नक्सलवाद को लेकर अनेक बातें कही गईं, लेकिन यह नहीं बताया गया कि छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ा खतरा कुपोषण से है-छत्तीसगढ मुख्यमंत्री


हाल ही में दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 'नए नेतृत्व में बदलते छत्तीसगढ़' विषय पर आयोजित व्याख्यान में बोल रहे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा-जिन लोगों को उल्टे चश्मे से देखने की आदत थी, वो प्रदेश की 2 करोड़ आबादी का भला कैसे करते? उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में देश के क्षेत्रफल का 24.4 फीसदी वन हैं। इस्पात, सीमेंट, टीन, एल्यूमिनियम उत्पाद में देश में अग्रणी है। बॉक्साइट का प्रचूर भंडार है हमारे पास। टीन उत्पाद में देश इकलौता राज्य है। मुझे यह कहते हुए गर्व है कि, छत्तीसगढ़ आज भी जनसंख्या के विस्फोट से बचा हुआ है।


मेरा यह सवाल है कि इतनी सारी विशेषताओं के बावजूद छत्तीसगढ़ में 5 साल से कम उम्र के 37.60 फीसदी बच्चे कुपोषित क्यों रह गए? इतने सारे संसाधनों के बावजूद छत्तीसगढ़ में 15 से 49 वर्ष की 41.50 प्रतिशत माताएं एनिमियां से पीड़ित हैं? मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आंकड़े मेरे बनाए हुए नहीं हैं, बल्कि भारत सरकार के अंतर्गत काम करने वाले नीति आयोग ने जारी किया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ में 15 वर्ष पुरानी सरकार को जब जनता ने नकारा तो उसके पीछे सबसे बड़ा कारण अपनी स्थिति- परिस्थिति को लेकर जनता का अंसतोष था।


नक्सलवाद को लेकर अनेक बातें कही गईं, लेकिन यह नहीं बताया गया कि छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ा खतरा कुपोषण से है।


मुख्यमंत्री बघेल ने अपने व्याख्यान में सरकार के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि स्थानीय युवाओं को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता देने के लिए, कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड का गठन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं- सहायिकाओं के मानदेह में बढ़ोत्तरी, 15 हजार नियमित शिक्षकों की भर्ती, सबके लिए यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम की पहल, 200 फूड पार्कों की स्थापना, पहुंच विहीन गांवों में सड़क सम्पर्क के लिए 'जवाहर सेतू योजना' शामिल हैं। 2 अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रतिदिन पौष्टिक भोजन निशुल्क देने की शुरूआत की जाएगी। यह कदम कुपोषण एवं एनिमिया के पीड़ा से मुक्ति दिलाने की दिशा में निर्णायक कदम होगा l



उन्होंने बताया कि, राज्य सरकार, ने 'मोर जमीन-मोर मकान' के अंतर्गत 1 लाख 60 हजार परिवारों को आवास निर्माण के लिए 2 लाख 29 हजार रुपए की राशि उनके बैंक खातों में डालने की व्यवस्था की गई है।


इसके साथ ही कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बघेल ने अपनी सरकार द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों का एक-एक कर ब्योरा देते हुए कहा कि हमने शुरूआत में ही लोगों के जीवन स्तर ऊपर उठाने और गरीबी कम करने की दिशा में ठोस पहल की है। धान का समर्थन मूल्य ढाई हजार रुपए प्रति क्विंटल किया, इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। हमने अपने विरासतों के साथ आगे बढ़ने की नीति अपनाई है। नरवा, गरवा, घुरवा, बारी, के माध्यम से अर्थव्यवस्था और पर्यावरण को नया जीवन देने की पहल की है।


मुख्यमंत्री बघेल ने अपने व्याख्यान में सरकार के बारे में जानकारी देते हुए कहा - स्थानीय युवाओं को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता देने के लिए, कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड का गठन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं- सहायिकाओं के मानदेह में बढ़ोत्तरी, 15 हजार नियमित शिक्षकों की भर्ती, सबके लिए यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम की पहल, 200 फूड पार्कों की स्थापना, पहुंच विहीन गांवों में सड़क सम्पर्क के लिए 'जवाहर सेतू योजना' शामिल हैं। 2 अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रतिदिन पौष्टिक भोजन निशुल्क देने की शुरूआत की जाएगी। यह कदम कुपोषण एवं एनिमिया के पीड़ा से मुक्ति दिलाने की दिशा में निर्णायक कदम होगा l


 


Popular posts from this blog

पर्यावरण और स्वच्छता के लिहाज से ऐतिहासिक रहा आस्था का कुंभ 2019

मुखिया बनते ही आन्ति सामाड ने पंचायत में सरकारी योजनाओं के लिये लगाया शिविर

झारखंड हमेशा से वीरों और शहीदों की भूमि रही है- हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री झारखंड