कोरोना से लड़ाई में मानवता के साथियों को समर्पित होगा, विकल्प मीमांसा का संपूर्ण आगामी अंक

कोरोना नामक आफत से दुनियां के विकसित और विकासशील देश एक साथ दिन और रात लड़ रहे हैं। भारत में भी अब स्थिति खराब होने लगी है, जब कोरोना संक्रमितों की संख्या में निरंतर वृद्धि देखने को मिल रही है। लाखों करोड़ों दुआएं और प्रार्थनाएं लोग लॉकडाउन में घरों में बंद रहकर मन ही मन कर रहे हैं कि यह आफत सबकी जिंदगी से दूर हो जाए। उम्मीद कायम है, लेकिन हालात सबके साथ मिलकर लड़ने के हैं।


केन्द्र सरकार और राज्य सरकारें अपनी तरफ से इस विपरीत स्थिति में राहत देने के लिये घोषणाएं कर रही हैं, लेकिन यह काफी नहीं होगा। इतनी बड़ी जनसंख्या में उनकी तादाद काफी है, जो हर दिन कमाकर खाते हैं। आज कमाई बंद है, तो खाने के लाले हैं। मीडिया लगातार उन्हें दिखा रही है, और अधिकांश लोग इन्हें देखकर विचलित हो रहे हैं, तो यही वक्त है कि अपनी संवेदना और इंसानियत को जाहिर करते हुए मदद का हाथ आगे बढ़ाएं।


विकल्प मीमांसा की गुजारिश है कि अपने घरों में रहकर भी प्रशासन के जरिये आप जरूरतमंदों की मदद कर सकते हैं। मीडिया, प्रशासन और गैर सरकारी संस्थाएं इन कामों में मदद करेगी। जो लोग इन कामों को पहले से ही कर रहे हैं, कृपया अपनी जानकारी हमसे साझा करिये…..क्योंकि हम आगामी अंक आप मानवता के साथी के नाम प्रकाशित करेंगे। आप हमें पूरी जानकारी vikalpmimansa@gmail पर भेज सकते हैं, या फेसबुक, वाट्सएप पर इनबॉक्स करें। कोरोना को लेकर लॉकडाउन के दिनों में अपने अनुभवों को भी आप हमें लिखकर भेज सकते हैं।


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