बिहार में जैसा विकास होना चाहिये वैसा नहीं हो पायाः सांसद दुबे


 नवेश कुमार

वरिष्ठ पत्रकार। 

नई दिल्ली,22 अगस्त 2021(एजेंसी)।

राज्य में वर्ष 2005 से पहले जंगल राज था। वहां राजग की सरकार बनने के बाद स्थिति में बदलाव आया है। हालांकि जिस तरह से विकास होना चाहिए वैसा नहीं हो पाया है। यह बिल्कुल सही है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद सतीश चंद्र दुबे ने यह बात "यूनाइटेड बुलेटिन"को दिए एक इन्टरव्यू के दौरान में कही। बिहार के अलावा विभिन्न मुद्दों पर बोलते हुए सांसद ने आतंकवाद पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से आतंकवाद के खिलाफ रहा है और उसके समर्थक कट्टरपंथियों के लिए यहां कोई जगह नहीं है। ऐसे तत्वों को देश छोड़ देना चाहिए। 

 उन्होंने सपा के एक सांसद एवं महबूबा मुफ्ती के तालिबान के समर्थन में हाल में दिए गए बयान को घोर आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि यह भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में ही संभव है,क्योकि यहां बोलने की आजादी है। वैसे भारत सदैव आतंकवाद के खिलाफ रहा है और तालिबान एक आतंकवादी संगठन है। 

 सांसद दुबे ने कहा कि तालिबान जैसे संगठनों के हिमायती कट्टरपंथियों को देश छोड़ देना चाहिए अन्यथा यहां उन्हें देश के संविधान एवं कानून के अनुरूप रहना होगा। राज्यसभा सांसद ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि दिवंगत कल्याण सिंह समाज के सभी वर्गों के सर्वमान्य नेता थे। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रसस्त करने के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी को ठुकरा दी थी। 

उत्तर प्रदेश के आगामी विधान सभा चुनाव में ब्राह्मणों का वोट दरकने की संभावनाओं को खारिज करते हुए दुबे ने कहा कि आजादी के वर्षों बाद तक यह समाज कांग्रेस को वोट करता रहा,लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई में इस समाज का जुड़ाव भाजपा से हुआ,जो अभी भी कायम है। इसलिए उत्तर प्रदेश चुनाव में भी ब्राह्मणों का एकमुश्त वोट भाजपा को मिलेगा और पुनः भारी बहुमत से वहां सरकार बनेगी। 

बिहार में प्रमुख विपक्षी दल राजद में तेज प्रताप के ताजा प्रकरण के संबंध में पूछे जाने पर सांसद दुबे ने कहा कि राजद एक लिमिटेड एवं पारिवारिक पार्टी है,जिसका कोई वजूद नहीं है। यह सिर्फ कुर्सी के लिए है,जो आपस में ही लड़कर समाप्त हो जाएगी।

 

 

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