कोरोना काल में बढ़ते बेरोजगारों के लिये रोजगार पैदा करे या उन्हें आर्थिक सहायता दे यूपी सरकार- हरिनाम सिंह चौहान

कोरोना काल में प्रदेश में लगातार बढ़ती बेरोजगारी पर चिंता व्यक्त करते हुए इंदिरा युवा वाहिनी के उपाध्यक्ष हरिनाम सिंह ने योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि "भले ही योगी सरकार यूपी की अच्छी छवि देश के सामने पेश करने में लगी है, मगर जमीनी स्तर पर यह कोरी बातों के सिवा कुछ भी नहीं है। उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में पहले से ही बेरोजगारों की बड़ी संख्या है, और इस वक्त अधिकांश कंपनियों के बंद होने एवं कर्मचारियों की छंटनी से इनकी संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। पिछले तीन महीने से बेरोजगार होकर बैठे लोगों में हताशा और निराशा बढ़ने लगी है। जबकि बेरोजगारी की हालत इतनी बदतर है कि लगभग डेढ़ लाख युवा भी बी.एड. करके खाली बैठे हैं। सरकार इन्हें संविदा पर भी जोड़ सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।" उपाध्यक्ष ने आगे कहा कि योगी सरकार ने पहले भी प्रदेश में विभिन्न कंपनियों को लाने और बेरोजगारों को रोजगार देने की बातें की थी, मगर अब तक उसे पूरा करने में विफल रही हैं।


साथ ही उपाध्यक्ष हरिनाम सिंह ने मजदूरों का मुद्दा उठाते हुए कहा है कि कोरोना के चलते सरकार की ओर से विभिन्न राज्यों से लौटे मजदूरों की पंजीकृत संख्या लगभग 2 लाख कही गई है, मगर यह संख्या कहीं अधिक है, क्योंकि बड़ी संख्या में श्रमिक पहले ही पैदल या अन्य माध्यमों से घर की ओर लौट आए हैं। ऐसे में पंजीकृत मजदूरों के अलावा गैर पंजीकृत मजदूरों को किस तरह मनरेगा के काम से जोड़ा जा रहा है, सरकार इसकी जानकारी हमसे साझा करे। उपाध्यक्ष ने आशंका जाहिर करते हुए कहा है कि प्रदेश में जिस तरह बेरोजगारों की संख्या में वृद्धि हो रही है, वह एक बड़ी समस्या का रूप ले सकता है। यह बेरोजगार काम तो करना चाहते हैं, लेकिन इनके सामने कोई काम नहीं हैं। ऐसे में इनके सामने आर्थिक मजबूरी अपराधिक घटनाओं को जन्म दे सकती है। उन्होंने कहा कि या तो सरकार इनके लिये रोजगार पैदा करे या उन्हें आर्थिक सहायता दे।


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