क्यों श्रावण में सुनसान है बाबा की नगरी झारखंड का देवघर ?

आखिर क्यों श्रावण में पहली बार सील है, बाबा की नगरी झारखण्ड का देवघर? आदि काल से श्रावण के महीने में करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ लगने वाली भगवान शिव की नगरी झाड़खंड का देवघर इस बार वीरान पड़ा है। जहां सदा से श्रावण के महीने सुलतानगंज से 108 कि.मी. कांवड़ यात्रा तय कर देवघर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ लगती रहती थी।


दरअसल, कोरोना संकट के कारण बाबा बैद्यनाथ का मंदिर आम दर्शनार्थियों के लिए महीनों से बंद है। सड़कें सुनसान है। बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। जगह जगह बेरियर लगे हैं। शहर की सीमाएं सील हैं। सीमाओं पर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात है।


दिल्ली से पहुंची पत्रकारों की टीम की गाड़ी ज्यों ही पटना मोड़ पार कर देवघर जिले की सीमा पर पहुंची पुलिस बलों ने उन्हें रोक लिया। वहां तैनात मजिस्ट्रेट बी.के.चौबे ने बताया कि कोरोना संकट की वजह से शहर में बाहर से आने वालों पर प्रतिबन्ध है। हालांकि उन्होंने परिचय देने के बाद इजाजत दे दी। इस सीमा पर ए एस आई रंजीत टिर्की के नेतृत्व में पुलिस को तैनात किया गया था।


 


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