संकट में बंगाल साहिब गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी ने निभाईअहम् भूमिका

 


कहते हैं,जिसका कोई नहीं उसका खुदा है यारों। इस कहावत को एक बार फिर सिद्ध किया है दिल्ली का प्रसिद्ध बंगला साहिब गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने। इन्होंने रोजाना की सेवाओं के अलावा कोरोना संकट से जूझते लोगों एवं आंदोलकारी किसानों के लिए भोजन एवं दवाएं उपलव्ध कराकर एक मिसाल कायम कर दिया है।
गुरूद्वारे के चेयरमैन भूपिंदर सिंह भुल्लर ने यहां एक इंटरव्यू में बताया कि गत वर्ष मार्च में कोरोना संकट को लेकर लॉकडाउन लगने से अचानक जैसे सब कुछ ठप्प हो गया। पलायन एवं बड़ी आबादी के सामने भोजन एवं दवा की गंभीर समस्या खड़ी हो गयी। 
उन्होंने बताया कि गुरूद्वारे की रोजाना चढ़ावे की आमदनी भी बंद हो गयी,लेकिन सेवकों ने ट्रकों में भर भर कर रसद उपलब्ध कराये,जिस वजह से हमलोग प्रतिदिन दो से ढाई लाख लोगों को भोजन मुहैया कराने में सफल रहे। दिल्ली के बॉर्डरो पर आंदोलनरत किसान भाईयों के लिए भी वैसे ही भोजन पानी मुहैया कराया जा रहा है।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्य भुल्लर ने कहा कि जरुरतमंदों को लागत मूल्य पर गुरूद्वारे की दवा खाने से दवाईयां उपलव्ध करायी जा रही है। किसान परिवार से जुड़े भूपेन्द्र सिंह भुल्लर ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार को किसान एवं किसानी को बचाने के लिए आंदोलनकारियों की मांगों को तुरंत मान लेना चाहिए, क्योंकि मौजूदा कानून किसानों के हित में नहीं है।

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