कोरोना से युद्ध में सावधानी से डटे है, सफाई कर्मी भी


दुश्मन अगर सामने से वार करे तब उससे लडना आसान है, मगर छिपे दुश्मन से लड़ाई हमेशा ही दुष्कर और योद्धाओं के लिये चुनौती का सबब होता है। आज के हालात में दुनियां के साथ भारत के योद्धा उसी छिपे दुश्मन से लड़ाई लड़ रहे हैं।  इस दुश्मन को लोग कोरोना के नाम से जान रहे हैं, और उनसे लड़ने वाले वाले योद्धा के रूप में डॉक्टर, पुलिसकर्मी, और मुख्य रूप से सफाई कर्मी हैं। डॉक्टर कोरोना के असर को कम करने लिये दिन रात काम कर रहे, तो पुलिस प्रशासन मुस्तैदी के साथ लोगों को कोरोना से सुरक्षित रखने के लिये साम, दाम और दंड का इस्तेमाल कर रही है।


 इन सबके बीच एक और विभाग जो सबसे महत्वपूर्ण है, वह है स्वच्छता विभाग। बीमारी कोई भी हो, उसके ठीक होने में स्वच्छता की अहम भूमिका होती है। लोगों के जीवन में स्वच्छता को बने रखने में सफाई कर्मी इस कठिन दौर में भी तत्परता से लगे हुए हैं।


इस बारे में कचरा प्रबंधन से जुड़ी संस्था आकांक्षा के संस्थापक गिरिजेश चौबे कहते हैं, कि ":यह एक ऐसा दौर है, जिसमें काम करना बेहद कठिन है, और हम सभी लोग कोरोना वॉरियर्स के रूप में काम कर रहे हैं। जिंदगी को अदृश्य खतरे से दूर रखने की कोशिश करते हुए हम अपनी भूमिका निभा रहे हैं।"



गौरतलब है कि हरिद्वार में नमामि गंगे परियोजना से जुड़ी संस्था आकांक्षा ने कोरोना वायरस से सुरक्षा के मद्देनजर अपने कर्मचारियों को सुरक्षा सामग्री किट बांटी है। यह किट पतांजलि योगापीठ की ओर से नगर निगम को सफाई एवं सैनिटाइजेशन के काम में लगे पर्यावरण मित्रों की सुरक्षा के लिये 1 हजार किट सौंपी गई थी। इनमें से 250 किट सहायक नगर आयुक्त विनोद कुमार ने गंगा घाटों की सफाई में लगी संस्था आकांक्षा के कर्मियों के लिये उपलब्ध कराये।


आकांक्षा इंटरप्राईजेज के साईट मैनेजर अनिल त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए कहा- संस्था इस बात की विशेष निगरानी रख रही है कि कर्मचारी घाटों की सफाई एवं सैनिटाइजेशन के दौरान जैकेट, मास्क और दास्ताने पहनकर रहें।         


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