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Showing posts from March, 2019

विक्रम संवत पर निर्धारित है, भारत सरकार का वित्तीय वर्ष

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नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया से सम्मानित गैर सरकारी संस्था दर्शन मेला म्यूजियम डेवलपमेंट सोसायटी के साप्ताहिक कार्यक्रम ‘इन्द्रधनुष‘ की 659वीं कड़ी में बताया गया कि “पुराणो के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को ब्रह्मा ने सृष्टि का निर्माण किया था। प्राचीन काल से यह तिथि सृष्टि प्रक्रिया कि पुण्य तिथि रही है। संवत्सर चक्र के अनुसार इस तिथि को सूर्य अपने राशि चक्र की प्रथम राशि ‘मेष‘ में प्रवेश करता है। मान्यता है कि त्रेतायुग में श्री रामचन्द्र ने रावण पर विजय पाने के लिए भगवती दुर्गा की आराधना इसी तिथि को आरंभ की थी, यहीं से वासंतिक नवरात्रि की परंपरा प्रारंभ हुई।   ईसा से 57 वर्ष पूर्व हिन्दु पंचाग के कालगणना प्रणाली पर आधारित स्थिति से विक्रम संवत आरंभ होती है। इसके प्रणेता चक्रवर्ती सम्राट चंद्रगुप्त विक्रमादित्य को माना जाता है। कालीदास जैसे महान साहित्यकार सम्राट विक्रमादित्य के रत्न माने जाते हैं। भारतीय पंरपरा में शौर्य, पराक्रम तथा प्रजा हितैषी विक्रमादित्य ने 95 शक राजाओं को पराजित कर भारत को विदेशी राजाओं के दासता से मुक्त किया था। प्राचीन काल मे नया संवत चलाने से पहले प

टी-सीरीज ने प्यूडीपाई को हराया

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लम्बे समय से रेस चल रही है। बहुत ही लम्बे समय से प्यूडीपाई ने यूट्यूब पर राज किया है और उनके सबसे ज़्यादा सब्सक्राइबर्स रहे हैं पर पिछले कुछ महीनों से भारत के म्यूजिक लेबल  चैनल टी- सीरीज ने उन्हें परेशान करके रखा है। पिछले कुछ दिनों से तो दोनों 5-6  बार एक दुसरे से आगे आ चुके हैं। लेकिन कल ऐसा नहीं हुआ और टी-सीरीज ने अब तक की सबसे लम्बी लीड ले ली।      टी- सीरीज की स्थापना गुलशन कुमार ने की और वर्तमान में भूषण कुमार इसका संचालन कर रहे हैं। फ़िल्म निर्माण का कार्य इसने वर्ष २००१ में फ़िल्म तुम बिन से आरम्भ किया। इसके द्वारा जारी किया गया प्रथम गीत 1984 में  लालू राम  था जिसका संगीत रवीन्द्र जैन ने दिया था। बाद में इसने 2001  तक टी-सीरीज़ ब्राण्ड के अधीन उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स गूड्स और ऑडियो-वीडियो सिस्टम का निर्माण भी किया। इसके बाद में इसने मोबाइल फ़ोन हैण्डसेट भी बाजार में उतारे। फेलिक्स अरवि द उल्फ केजेलबर्ग ऑनलाइन जिसे प्यूडीपाई के रूप में जाना जाता है, एक स्वीडिश यूट्यूबर, , कॉमेडियन और वीडियो गेम प्लेयर-कमेंटेटर  हैं। केजेलबर्ग की सबसे प्रसिद्ध YouTube सामग्री में उनके लेट्स प

विदेशी खेल क्रिकेट के लिए नई चुनौती, माटी का खेल कबड्डी

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  क्या क्रिकेट की चमक को कबड्डी के कोर्ट से उठती धूल धुंधलाने के लिए तैयार है ? ये सवाल हाल के दिनों में लोगों के बीच क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता ने  खड़ा कर दिया है। हाल के दिनों में मुंबई में कबड्डी के मैदान पर जब भारतीय क्रिकेट के करिश्माई कप्तानों में से महेन्द्र सिंह धोनी दिखे, तो यह चर्चा लोगों के बीच उठने लगी कि क्रिकेट के सबसे फिट खिलाडि़यों में से एक क्रिकेट से रिटायर होने के बाद कबड्डी में अपनी संभावनाएं तलाशने लगे हैं। क्रिकेट में उनकी चुस्ती-फुर्ती और विकेटों के बीच तेज रफ्तार दौड़ ने इस कौतूहल को और बढ़ा दिया। अब ये तो धोनी ही बताएंगे कि उनका भविष्य में क्या इरादा है, लेकिन प्रो कबड्डी लीग में कबड्डी एरिना में उनकी मौजूदगी ने इतना तो जाहिर कर ही दिया कि मिट्टी से जुड़े धोनी की मिट्टी के खेल कबड्डी में अच्छी-खासी दिलचस्पी है। यह कोई अनायास पैदा हुआ प्यार नहीं है। रांची के धोनी अपने शुरुआती दिनों में आम भारतीय युवाओं की तरह कबड्डी भी खेला करते थे। वे प्रोफेशनल कबड्डी प्लेयर तो नहीं बने, लेकिन इस खेल में भी अच्छा खासा पसीना बहाया।  वैसे हकीकत ये है कि आज शहर से लेकर गांव त

उन्मुक्त जीवन का सौन्दर्य है गोवा

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अगर आप रोजमर्रा की व्यस्त ज़िन्दगी में थोड़ी ताज़गी भरना चाहते हैं, तो निकालिये कुछ दिन फुरसत के और अपने ही देश के खूबसूरत जगहों की सैर करिये। यकीन मानिये आप खुद को तरोताज़ा महसूस करेंगे। खूबसूरत जगहों की बात करें तो उनमें से एक, गोवा का नाम अपने आप ख्यालों में आ जाता है। गोवा इसलिये कि यहाँ उन्मुक्त जीवन का सौन्दर्य है। अगर आप कभी गोवा नहीं गये हैं तो एक बार जरूर जाइये। यहाँ देश ही नहीं विदेशी भी अगर भारत भ्रमण के लिए आते हैं तो एक बार जरूर जाते हैं। क्यों मशहूर है गोवा भारत के सबसे फेवरेट हनीमून डेस्टिनेशन गोवा में आपको एक-दूसरे के हाथ थामे कई जोड़े मिल जाएंगे। खूबसूरत समुद्री तट, शानदार मौसम, काजू की मादक फेनी, बेहतरीन नाइट लाइफ और शानदार कसिनो के साथ में हसीन साथी हो, तो कहना ही क्या? इसलिए सिर्फ देशी ही नहीं, विदेशी पर्यटकों पर भी गोवा का जादू सर चढ़ कर बोलता है। कहते हैं, कि जो एक बार गोवा आ जाए तो वो बार-बार यहां आना चाहता है। यहां छोटे-बड़े लगभग 40 समुद्री तट है जिनमें से कुछ समुद्र तट तो अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं। दो बीच तो ऐसे है जहां आज भी भारतीयों को जाना वर्जित है वहां स

चुनावों के दौरान उपराष्ट्रपति का मीडिया से पार्टियों का रिपोर्ट कार्ड पेश करने का आह्वान

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उपराष्‍ट्रपति एम. वैंकेया नायडू ने मीडिया को सलाह दी है कि वह चुनावों के दौरान जनता को सुविज्ञ रूप से विकल्‍प तय करने में समर्थ बनाने के लिए एकदम तटस्‍थ रह कर दलों के प्रदर्शन के बारे में रिपोर्ट कार्ड प्रस्‍तुत करें। भारतीय जन संचार संस्‍थान द्वारा ‘’प्रबुध मतदाता को ढालने में मीडिया की भूमिका’’ विषय पर आयोजित प्रथम ‘अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति व्याख्यान’ में उपराष्‍ट्रपति ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि अगर मीडिया राजनीतिक दलों का रिपोर्ट कार्ड प्रस्‍तुत करे और जनता राजनीतिक दलों से उनके वादों, संसाधनों में वृद्धि करने और उन्‍हें खर्च करने के तरीकों के बारे में हिसाब मांगे तो “हमारा देश दुनिया का सबसे विशाल लोकतंत्र होने के साथ-साथ सबसे अधिक जीवंत, स्‍वच्‍छ लोकतंत्रों में शुमार होने पर गर्व करेगा।‘’ उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा कि मीडिया को एक दर्पण की तरह कार्य करते हुए केवल सच्‍चाई का प्रतिबिम्‍ब प्रस्‍तुत करना चाहिए, ना तो उसे किसी घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना चाहिए, ना ही कम करके आंकना चाहिए तथा  ना ही तथ्‍यों को तोड़ना-मरोड़ना चाहिए और  ना ही उन्‍हें रहस्‍यमय बनाना चाहिए। उपरा

टीबी के मरीजों की सही समय पर है पहचान जरूरी

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24 मार्च 1882 को जर्मन वैज्ञानिक राबर्ट कोच ने टीबी के जीवाणु खोजने के दावा किया था। इस  खोज के 110 वर्षों के बाद विश्व स्वास्थ संगठन ने टीबी के भयावहता को समझते हुए 24 मार्च को विश्व स्तर पर विश्व टीबी(तपेदिक) दिवस मनाने की घोषणा की। तबसे लेकर निरंतर प्रति वर्ष टीबी को पराजित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। विश्व स्वास्थ संगठन ने अपने शोध के आधार पर यह अनुमान लगाया है कि दुनिया का एक तिहाई आबादी मायको बैक्ट्रियम ट्यूबरक्लोसिस बैसिलि नामक जीवाणु  से संक्रमित है। हवा के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने वाला ट्यूबरक्लोसिस बैसिलि (टीबी), दुनिया के सर्वाधिक 10 खतरनाक जानलेवा बीमारियों में से एक है। टीबी का जीवाणु खासकर कुपोषित, कमजोरों को सबसे पहले अपने चपेट में लेता है। विश्व स्वास्थ संगठन के रिपोर्ट के मुताबिक टीबी से प्रतिदिन 4658 लोगों की मौत दुनिया भर में हो जाती है। विकासशील देशों में टीबी संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या 95 प्रतिशत है। जबकि भारत में प्रति 3 मिनट में 2 व्यक्ति की मौत इस जानलेवा क्षय रोग से हो जाती है। इस लिहाज से भारत में मौत का यह आंकड़ा 1400 व्

बिहार दिवस के मौके पर दिल्ली में हुआ बिहार उत्सव 2019 का उद्घाटन

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  107 वें बिहार दिवस के उपलक्ष्य में, बिहार उत्सव 2019 एवं बिहार दिवस समारोह का उद्घाटन 22 मार्च 2019 को आईएनए दिल्ली हाट, दिल्ली में बिहार सरकार उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण द्वारा किया गया। इस मौके पर श्री पंकज कुमार सिंह, निदेशक, उद्योग विभाग, बिहार सरकार में निदेशक पंकज कुमार और भोगेन्द्र लाल, कार्यकारी निदेशक, बियाडा, बिहार सरकार भी उनके साथ मौजूद थे। समारोह में दीप प्रज्ज्वलित करने के बाद, त्रिपुरारी शरण ने बिहार से आए हस्तकला और हथकरघा उत्पादों के विभिन्न स्टालों का भी दौरा किया एवं बिहारी व्यंजन के स्टालों का अवलोकण भी किया।  बिहार उत्सव 2019 का उद्घाटन और बिहार दिवस समारोह आईएनए दिल्ली हाट में एक यादगार सांस्कृतिक संध्या के साथ मनाया गया। यह सांस्कृतिक संध्या 22 से 24 मार्च 2019 तक यहाँ  प्रतिदिन संध्या 6.30 बजे आयोजित होगा । इस मौके पर त्रिपुरारी शरण, ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि हर स्टाल पर कुछ न कुछ ऐसा है जो आपको अपनी और आकर्षित कर रहा है। इस बार स्टॉल के भागलपूरी सिल्क, बसमन बीघा के चादर, मधुबनी पेंटिंग, सिकी के उत्पाद, कास्ट की मूर्ति और

बिन पानी सब सूना ?

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प्रति वर्ष 22 मार्च को वर्ल्ड वाटर डे मनाया जाता है। वर्ल्ड वाटर डे मनाने का उद्येश्य दुनिया में रहने वाली सभी लोगों को जल की कीमत, उसका महत्व बताना और जल संरक्षण के बारे में जागरूकता को बढ़ाना  है| जल जो जीवन का महत्वपूर्ण घटक है, आज इसके संरक्षण के लिये विचार करना बेहद जरूरी है। दरअसल, संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक पूरे विश्व में करीब 900 करोड़ लोगों को पीने का साफ पानी नहीं मिल पा रहा है और जो पानी मिल रहा है वह विषाणुओं, औद्योगिक अपशिष्ट एवं हानिकारक रसायनों से युक्त है। जिससे जानलेवा जलजनित बीमारियां फैल रही है। जलजनित रोगों से विश्व में हर वर्ष 22 लाख लोगों की मौत हो जाती है। बात भारत की करें तो प्रतिवर्ष लगभग चार करोड़ भारतीय जलजनित बीमारियों के चपेट में आ जाते हैं। भारत में हर रोज लगभग 1600 व्यक्ति हैजा से मरते हैं। हजारों किसानों ने गत वर्ष भी सिंचाई के जल के अभाव में आत्महत्या की है। कावेरी जल विवाद जैसे कई जल-विवाद लोगों के सामने मुंह बाये खड़ी है। पानी का अभाव लोगों को युद्धोन्मादी बना देता है क्योंकि सवाल, अस्तित्व का हो चलता है। इसलिए करीब दो दशक पहले से यह भवि

ईसा पूर्व से ही प्रचलित है होली

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        प्रेम और सौहार्द का पर्व ‘‘होली एक प्रमुख भारतीय पर्व है। यह लगभग सारे भारत में मनाया जाता है। विदेशों में रहने वाले भारतीय भी इस पर्व को उत्साह से मनाते हैं। होली के पर्व का प्रभाव वसंत पंचमी से शुरू होकर पूर्णिमा के दिन तक चलता है। हास-परिहास, व्यंग-विनोद, मौज-मस्ती और मेल-मिलाप का पावन पर्व होली एक पौराणिक पर्व है। इस पर्व का उल्लेख भविष्यपुराण, भविष्योत्तरपुराण, वराहपुराण इत्यादि प्राचीन ग्रंथों में हुआ है। इन ग्रंथों से ऐसा आभास होता है कि ईसा की कई शताब्दी पहले से ही यह पर्व प्रचलित रहा है। इस पर्व को मनाने के पीछे अनेक मत प्रचलित है। जिनमें हिरण्यकश्यप की बहन होलिका और उसके पुत्र प्रह्लाद से संबंधित कहानी सबसे अधिक प्रसिद्ध है। अपने पुत्र ईश्वर भक्त प्रह्लाद को जलाने के लिए हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका से उसे अपनी गोद में लेकर अग्नि में बैठ जाने को कहा,  क्योंकि होलिका को यह वरदान प्राप्त था कि वह अग्नि से नहीं जलेगी। लेकिन ईश्वर की माया के सामने किसकी चली है?  होलिका ही जल गयी और प्रह्लाद बच गया। तभी से होली मनाने की प्रथा चल पड़ी। भारत में सबसे प्रसिद्ध होली ब्रज

वन से है हम सबका अस्तित्व

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वनों का सृजन, प्रबंधन, उपयोग एवं संरक्षण की विधा को वानिकी कहा जाता है और वनों के संरक्षण के लिए ही दुनियाभर में 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस मनाया जाता है। देखा जाए तो, वानिकी के सिमटने का मुख्य कारण है जनसंख्या वृद्धि। आबादी को आवास, भोजन के साथ तमाम बुनियादी चीजों की आवश्यकता होती है। भोजन एवं अन्य चीजों की जरूरत के लिए उद्योगों में बेतहाशक वृद्धि हो रही है और उद्योग के लिए जमीन सहित सभी संसाधनों की आवश्यकता पड़ती है। विकास के नाम पर पर्यावरण को अंधाधुंध क्षति पहुंचायी जा रही हैदेखा जाए तो उद्योग-धंधों मकानों का निर्माण अनाज उत्पादन करने एवं लकड़ियों की बढ़ती मांग जैसे मुख्य कारक ही वनों के नुकसान का प्रमुख कारक हैं। हर मौसम में मानव जगत को खुद को 5 ढालना पड़ता है, जिससे कि मौसम के बदलाव का उसपर कोई असर न हो। लेकिन कुछ वर्षों से मौसम का मिजाज इस तरह बदल रहा है कि मानव को पता ही नहीं चल रहा कि गर्मी में ठंड का अहसास, ठंड में गर्मी का अहसास तो कभी बिन बादल बरसात क्यों हो रही है। मौसम के बदलते मिजाज ने लोगों को असमंजस में डाल दिया है। मौसम के बदलते मिजाज का प्रमुख कारण है ग्लोबल वॉर

क्या हरी सब्जियों में है भरपूर पोषण ?

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हरी सब्जियों में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं, इसलिये डायटीशियन - खाने में नियमित रूप से हरी सब्जियों के सेवन की सलाह देते हैं। इन दिनों गर्मी की शुरूआत होते ही कई तरह की हरी सब्जियाँ बाजार में उपलब्ध होने लगी हैं। इनमें पालक, भिंडी, लौकी, करेला, शलजम, परवल, पुदीना और बींस जैसी कई सब्जी हैं जो किसी न किसी रूप में हमारे स्वास्थ्य के लिये उपयोगी हैं। गौरतलब है कि सब्जियाँ प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है, जिससे शरीर को तो लाभ मिलता ही है, प्रोटीन से बाल भी मजबूत और चमकीले होते हैं। जानते हैं कि किन सब्जियों के प्रयोग से क्या लाभ होते हैं। ऐसे में यहाँ कुछ सब्जियों में पाये जाने वाले गुणों का जिक्र किया जा रहा है, जिससे इसके खाने के फायदे के बारे में आपको जानकारी मिल सकेगी। मटर - हरी फलियों और हरी मटर की पैदावार सर्दियों में सबसे ज्यादा होती है। हरी मटर, पौष्टिक तत्वों से भरपूर होती है। आजकल कई डायटीशियन भी फूड-चार्ट में हरी मटर को शामिल करने की सलाह देते हैं। हरी मटर में ऐसे स्वास्थ्यवर्धक गुण होते हैं, जो शरीर में कॉलेस्ट्रॉल बढ़ने नहीं देते। हरी मटर में शरीर में ट्राइग्लिसर

सुकून से भरा है मेक्लॉयडगंज

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धर्मशाला को और भी खूबसूरत जो शहर बनाता है वह है मेक्लॉयडगंज। धर्मशाला से लगभग 9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह धर्मशाला के सबसे प्रसिद्ध स्थानों में से एक है, जिसे लिटिल ल्हासा के नाम से जाना जाता है।यहाँ तिब्बतियों की बड़ी आबादी रहती है। मेक्लॉयडगंज में खासकर तिब्बती समुदाय की हस्तशिल्प कारीगरी, तिब्बती बाजार, रेस्त्रां पर्यटकों को बहुत आकर्षित करते हैं। समुद्रतल से 1,475 मीटर की ऊँचाई पर यह हिल स्टेशन स्थित है।मैक्लॉयडगंज वह जगह है, जहां पर 1959 में बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा अपने हजारों अनुयाइयों के साथ तिब्बत से आकर बसे थे। गर्मी की शुरूआत होते ही लोग ठंडे प्रदेश का चुनाव करना शुरू कर देते हैं। गर्मी एवं भीड़-भाड़ की जिन्दगी से दूर लोग कुछ दिन ऐसी जगह बिताना पसंद करते हैं, जो उन्हें वर्ष भर के लिये सुकून एवं ताजगी से भर दें। उन्हीं जगहों में से एक है हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में स्थित मेक्लॉयडगंज। दरअसल, प्राकृतिक खूबसूरती में सिमटा धर्मशाला सुकून से भरे शहर के रूप में जाना जाता है। यह हिमाचल प्रदेश की दूसरी राजधानी है। कागड़ा जिले का यह खूबसूरत हिल स्टेशन धौलाधार पर्वत श्रेणियों क

बिहार उत्सव में बिहार की जूट और नक्काशी की कला युवाओं को कर रही आकर्षित

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दिल्ली के आईएनए दिल्ली हाट में 15 दिवसिय बिहार उत्सव 2019 में बिहार की जूट के बने घरेलू सामानों और नक्काशी की कला युवाओं को खास आकर्षित कर रही है। यही कारण है कि युवक और युवतियां बिहार उत्सव में जमकर खरीदारी कर रहे हैं। बिहार के 107वां स्थापना दिवस के अवसर पर दिल्ली में बिहार उत्सव 2019 का यह कार्यक्रम बिहार की संस्कृति, परंपरा, कला पर्यटन को दर्शाता है। हर स्टाल पर कुछ न कुछ ऐसा है जो आपको अपनी ओर आकर्षित जरूर करेगा। इस बार स्टाल के भागलपूरी सिल्क, मधुबनी पेंटिंग, सिकी के उत्पाद, कास्ट की मूर्ति, जूट के बने सामान आदि आकर्षक स्टाल्स लगाये गए हैं। इस अवसर पर हेंडीक्राफ्ट एंड हैंडलूम के 110 स्टाल लगाये गए हैं इसके अलावा बिहारी व्यंजन के भी 4 स्टाल यहाँ लगाये गए है। खाने के शौकीन लोग बिहार की रसोई नाम से मशहूर स्टॉल पर जाकर बिहार में बनने वाले घरेलू सामानों को खरीद सकते हैं। यहां से विभिन्न प्रकार के सत्तू, चिप्स, चावल आटा आदि खरीद सकते हैं। बिहार उत्सव 2019 के दौरान हस्तकरधा एवं हस्तशिल्प के उत्कृष्ट सामानों की बिक्री एवं सह-प्रदर्षनी का आयोजन31 मार्च 2019 तक होगा। कार्यक्रम को खास बना

मेरी बस्ती मेरा संवाद कार्यक्रम में शीला ने कहा दिल्ली में कांग्रेस ही कर सकती है विकास

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वोटरों से भावनात्मक लगाव के लिये कांग्रेस ने दिल्ली में मेरी बस्ती मेरा संवाद कार्यक्रम की शुरूआत की है। इस क्रम में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कुछ समय पूर्व से दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष तीमारपुर विधानसभा के संजय बस्ती पहुँची। उनके साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता हारून युसूफ भी थे। इस मौके पर हारून युसूफ ने भी लोगों से सीधी बात की। इस दौरान शीला ने कहा कि हम आपकी सभी समस्याओं को सुनने आए हैं। आपसे सीधी बात करने आए है, अपनी समस्याएँ हमसे बेझिझक कहिये। सत्ता में आते ही हम उसका समाधान करेंगे। शीला दीक्षित ने गे कहा कि वर्तमान सरकार केवल दिखावे और घोषणा में यकीन रखती है, मगर हम विकास में यकीन रखते हैं। कांग्रेस सत्ता में आयी तो झुगियों में रहने वाले हर परिलार को पक्का मकान दिया जाएगा। इस दौरान जब संवाद में बैठे लोगों ने कहा कि हम बस विकास चाहते हैं, और इसके लिये कांग्रेस का समर्थन करने के लिये तैयार है, तब शीला दीक्षित ने कहा कि आपको समझ में आया न कि कांग्रेस पार्टी दिल्ली में विकास के लिये कितनी जरूरी है। जनता जनार्दन है और इसका प्रमाण चुनाव के वक्त ही नजर आता है। सभी पार्टियाँ वोटरों को अपन

साइना नेहवाल ने हासिल की हैं, कई बड़ी उपलब्धियां

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  17 मार्च को भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल का जन्मदिन है, और उनके जन्मदिन के मौके पर गैर सरकारी संस्था दर्शन मेला म्यूजियम डेवलपमेंट सोसायटी की प्रमुख उपलब्धि ‘पाठक मंच‘ का साप्ताहिक निःशुल्क कार्यक्रम ‘इन्द्रधनुष‘ की 657वीं कड़ी में बताया गया कि “साइना नेहवाल भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। वर्तमान में ये दुनिया की शीर्ष वरीयता प्राप्त महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।  इस मुकाम पर पहुँचने वाली ये पहली भारतीय महिला हैं। साथ ही एक महिने में तीसरी बार प्रथम वरीयता पाने वाली भी ये अकेली महिला खिलाड़ी हैं। साइना भारत सरकार द्वारा पद्मश्री और सर्वोच्च खेल पुरस्कार ‘राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार‘ से सम्मानित हो चुकी है। साइना का जन्म 17 मार्च 1890 को हरियाणा राज्य के हिसार के एक जाट परिवार में हुआ था। इनके पिता डॉक्टर हरवीर सिंह नेहवाल और माता उषा नेहवाल है। साइना ‘साइंर्‘ के नाम से बना है। साइना ने शुरूआती प्रशिक्षण हैदराबाद के लाल बहादुर स्टेडियम में कोच नानी प्रसाद से प्राप्त किया। माता-पिता दोनों के बैडमिंटन खिलाड़ी होने के कारण साइना का बैडमिंटन की ओर रुझान शुरू से ही था। पिता हरवीर सिंह ने

यूएफा चैंपियंस लीग के क्वार्टर फाइनल के ड्रा निकले

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चैंपियंस लीग के क्वार्टर फाइनल मैचों के शुक्रवार को ड्रॉ डाले गए। इन ड्रॉ में कई मज़ेदार मुक़ाबलों की घोषणा हुई जिसमें बार्सिलोना विरुद्ध मेनचेस्टर यूनाइटेड , मेनचेस्टर सिटी विरुद्ध टॉटेनहैम जैसे मैच शुमार हैं। चैंपियंस लीग के क्वार्टर फाइनल के पहले लेग के मुक़ाबले 10 और 11 अप्रैल को खेले जायेंगे और दूसरे  लेग के मुक़ाबले 17 और 18 अप्रैल को खेले जाएंगे। सेमीफइनल के मुक़ाबले इस पारकर होंगे, जुवेंटस / अजाक्स विरुद्ध मेनचेस्टर सिटी / टॉटेनहैम  और  लिवरपूल / पोर्टो विरुद्ध बार्सिलोना / मेनचेस्टर यूनाइटेड।         चलिए बात करते हैं चैंपियंस लीग के मुक़ाबलों की :  1) जुवेंटस विरुद्ध अजाक्स  क्रिस्टिआनो रोनाल्डो की मौजूदगी में जुवेंटस इस बार विजेता बनने के लिए प्रबल दावेदारों में से एक मानी जा रही है। वहीँ अजाक्स रियल मेड्रिड को हरा एक ड्रीम रन पर है। लगता है यह वही अजाक्स है जिसकी नीव जोहन क्रुयफ ने रखी थी। लेकिन जुवेंटस भी इतनी आसानी से इस खिताब को अपने से दूर नहीं जाने देगा और इसका प्रमाण रोनाल्डो ने पिछले मैच के अपने खेल से ज़ाहिर कर दिया था।  2) लिवरपूल विरुद्ध पोर्टो       यह मैच पिछले

लंदन पुस्‍तक मेले में भारतीय मंडप का उद्घाटन

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सूचना और प्रसारण मंत्रालय में संयुक्‍त सचिव श्री विक्रम सहाय और महानिदेशक, प्रकाशन विभाग  साधना राउत ने  लंदन पुस्‍तक मेले में भारतीय मंडप का उद्घाटन किया। यह पुस्‍तक मेला 12 से 14 मार्च तक लंदन ओलम्पिया में आयोजित किया जा रहा है। भारतीय मंडप में महात्‍मा गांधी की 150वीं जयंती पर विशेष ध्‍यान दिया गया है। इसमें भारत की संस्‍कृति, इतिहास, लोकसाहित्‍य के अन्‍य विविध शीर्षकों के अलावा ‘कलेक्टिड वर्क्‍स ऑफ महात्‍मा गांधी’ के डिजिटल संस्‍करण का प्रदर्शन किया गया है। महात्‍मा गांधी के जीवन और काल के बारे में एक संवादात्‍मक डिजिटल मीडिया अनुभव, स्‍टेच्‍यू ऑफ यूनिटी और भारत की अन्‍य मुख्‍य उपलब्धियां भी इस मंडप में उपलब्‍ध हैं।  कलेक्टिड वर्क्‍स ऑफ महात्‍मा गांधी’ के प्रिंट और इलैक्‍ट्रॉनिक संस्‍करणों को तैयार करने के बारे में एक सेमिनार लंदन ओलम्पिया में आयोजित किया जायेगा। अपर महानिदेशक बीओसी श्री रविराम कृष्‍ण और लंदन में भारतीय उच्‍चायोग के वरिष्‍ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।  

विश्व गुर्दा दिवस

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13 मार्च 2019 को एएचआरआर, धौला कुआं, नई दिल्ली में विश्व गुर्दा (किडनी) दिवस मनाया गया। समारोह में गुर्दा प्रत्यारोपित लोगों द्वारा "वॉकथॉन" से लेकर प्रेरक वार्ता, नाटकों और म्यूजिकल शो का प्रदर्शन किया गया, जिसमें गुर्दा मरीज के जीवन के विभिन्न पहलुओं और गुर्दा प्रत्यारोपण से होने वाले सकारात्मक अंतर पर प्रकाश डाला गया। समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि, चिकित्सा महानिदेशक (सेना) लेफ्टिनेंट जनरल मनोमॉय गांगुली ने किया। दिवंगत अंग दाताओं के लगभग बीस परिवारों का अभिनंदन गणमान्य व्यक्तियों द्वारा किया गया और गुर्दा रोग से पीड़ित लोगों को आशा की किरण दिखाने वाले अंगदाताओं के नेक कार्य की सराहना की गई।

पर्यावरण और स्वच्छता के लिहाज से ऐतिहासिक रहा आस्था का कुंभ 2019

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  उत्‍तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में आस्‍था का कुंभ संपन्न हो चुका है। लेकिन इस बार का कुंभ अपने आप में काफी ऐतिहासिक रहा है।‌ इस बार के कुंभ के जरिए संस्कृति,अध्यात्मिक्ता और सबसे बेहतर स्वच्छता का प्रदर्शन देखने को मिला। जो पर्यावरण और स्वच्छता के लिहाज से आने वाले वर्षों तक याद किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के रिकार्ड के मुताबिक,‌लगभग इस बार 24 करोड़ लोगों ने कुंभ के मौके पर डुबकियां लगाई। इस बार के कुंभ की खासियत एक और यह भी रही कि पर्यावरण के हितों में अनुकूल, और पर्यावरण की बिगड़ती दशा से अवगत कराने के लिए नए विचारों पर काम किया गया।   स्वच्छता और पर्यावरण के हितों के लिए उठाए जाने वाले कदम और समस्याओं से निपटने के लिए सी.एस.आई.आर (काउंसिल ऑफ साइन्टिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च) की सहायक विंग, नीरी (एन.ई.ई.आर.आई) ने खासा जोर दिया और कुंभ के दौरान कार्यक्रम कर इन बातों पर जोर दिया। सरकारी संस्थान होने के नाते स्थायी वातावरण के लिए प्रोद्योगिकी का उपयोग करने के लिए सी.एस.आई.आर की विंग नीरी द्वारा ग्रीन वाॅल की पहल की शुरुआत की गई। नीरी ने लगातार कार्यक्रम कर के 4 मार्च 2019 तक इस

श्रेया घोषाल को 25 वर्ष की उम्र में मिले तीन राष्ट्रीय पुरस्कार

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श्रेया घोषाल भारतीय संगीत जगत में जाना पहचाना नाम है। इन्हें मधुर और अपने दिलकश आवाज के लिये जाना जाता है। 12 मार्च को श्रेया के जन्म दिवस के मौके पर इनका संक्षिप्त परिचय देते हुए  नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया से सम्मानित गैर सरकारी संस्था दर्शन मेला म्यूजियम डेवलपमेंट सोसायटी की प्रमुख उपलब्धि ‘पाठक मंच‘ का साप्ताहिक निःशुल्क कार्यक्रम ‘इन्द्रधनुष‘ की 656वीं कड़ी में बताया गया कि “श्रेया घोषाल एक भारतीय पार्श्व गायिका है। इन्हांने बॉलीवुड के क्षेत्रीय फिल्मों में बहुत सारे गाने गाए हैं और कस्तूरी जैसे भारतीय धारावाहिकों के लिए भी गाया है। हिंदी के अलावा इन्होंने असमियां, बंगला, कन्नड़, मलयालम, मराठी, पंजाबी, तामिल, तेलुगु और भोजपुरी में भी गाने गाए हैं। इनका जन्म 12 मार्च 1984 को एक बंगाली परिवार में हुआ। ये राजस्थान के कोटा के पास एक छोटे से कस्बा रावतभाटा में पली-बढ़ी। ये शिक्षित परिवार से हैं। इनके पिता भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र अभियंता के रूप में भारतीय नाभिकीय ऊर्जा निगम के लिए कार्यरत रहे, इनकी माँ साहित्य के स्नातकोत्तर छात्रा रही। चार साल की उम्र से श्र

नयी नौकरी(गूढ़ रहस्य)

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नयी नौकरी (गूढ़ रहस्य) ज्ञान की हस्ती को पति बनाकर, जीवन को जीने लगे। धरती और आकाश भी, फूलों की वर्षा करने लगे। प्रिय जोड़ा कहीं बिछुड़ न जाये खूब ज्यादा प्यार करने लगे। उसकी हर मुस्कुराहट पर हम अपनी कलाएँ बिखेरने लगे। तरह-तरह की सखियां भी झूम-झूमकर गाने लगी। शय्या छोड़कर शरीर त्यागकर मंत्रमुग्ध होकर नाचने लगी। सावन बीता, भादो बीता। बारिश की बौछार कम होने लगी। दीपक की बाती बनकर धीरे-धीरे बुझने लगी। स्वाति नक्षत्र की एक बूंद के लिये चातक की तरह तरसने लगी। विरह की एक नई नौकरी स्वदेश में ही घायल करने लगी। क्वार लग गया, जल घट गया पपीहा बनकर पीऊ को पुकारने लगी, प्रिय तुम कहाँ हो, तुम कहाँ हो शार्दुल बनकर अब तो मैं गरजने लगी।

आज़ादी के मायने - महिला खिलाड़ी की नज़र में

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इसके पहले कि मैं विमेन पावर, फ्रीडम, इक्विटी एण्ड सेन्स ऑफ जस्टिस  की बात करूँ जो आज के समाज में अहम मुद्दे हैं, उन तथ्यों पर प्रकाश डालना चाहूँगी जिनकी वजह से आज मुझे यह मौका मिला है कि आपके समक्ष अपने विचार प्रस्तुत कर सकूँ।         उन के लिए जो मेरे दौड़ने के जीवन से अवगत नहीं हैं। मैं 1992 में मैराथन एशियन चैंपियन बनी। पिछले 25 सालों से मैं दौड़ का अभ्यास कर रही हूँ और अब तक करीबन 110,000 कि॰मी॰ पूरे कर चुकी हूँ। प्रतिदिन 5 कि॰मी॰ दौड़ का अभ्यास करती हूँ। अपने मैराथन कैरियर में 1984-2008 तक पूरे 24 साल प्रतिदिन 20-25 कि॰मी॰ दौड़ का अभ्यास किया। मैंने 26 देशों में 200 से भी अधिक स्पर्धाओं में भाग लिया है। मेरी पहली विदेशी मैराथन अमरीका में हुई। 1985 बॉस्टन मैराथन में हिस्सा लिया एवं पहली बार 1985 में देश का प्रतिनिधित्व किया। मैराथन 42.2 कि.मी. की दौड़ होती है और यह दूरी पुरूष व महिलाओं के लिए एक समान होती है और वे एक साथ दौड़ शुरू करते हैं पर परिणाम अलग-अलग आँके जाते हैं। मैंने पहली मैराथन 1984 में दिल्ली में पूरी की। 1983 से पूर्व महिलाओं के लिए यह स्पर्धा हिन्दुस्तान में नहीं

सैमसंग ने प्रीमियम स्मार्टफोन रेंज में नेक्स्ट जनरेशन फ्लैगशिप के साथ गैलेक्सी एस 10 किया लॉन्च

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गैलेक्सी एस10 में डिस्प्ले , कैमरा , सुरक्षा और परफॉरमेंस की नवोन्मेषी विशेषताएं हैं जो भविष्य के स्मार्टफोन को परिभाषित करता है। गैलेक्सी S10 की श्रंखला भारत में 8 मार्च से उपलब्ध होगी।   नई दिल्ली,   10 साल के गैलेक्सी इनोवेशन का जश्न मनाते हुए, सैमसंग ने भारत में गैलेक्सी एस 10 - प्रीमियम स्मार्टफोन्स की अपनी शानदार नई श्रंखला लॉन्च की। गैलेक्सी एस10 उन उपभोक्ताओं के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो एक प्रीमियम स्मार्टफोन चाहते हैं जिसमें उन्हें व्यक्तिगत और बेहतरीन अनुभव मिले। गैलेक्सी एस10 में उपभोक्ताओं को अपनी विशिष्ट जीवनशैली की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिस्प्ले, कैमरा, सुरक्षा और परफॉरमेंस है जो उसे सशक्त बनाता है।   गैलेक्सी एस10 ई, गैलेक्सी एस10 और गैलेक्सी एस 10+, 8 मार्च 2019 से चुनिंदा रिटेल स्टोर और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे।                    गैलेक्सी एस10 के लॉन्च के साथ, सैमसंग, भारत का सबसे बड़ा स्मार्टफोन ब्रांड और देश का सबसे भरोसेमंद मोबाइल ब्रांड है जो की स्मार्टफोन टेक्नोलॉजी के एक नए युग की शुरुआत करने के लिए एक दशक से नेतृत्व कर रहा है। इस स्मार