Cheating proof परीक्षा पद्धति पर काम कर रहा NTA, विद्यार्थी घर बैठे दे सकेंगे परीक्षा

चीनी वायरस कोरोना ने पूरे समाज में विपरीत परिस्थितियाँ निर्मित कर दी है। शिक्षा व्यवस्था में ऑनलाइन परीक्षा पर देश भर के विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा संस्थान गहन चिंतन-मनन कर रहे हैं। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, भारतीय विश्वविद्यालय संघ व इग्नू के संयुक्त तत्वावधान में ऑनलाइन परीक्षा के संचालन, चुनौतियाँ और समाधान पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन हुआ।


वेबिनार में इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति नागेश्वर राव ने अपने सम्बोधन में कहा कि ऑनलाइन परीक्षा के लिए सबसे पहले विद्यार्थियों की मानसिकता को समझना और बदलना होगा। पारम्परिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों में घबराहट है। यह ज़रूर है कि तकनीक वर्तमान में तेज़ी से बढ़ी है। हमारे देश के सुदूर इलाक़ों तक इंफ्रास्ट्रक्चर की बहुत बड़ी व्यवस्था खड़ी करनी होगी। ऑनलाइन परीक्षा पद्धति कक्षा 10-12 से ही लागू की जानी चाहिए, जिससे विद्यार्थी की मानसिकता बन सके। 


इस अवसर पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेन्सी(एनटीए) के महानिदेशक विनीत जोशी ने कहा कि हमारे संस्थान को भारत सरकार ने 2018 में स्थापित किया है। हमने दो साल में 1 करोड़ 33 लाख विद्यार्थियों की 500 विषयों की 12 मीडियम में परीक्षा कराई है। ऑनलाइन परीक्षा एक स्वस्थ पद्धति साबित हुई। शुरू-शुरू में छात्रों में हिचकिचाहट होती है। एनटीए का उद्देश्य परीक्षा करवाने के साथ-साथ परीक्षा प्रणाली में सुधार लाना है।


एनटीए प्रश्न पत्र बनाने से पूर्व साईकोमेट्रिक एनालिसिस करता है जिसमें पिछले डेटा के आधार पर प्रश्न-पत्र का लेवल तैयार किए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को ऑनलाइन परीक्षा से परिचय कराने हेतु सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से टेस्ट प्रैक्टिस सेंटर बनाए हैं। एनटीए प्रोक्टोर तकनीक पर कार्य कर रही है, जिसमें विद्यार्थी घर बैठकर परीक्षा दे सकेगा। 


वेबिनार में भारतीय विश्वविद्यालय संघ की महासचिव डॉ. पंकज मित्तल ने कहा कि ऑनलाइन परीक्षा आने वाले समय में हमें करनी ही होगी। तकनीक की कमी को दूर किया जाना आवश्यक है। हो सकता है हमें घर बैठे परीक्षा लेनी हो, किंतु घर बैठे बिना नक़ल के परीक्षा हो इसके उपाय खोजने होंगे। 


वेबिनार में माइक्रसॉफ़्ट एजुकेशन के ओम जीवन गुप्त, नितिन चावला, टीसीएस के कृष्णन, ऐपटेक के नीरज मलिक, एनएसईआईटी के वीरेश पटेल ने ऑनलाइन परीक्षा व उससे सम्बंधित उनकी कम्पनी द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी  दी। 


वेबिनार की अध्यक्षता कर रहे शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी जी ने कहा कि देश में यह पहला प्रयास होगा जहां सरकारी, सामाजिक व निजी संस्थान एक साथ एक मंच पर आकर किसी विषय पर चिंतन-मनन कर रहे हों। यदि यह स्वरूप अपनाते हुए इस प्रकार के राज्य स्तरीय वेबिनार आयोजित होते हैं तो ऑनलाइन शिक्षा व परीक्षा से जुड़ी समस्याओं को कई हद तक दूर किया जा सकता है। समय-काल परिस्थिति को देखते हुए 2018 के ऑनलाइन एजुकेशन पर बनी गाइडलाइन में बदलाव करने की आवश्यकता है।


  कोठारी ने आगे कहा कि एनटीए के ज़ोनल केंद्र खोल जाने चाहिए या राज्यों में एनटीए जैसी संथाएँ बनाई जानी चाहिए। ऑनलाइन परीक्षा पर विद्यार्थियों की मानसिकता के साथ- साथ शिक्षकों की मानसिकता तैयार करने की अधिक आवश्यकता है।


 इस वर्ष अंतिम वर्ष के छात्रों की ही ऑनलाइन परीक्षा पर विचार करना चाहिए इसके साथ ही अगले वर्ष के लिए अभी से तैयारी करनी चाहिए। ऑनलाइन परीक्षा के विविध (multiple) प्रकारों पर चर्चा होनी चाहिए।


 


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