दूरदर्शन पर 33 साल बाद फिर से रामायण के प्रसारण से टीवी के पास सिमटे लोग

33 साल बाद एक बार फिर रामायण के प्रसारण से टीवी के पास सिमटे लोग, बस फर्क इतना है कि तब पाबंदी नहीं थी, और अभी पूरा देश लॉकडाउन की स्थिति में है। पहले दिन ही सुबह 9 बजे रामायण के प्रसारण से पहले देश के अधिकांश घरों में लोगों ने अपने परिवार के साथ रामायण का पहला एपिसोड देखा, और आज रात दूसरे एपिसोड के इंतजार में हैं।


पुराने दिनों की बात करें तो उस वक्त हम भाई बहन काफी छोटे थे, जब टीवी पर रामायण का प्रसारण होता था। बहुत कम लोगों के घर में तब टीवी हुआ करता था, इसलिये जिनके घर पर टीवी था, उनके यहां रामायण शुरू होने से पहले ही देखने वालों की भीड़ जमा हो जाती थी। सड़कों पर बिना सरकारी आदेश के ही सन्नाटे का माहौल होता था। रामायण का एक-एक संवाद लोग बड़ी तन्मयता से सुनते थे, या यूं कहें कि भावनाएं जुड़ी थीं। हमारे संस्कार का वह हिस्सा थी। इसके बाद दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले महाभारत की लोकप्रियता भी कम नहीं रही।


आज भी वह लोग जो उन दिनों के साझी हैं, बदलते वक्त में फिर से प्रसारण की चाह रखते थे। कोरोना की स्थिति आने से पहले ही लोगों ने इसके फिर से प्रसारण की मांग की थी, जो डॉकडाउन के बाद और तेज हो गई। 21 दिनों तक घर पर पूरा परिवार एक साथ बंद रहने की मजबूरी में लोग यह तय नहीं कर पा रहे थे कि दिन भय के माहौल में कैसे गुजरेंगे। सूचना प्रसारण मंत्रालय ने भी इस मांग और हालात को देखते हुए 28 मार्च यानि आज से सुबह शाम प्रसारित करने का फैसला ले लिया। इसकी बानगी ऐसी रही कि सुबह 9 बजे से 10 बजे के बीच लोगों के घरों से रामायण के एपिसोड की आवाजें गूंज रही थी। रविन्द्र जैन का पार्श्वगायन जैसे लोगों को अपने बचपन की याद दिला रहा था।


इस विपरीत वक्त में रामायण का प्रसारण एक सुखद अहसास अधिकांश घरों में अभिभावकों को मिल रहा है, जो अपने बच्चों के हर वक्त मोबाईल पर रहने से परेशान रहते थे, जिन्हें वक्त की कमी एवं आधुनिक समय की मांग के चलते कुछ भी समझाने में बेबस महसूस कर रहे थे।


इस वक्त जबकि पूरा देश लम्बे वक्त के लिये घरों में बंद है, तब रामायण का प्रसारण तमाम परिवारों के लिये एक अवसर है, जब वह साथ मिलकर इसके देखें, अपने बच्चों को इसके जीवन में महत्व को समझाएं, ताकि इसका एक-एक संवाद हम सबके जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करे।  


गौरतलब है कि 1987 में दूरदर्शन पर पहली बार रामायण का प्रसारण हुआ था। कुल 78 एपिसोड वाले रामायण के एक-एक घंटे के एपिसोड में लोग अगरबत्ती और फूल लेकर पूरी श्रद्धा के साथ देखते थे। रामानंद सागर द्वारा द्वारा यह प्रसिद्दध धारावाहिक बनाया गया था, जिसमें अरूण गोविल ने राम की भूमिका, दीपिका ने सीता की भूमिका, दारा सिंह ने हनुमान एवं अरविंद त्रिवेदी ने रावण की भूमिका निभाई थी। इनके अलावा उन सारे कलाकारों ने अद्भुद अदाकारी की जो इस यादगार एपिसोड का हिस्सा रहे। यही वजह है कि आज भी लगभग सारे एपिसोड लोगों के जेहन में जिन्दा हैं।


 


 


Popular posts from this blog

पर्यावरण और स्वच्छता के लिहाज से ऐतिहासिक रहा आस्था का कुंभ 2019

मुखिया बनते ही आन्ति सामाड ने पंचायत में सरकारी योजनाओं के लिये लगाया शिविर

झारखंड हमेशा से वीरों और शहीदों की भूमि रही है- हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री झारखंड