72वें गणतंत्र दिवस पर परमवीर एलवर्ट एक्का की धर्मपत्नी हुई सम्मानित

 


1971 के भारत पाक युद्ध में अपने प्राणों की बाजी लगाने वाले मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित एलबर्ट एक्का की धर्मपत्नी को सम्मानित किया गया। यह आयोजन झारखंड के गुमला जिले में परमवीर अलवर्ट एक्का स्टेडियम में किया गया। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर हुए इस मुख्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा ने कहा कि देश की आजादी में गुमला जिले के स्वतंत्रता सेनानियों जैसे जतरा टाना भगत, बख्तर साय मुण्डल सिंह, तेलंगा खड़िया एवं अन्य क्रान्तिकारियों ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 गुमला जिला के ही सपूत लांस नायक परमवीर अलबर्ट एक्का ने अपनी वीरता एवं बहादुरी की लड़ाई लड़ते हुए अपने प्राणों की आहूति देकर 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारत की गरिमा को अक्षुण रखा है। लांस नायक अलबर्ट एक्का का जन्म झारखंड के गुमला जिले में स्थित डुमरी ब्ल़ॉक के जरी गांव में हुआ। अलबर्ट शुरू से से सेना में शामिल होना चाहते थे, और 1962 में उनकी यह इच्छा पूरी भी हुई।  1971 में हुए भारत पाकिस्तान की युद्ध में वे अपने सैनिकों की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गये। मरणोपरांत भारत सरकार ने उन्हें  देश के लिये दिये गये सर्वोच्च बलिदान के लिये परमवीर चक्र से सम्मानित किया।

परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च शौर्य सैन्य अलंकरण है जो दुश्मनों की उपस्थिति में उच्च कोटि की शूरवीरता एवं त्याग के लिए प्रदान किया जाता है। 26 जनवरी 1950 को इस पुरस्कार की शुरूआत की गई थी, जब भारत गणराज्य घोषित हुआ था।  भारतीय सेना के किसी भी अंग के अधिकारी या कर्मचारी इस पुरस्कार के पात्र होते हैं। 

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