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Showing posts from November, 2020

उगते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ छठ महापर्व सम्पन्न।

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उगते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ छठ महापर्व सम्पन्न हो गया। देश-विदेश में श्रद्धालुओं द्वारा छठ महापर्व मनाये जाने की खबर है। विदेशों में बसे पूर्वांचलवासियों ने भी धूम धाम से छठ मनाया। हालांकि कोरोना संकट की वजह से नदी  एवं तालाबो  के तट के वजाय इस बार लोगों ने घरों में मनाया। औद्योगिक नगरी जमशेदपुर से मिली खबर के अनुसार प्रसिद्ध समाज सेविका आशा मिश्रा ने इस बार अपने आवासीय परिसर में सूर्य को अर्ध्य दिया। वह प्रति वर्ष  मां जानकी की जन्म भूमि सीतामढ़ी में अर्ध्य अर्पित करती थीं। मधुबनी से मिली खबर के अनुसार जिले के भेजा गांव स्थित यदुपति नाथ स्थल पर हजारों श्रद्धालुओं ने सूर्य को अर्ध्य दिया।

झारखंड के आदित्यपुर में मनाई गई पूर्व प्रधानमंत्री स्व० इंदिरा गांधी जी की जयंती

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झारखंड में आदित्यपुर के प्रियदर्शिनी चौक पर आज 19 नवंबर को आदित्यपुर नगर कांग्रेस सह प्रखंड कांग्रेस कमिटी के द्वारा आयरन लेडी पूर्व प्रधानमंत्री स्व० इंदिरा गांधी की 103वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित सभी कांग्रेसी द्वारा इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किये जाने के साथ ही उनकी जीवनी और देश की एकता और विकास में उनके समर्पित जीवन पर चर्चा किया गया। कार्यक्रम में सभी वरिष्ठ कांग्रेसजनों एवं ज्यादातर मंच, मोर्चा और प्रकोष्ठों के कांग्रेस सदस्यों ने उपस्थित होकर एकता का प्रदर्शन किया। यहां मौजूद लोगों में नगर अध्यक्ष संतोष सिंह, नगर उपाध्यक्ष रिज़वान खान, नगर उपाध्यक्ष अभिषेक शास्त्री, वरीय उपाध्यक्ष केशव सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जगदीश नारायण चौबे, समरेंद्र तिवारी, गंभीर सिंह, सांसद प्रतिनिधि मुन्ना शर्मा, राना सिंह, सांसद प्रतिनिधि सह युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रमेन्द्र मिश्रा, सांसद प्रतिनिधि मोनू झा, सांसद प्रतिनिधि लालबाबू सरदार, अम्बुज कुमार, प्रदेश खेल प्रकोष्ठ के कोषाध्यक्ष चंदन सिंह, गम्हरिया प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप बारीक, गम्हरिया प्रखंड महासचिव सत्य प्

अपनों के कल्याण का महापर्व छठ प्रकृति पूजा का महापर्व है

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छठ पूजा एक ऐसी पूजा है, जिसे द्रौपदी ने भी किया था और सुकन्या ने भी, लेकिन दोनों का मकसद एक ही था, स्वजनों का कल्याण। इस प्रकार स्वजनों के कल्याण के लिए किया जाने वाला यह सबसे बड़ा पर्व है, जिसमें षष्ठी तिथि को डूबते सूर्य व सप्तमी तिथि को उगते सूर्य कोअर्घ्य दिया जाता है। छठि मइया का वाहन 'बिल्ली' है। अत: छठ पर्व के दौरान बिल्ली का दर्शन बेहद शुभ माना गया है। भारतीय वांग्मय में कार्तिक मास को सर्वाधिक पुण्यकारी बताया गया है। वैसे तो इस मास के प्रत्येक दिन स्नान-दान व देव दर्शन के लिए विशेष पुण्यकारी हैं, पर इसी माह में हरेक वर्ष मनाए जाने वाले सूर्य षष्ठी पर्व, जिसे बोलचाल की भाषा में ‘छठ’ कहा जाता है, का विशिष्ट मान है। यह जानने की बात है कि प्रत्यक्ष देव सूर्य नारायण के श्रद्धा-सम्मान में छठ पर्व का आयोजन चैत्र माह में भी होता है, पर जिस छठ की महत्ता चातुर्दिक है, वह है कार्तिक मास का छठ, जिसे नेम-निष्ठा व आस्था का महापर्व कहा जाता है। पर्वों के देश भारत में मनाए जाने वाले इस पर्व में शुद्धता, सुचिता व अंत:करण की स्वच्छता परमवश्यक है। यह छठ की महत्ता का ही सुप्रभाव है कि

उपराष्ट्रपति ने मीडिया जगत से आग्रह किया कि वह अपने दर्शकों में विस्तार करे और राजस्व के नए मॉडल खोजे।

  भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडू ने  16 नवम्बर  को राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित, कोविड महामारी के दौरान मीडिया की भूमिका तथा मीडिया पर महामारी के असर, विषय पर उन्होंने कहा कि आज़ाद और निर्भीक प्रेस के बिना लोकतंत्र की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने में देश की प्रेस की अग्रणी भूमिका रही है। लोकतंत्र को मजबूत करने तथा संवैधानिक के अनुसार कानून का राज सुनिश्चित करने में एक मुखर, आज़ाद और जागरूक मीडिया उतना ही जरूरी है जितना की स्वतंत्र न्यायपालिका। पत्रकारिता को एक पवित्र मिशन बताते हुए, उपराष्ट्रपति  ने राष्ट्रहित के संवर्धन और जनता के अधिकारों के संरक्षण में प्रेस की उल्लेखनीय भूमिका की सराहना की। उन्होंने  मीडिया से आग्रह किया कि अपनी रिपोर्ट में वस्तुनिष्ठ, तथ्यात्मक, और निष्पक्ष रहे। उन्होंने सनसनी फैलाने और खबरों में पूर्वाग्रह मिलाने की प्रवृत्ति से बचने की भी सलाह दी।  महामारी के दौरान प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडियाकर्मियों की अग्रणी भूमिका की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि म

छठ व्रतियों के बीच उद्यमी अभिजीत ने बांटे दो क्विंटल लौकी।

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आस्था का महापर्व छठ की तैयारियो ने  जोर पकड़ ली है। कोरोना संकट के मध्यनजर  महंगाई व्रतियों के बजट पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। ऐसे में कुछ सामाजिक लोग मदद के लिए आगे आएं है ताकि परंपरा और आस्था प्रभावित न हो। ऐसे ही सामाजिक लोगों की श्रेणी में है  उद्यमी अभिजीत दत्त । नहाय खाय से छठ पूजा के शुभारंभ को देखते हुए उन्होंने मंगलवार को आदित्यपुर माझी टोला क्षेत्र में व्रतियों के सहायतार्थ दो क्विंटल लौकी का वितरण किये।  उन्होंने बताया कि आगामी 19 नवंबर को व्रतियों के बीच सूप , नारियल एवं गागर नीबू आदि का वितरण किया जाएगा।   छठ पूजा को लेकर सरकारी गाइडलाइन पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने  कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गुड़ खाकर गुलगुले से परहेज करने वाली कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। आज पूरा झारखण्ड, चाहे पक्ष हो या विपक्ष सीएम के छठ को लेकर अविवेकपूर्ण फैसले पर विरोध जता रहे हैं। और जताएं भी क्यों नहीं  ?  जब उपचुनाव में वोट डालने के लिए बुथ तक जाया जा सकता है तो अर्घ्य देने के लिए तालाब पर क्यों नहीं ?  उन्होंने कहा कि आस्था और परंपरा‌  पर  अविवेकपूर्ण निर्णय का व्

बिहार में अंतिम चरण के लिए आज जारी है मतदान

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बिहार में तीसरे एवं अंतिम चरण के लिए 15 जिलों के 78 विधान सभा सीटों पर कड़ी सुरक्षा के बीच आज मतदान जारी है।   इस चरण में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दाव पर है। आधिकारिक सूत्रों ने यहां इस आशय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मतदान सुबह 7 बजे शांति पूर्ण शुरू हुआ। केंद्रों पर शुरू में मतदाताओं की संख्या कम थी, लेकिन दिन चढ़ने के साथ बढ़ती गयी। इस चरण में दो करोड़ 35 लाख से ज्‍यादा मतदाता सीमांचल, कोशी और तिरहुत इलाके में हैं तथा 1203 प्रत्याशियों की किस्‍मत का फैसला होना है।चुनाव परिणाम 10 नवंबर को घोषित किये जायेंगे। वर्तमान विधान सभा का कार्यकाल 29 नवंबर तक है। अंतिम चरण में आज जिन 78 क्षेत्रों में मतदान हो रहा है,वहां अभी ज्यादातर सीटों पर जदयू का कब्जा है। वर्ष 2015 में महागठबंधन के साथ जदयू को यहां 23 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। वहीं राजद के 20, कांग्रेस के 11 और भाजपा के 20 उम्मीदवारों को सफलता मिली थी। इस चरण में सरकार के 11 मंत्रियों सहित कई दिग्गजों के किस्मत का फैसला होना है। हाल ही में दिवंगत हुए नीतीश कुमार मंत्रिमंडल के दो सदस्य कपिलदेव कामत की बहू मीना कामत एवं विनोद कुमार

बिहार में गठबंधन का समीकरण बदला :पाठक

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मधुबनी,3 नवंबर 2020 , बिहार की जनता इस बार काफी सोच समझ कर वोट दे रही है और इसका बेहत्तर परिणाम आएगा। प्रसिद्ध समाजसेवी अरविन्द पाठक ने आज दूसरे चरण के लिए हो रहे मतदान के दौरान एक इंटरव्यू में यह बात कही। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण के मतदान से ही बिहार की दशा एवं दिशा तय हो जायेगी।  पाठक ने कहा कि कोरोना संकट के बीच दुनियां में यह सबसे बड़ा चुनाव हो रहा है और इसके बाबजूद लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है,यह बिहार की भलाई के लिए अच्छा संकेत है। एक सवाल के जवाब में अरविंद पाठक  ने कहा कि बिहार में इस बार गठबंधन का  समीकरण एकदम अलग है। बाहर  से है और अंदर से एक सहयोगी दूसरे का जड़ काट रहे हैं।  पाठक ने कहा कि यह सही है कि इस स्थिति में राज्य में भाजपा एवं  राजद के प्रभाव में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुयी है। जदयू एवं कांग्रेस बी टीम की तरह दिखाई दी है। लोजपा ने भी अच्छा स्टेंड लिया। 

बिहार में दूसरे चरण का मतदान जारी

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  बिहार में दूसरे चरण का मतदान आज सुबह सात बजे से शांति पूर्ण जारी है। आधिकारिक सूत्रों ने इस आशय की जानकारी दी।दूसरे चरण में 17 जिलों की 94 सीट पर 1514 प्रत्‍याशी मैदान में हैं।प्रथम चरण में 71 सीटों पर गत 28 अक्टूबर को मतदान ही चुका है। इस चरण में जिन दिग्गजों के किश्मत का फैसला होना है, उनमें राज्य के मंत्री रामसेवक सिंह,लालू यादव के समधी चंद्रिका राय, राजद नेता तेज प्रताप यादव, पूर्व मंत्री ललित यादव, फ़िल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा के पुत्र लव सिन्हा,भाजपा नेता नंद किशोर यादव, राज्य के काविना मंत्री श्रवण कुमार,  बाहुबली काली पांडेय एवं अमरेंद्र पांडेय के अलावा वीआईपी तथा वाम दलों के कुछ दिग्गज शामिल हैं।

बिहार चुनाव में जन सैलाब के मामले में तेजस्वी ने अपने पिता लालू का रिकार्ड तोड़ा

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1 नवंबर 2020 को हुए बिहार विधान सभा चुनाव के दूसरे चरण के प्रचार अभियान में राज्य में विरोधी दल के नेता तेजस्वी यादव ने सभाओं में उमड़े जन सैलाब के मामले में अपने पिता एवं राजद सुप्रीमों लालू यादव के रिकार्ड को तोड़ दिया। इसके साथ ही दूसरे चरण में 17 जिलों की 94 सीटों पर आगामी 3 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए प्रचार बीती शाम समाप्त हो गया। इस चरण में 1514 प्रत्‍याशी मैदान में हैं। प्रथम चरण में 71 सीटों पर गत 28 अक्टूबर को मतदान ही चुका है। दूसरे चरण के प्रचार अभियान में राजग की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित अनेक दिग्गजों ने जोर लगाया, वहीं विपक्ष की ओर से कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी एवं प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मोर्चा संभाला। बिहार में सत्ता पक्ष की ओर से प्रायः हर सभा में लालू-रावडी के15 वर्षो के कथित जंगल राज की याद दिलाने की कोशिश की गयी, वहीं तेजस्वी ने राजग के इतने ही वर्षो के शासन में राज्य की बदहाली,भय,भूख,गरीबी एवं पलायन आदि के मामले को उछाला। तेजस्वी यादव ने सत्ता में आने पर 10 लाख लोगों को सरकारी नॉकरी देने का वादा भी