्यक्रम को दुनियां के 120 देशों में देखा जा रहा है। इस बारे में संजीव कपूर कहते हैं कि कई चीजें हैं, जो समाज को तोड़ती हैं, मगर खाना एक-दूसरे को जोड़ता है, इसमें अब तक कोई भेदभाव नहीं है। महिला दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में संजीव कपूर ने कहा कि महिलाओं में मुख्य रूप से आयरन की कमी देखी जाती है, इसक

कोरोना वायरस चिकन, मटन और अन्य मांसाहारी भोजन से फैलता है, यह साबित करने के लिये अब तक कोई वैज्ञानिक डाटा नहीं- FSSAI प्रमुख

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नई दिल्ली में एसोचैम द्वारा आयोजित पोषण एवं क्रियाशील आहार पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के प्रमुख ने कहा कि  कोरोना वायरस चिकन, मटन और अन्य मांसाहारी भोजन से फैलता है, यह साबित करने के लिये अब तक कोई वैज्ञानिक डाटा नहीं है। एफएसएसएआई प्रमुख जी.एस.जी. अय्यंगर ने कहा कि लोगों में गलतफहमी बहुत है कि कोरोना वायरस चिकन और मटन के माध्यम से फैल जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। यह वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं है, और मैं एक वैज्ञानिक हूं, इसलिये उस तर्क को नहीं मानूंगा। उन्होंने यह भी कहा, "यह एक वायरस है, जो कई अन्य वायरस की तरह ही है, लेकिन निश्चित रूप से अब यह सुर्खियों में है, इसलिए हमें सभी सावधानी बरतनी होगी। सरकार वायरस को दूर करने के लिए सभी प्रयास कर रही है, हम एक बार वायरस को दूर करने में सफल हो जाते हैं, तो वायरस का मुकाबला करने के लिए वैक्सीन की तलाश में कुछ समय लगता है जो वायरस की जटिलता पर निर्भर करता है। "  FSSAI प्रमुख ने यह भी कहा, "भारत में, हम इन वायरस से निपटने में बहुत अच्छे हैं, यह समय पर निर्भऱ है। उन्होंने

सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ दिव्यांगों को प्राथमिकता के आधार पर मिले

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पिछले 5 वर्षों से आधार कार्ड नहीं बनने के कारण दिव्यांग रमेश चंद्र मुंडा बेहद गरीबी की हालत में जीने को मजबूर थे। तंगहाली में वह अपने परिवार के साथ जी रहे थे, मगर अब उन्हें स्वामी विवेकानंद निःशक्त स्वाबलंबन प्रोत्साहन भत्ता " की राशि मिलनी शुरू हो गई है। ऐसा विभिन्न जागरूक लोगों के प्रयास से संभव हो सका है। दरअसल इस मामले में दो दिन पूर्व झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला के अन्तर्गत पोटका प्रखंड के हाथीबिंन्धा ग्राम पंचायत के कोकदा गांव की आँगनबाड़ी सेविका मालती भकत द्वारा फोन कॉल के माध्यम से जिप सदस्या प्रतिमा रानी मंडल को दिव्यांग रमेश चंद्र मुंडा के बारे में जानकारी दी गई एवं समस्या के समाधान में सहयोग का अनुरोध किया गया था। इसके बाद जिला परिषद सदस्या के निर्देश पर पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल, रमेश चंद्र मुंडा के घर पँहुचे। 41 वर्षीय दिव्यांग रमेश मुंडा का बचपन से हाथ पाँव बिल्कुल सिंकुड़ा हुआ है एवं गर्दन में भी खिंचाव है। चलना-फिरना संभव नहीं है। इसलिये चाह कर भी उनके परिवार वाले उनका आधार कार्ड नहीं बनवा पाये। यहीं वजह रही कि आधार के बिना अंतिम बार मई - 2015 तक दिव्यांग भत

खेलकूद कमिटी का गठन कर खिलाड़ियों को स्वरोजगार से जोड़ने का मुखिया ने किया राज्य सरकार से अनुरोध

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झारखंड के सरायकेला खरसावां जिला के गम्हरिया प्रखंड स्थित यशपुर ग्राम पंचायत के मुखिया रामू मुर्मू ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि खेल को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय खेलकूद कमिटी का गठन कर खिलाड़ियों को बढ़ावा देते हुए स्वरोजगार से जोड़ें। रामू मुर्मू 1 मार्च 2010 को दुग्धा फुटबॉल मैदान में पंचायत प्रीमियर लीग सीजन-5 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। यशपुर मुखिया रामू मुर्मू ने कहा कि खेल से मनुष्य का शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है। इस अवसर पर समाज सेवी दिलीप महतो, क्लब के अध्यक्ष बाबलु प्रधान, सुदाम प्रधान, झुलन दास, देवाशीष प्रधान, सेवा प्रधान एवं राकेश प्रधान आदि मौजूद रहे।

60 वर्षीय वृद्ध को आधार कार्ड में बना दिया 25 वर्षीय युवा..नहीं मिल रही पेंशन की सुविधा

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झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला के अन्तर्गत पोटका प्रखंड के हाथीबिंन्धा ग्राम पंचायत में आधार कार्ड में गड़बड़ी के चलते कई लोगों को सरकारी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। इन सुविधाओं में वृद्धा पेंशन एवं विधवा पेंशन मुख्य रूप से शामिल हैं। जिनकी उम्र 60 वर्ष से ऊपर हो चुकी है, उनके आधार कार्ड में उम्र 25 साल है, जिसके चलते वह लाभुक में शामिल नहीं हैं। अपने बुढ़ापे की उम्र में जी रहे सीताराम भी इसी गड़बड़ी के शिकार हैं। उम्र 60 वर्ष से अधिक है मगर पेंशन के लाभ के लिये हर सरकारी महकमे में भटक रहे हैं, क्योंकि आधार में इनकी उम्र 25 वर्ष है, और उसके अनुसार इन्हें पेंशन का लाभ नहीं मिल सकता है। इस बारे में हाथीबिंधा ग्राम पंचायत की मुखिया कनक सरदार कहती हैं कि उन्होंने बहुत कोशिश की लेकिन आधार में गड़बड़ी को ठीक नहीं किया जा सका है, और सीताराम वृद्धा पेंशन से वंचित हैं। कनक ने कहा कि क्षेत्र में इस समस्या को दूर करने के लिये कई बार अधिकारियों से कह चुकी हैं, मगर इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि सीताराम जैसे बुजुर्गों को आधार कार्ड में उम्र की गड़बड़ी करने वालो

वीरांगना सम्मान से विभूषित मैरी कॉम की बचपन से ही थी एथलेटिक्स में रूचि

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वीरांगना सम्मान से विभूषित मैरी कॉम विश्व प्रसिद्ध भारतीय मुक्केबाज की रुचि बचपन से एथलेटिक्स में थी। 1999 में खुमान लम्पक स्पोर्ट्स काम्पलेक्स में इन्होंने कुछ लड़कियों को बॉक्सिंग रिंग में लड़कों के साथ बॉक्सिंग के दांव पेच आजमाते देखा और मणिपुरी बाक्सर डिंग्को सिंह की सफलता ने इन्हें बॉक्सिंग की ओर आकर्षित किया। मैरीकॉम ने 2001 में प्रथम बार नेशनल वूमंस बॉक्सिंग चैंपियनशिप जीती। बॉक्सिंग में देश का नाम रोशन करने के लिए भारत सरकार ने 2003 में इन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया एवं 2006 में इन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया। 2014 में  उनके जीवन पर एक फिल्म बनी इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा ने इनकी भूमिका निभाई। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्त्रीत्व को नहीं परिभाषा देकर अपने शौर्य बल से नई कीर्तिमान गढ़ने वाली मैरी कॉम को 17 जून 2018 को वीरांगना सम्मान से विभूषित किया गया। 24 नवम्बर 2018 को इन्होंने महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में इन्होंने 6 विश्व चैंपियनशिप जीतने वाली पहली महिला बनकर इतिहास बनाया। मैरीकॉम उन तमाम महिलाओं के लिये एक आदर्श हैं, जो अपने अंदर की प्रतिभा के