पर्यावरण की रक्षा से मिल सकती है पूर्वजों को सच्ची श्रद्धांजलि -श्याम रजक

30 दिनों तक पटना जिले के पुनपुन घाट पर  चलने वाले 'पुनपुन अन्तराष्ट्रीय पौष खरमास मेला 2019-20' का आज समापन हो गया। इस समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर बिहार के उद्योग मंत्री सह स्थानीय विधायक श्याम रजक शामिल हुए। 

 

इस अवसर पर श्याम रजक ने कहा कि पुनपुन स्थित पुनपुन घाट कोई सामान्य घाट नहीं है बल्कि इसे अंतराष्ट्रीय पर्यटक स्थल की ख्याति प्राप्त है। पुनपुन की धरती का अपना एक ऐतिहासिक और घार्मिक महत्व सदियों पुराना है। कहा जाता है कि भगवान श्री राम भी पिंड दान के लिए यहां आये थे।

गरुड़ पुराण के अनुसार पुनपुन नदी के तट पर प्रथम पिंडदान से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। यह देखकर गर्व होता है कि हमारी संस्कृति आज भी हमारे संस्कार में कायम है। हम आज भी अपनी सभ्यता और संस्कृति नहीं भूले हैं।

उन्होंने आगे  कहा कि आज सिर्फ बिहार में ही नहीं पूरा देश व विश्व के अन्य देश भी जलवायु परिवर्तन से जूझ रहे हैं। ऐसे में जल, जीवन और हरियाली के गहरे संबंध के महत्त्व को समझना होगा है। जो एक-दूसरे के पूरक हैं। जल नहीं होगा तो जीवन भी नहीं होगा। हरियाली नहीं होगी तो जल भी नहीं रहेंगा। इसी लिए हमारे नेता व बिहार के मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार ने इसे एक बड़े अभियान का रूप दिया है।

परंतु यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम बनकर नहीं रह जाय, इसके लिए लोगों को जागरूक होने की जरूरत है।  पर्यावरण की रक्षा करके हम अपने पूर्वजों को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं और आने वाली पीढ़ी को भी नया जीवन दे सकते हैं। इसके लिए 19 जनवरी को मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया है। उन्होनें सभी से इसमें बढ़ चढ़ कर भाग लेनें व अभियान को सफल बनाने की अपील की।

 

Popular posts from this blog

झारखंड हमेशा से वीरों और शहीदों की भूमि रही है- हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री झारखंड

समय की मांग है कि जड़ से जुड़कर रहा जाय- भुमिहार महिला समाज।

जन वितरण के सामान को बाजार में बेचे जाने के विरोध में ग्रामीणों ने की राशन डीलर की शिकायत।