दिल्ली चुनाव इस बार लोगों को देगा मजबूत संदेश-सीईओ


राजधानी दिल्ली में विधान सभा चुनाव प्रचार थम चुका है, और अब कल यानि 8 फरवरी शनिवार को सुबह 8 बजे से  मतदान केन्द्रों पर मतदान शुरू हो जाएगा, और इसी दिन इस चुनाव में उतरे उम्मीदवारों के भविष्य पर मतदाता अपनी मुहर लगाएंगे। इस चुनाव प्रचार में सत्तारूढ़ पार्टी आप के साथ बीजेपी, कांग्रेस एवं अन्य राजनीतिक पार्टियों के उम्मीदवारों ने मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिये कई वादे एवं घोषणाएं की। इन राजनीतिक पार्टियों के हर दिन का खास विज्ञापन दिल्लीवासियों मन पर जरूर असर किया होगा, मगर मतदाताओं की ताकत की पहचान कराने वाला मुहीम “मेरे वोट में है दम, मैं हूं दिल्ली का दबंग” सबसे असरदार है।


 वास्तव में मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा दिल्ली द्वारा विधानसभा चुनाव 2020 के लिए अपनाई गई मुहिम  दिल्ली का वोटर, दिल्ली का दबंग ’जैसा कोई नहीं है। यह मुहीम दिल्ली के नागरिकों के साहसिक रूख को दर्शाता है जो अपने अधिकारों और शक्तियों के बारे में पूरी तरह से जानते हैं। वह अपने मन में उम्र, लिंग, वर्ग, क्षमता आदि के बावजूद लोकतंत्र की भावना को लेकर चलते हैं। इस अभियान के माध्यम से, दिल्ली के प्रत्येक नागरिक को 'दबंग' के रूप में संबोधित किया जाता है। यह बिना किसी डर और पूर्वाग्रह के वोट करने के लिए हर दिल्ली वाले पात्र से अपील करता है।


दिल्ली में 8 फरवरी को 70 विधानसभा क्षेत्र में चुनाव होंगे। इस चुनाव में दिल्ली के मुख्य निर्वाचन कार्यालय द्वारा न केवल स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की तैयारी की जा रही है बल्कि कई नई पहलों द्वारा व्यापक स्तर पर मतदान केंद्रों पर अधिक से अधिक मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं।


इस बारे में दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) रणबीर सिंह ने कहा कि “मतदान केंद्रों पर लोगों को आकर्षित करने के लिए, 70 मॉडल मतदान केंद्र (प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में एक) स्थापित किए जा रहे हैं और इन मतदान केंद्रों के सभी बूथों में न केवल मेडिकल किट, क्रेच, रैंप, व्हीलचेयर, बुजुर्गों के लिये पिकअप और ड्रॉप जैसी सुविधाएं होंगी, बल्कि प्रत्येक बूथ को सुसज्जित कर उन्हें हर लिहाज से आकर्षक बनाया जाएगा।


सिंह के अनुसार, बुजुर्गों को पिक अप और ड्रॉप की सुविधा प्रदान की जाएगी और एक मतदान अधिकारी को विशेष रूप से 100 वर्ष से अधिक के मतदाता के लिए नामित किया जाएगा। उस अधिकारी की एकमात्र जिम्मेदारी ऐसे मतदाताओं के घर से लाकर उन्हें मतदान के बाद सुरक्षित घर तक पहुंचाने की होगी। इस बार दिल्ली चुनाव लोगों को कुछ सशक्त सामाजिक संदेश देगा। प्रत्येक जिले में, एक बूथ पूरी तरह से दिव्यांगों द्वारा प्रबंधित किया जाएगा। ऐसे 11 बूथ होंगे।



“महिलाएं 380 मॉडल बूथों में मतदान का नेतृत्व करेंगी एवं मतदान गतिविधियों के अलावा सुरक्षा की जिम्मेदारी भी पूरी तरह से उनकी ही होगी। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी(सीईओ) ने कहा कि 11 बूथों पर, प्रत्येक जिले में, मतदाताओं को  अद्भुत तकनीक का अनुभव होगा, जब क्यू आर (QR) कोड, मतदान की पूरी प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाएगा।


निष्पक्ष चुनाव कराने के लिये बड़े पैमाने पर संसाधन तैनात किये गये गये हैं। पूरी चुनावी प्रक्रिया की देख-रेख 1 लाख से अधिक मतदान अधिकारी और कर्मचारी करेंगे। सुरक्षा के लिये अर्धसैनिक बल की 190 कंपनियां, 3800 दिल्ली पुलिस और 19,000 होमगार्ड तैनात किए जाएंगे। 3500 महत्वपूर्ण या संवेदनशील बूथों की पहचान की है जहां बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात करने के अलावा इन स्टेशनों और बूथों से वेबकास्टिंग की जाएगी।


उल्लेखनीय है कि चुनाव कराने के लिए, निर्वाचन कार्यालय लगभग 70 करोड़ रुपये खर्च करेगा। दिल्ली के 2689 स्थानों पर 13750 मतदान केंद्र हैं। 8 फरवरी को मतदान होगा और 11 फरवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे।


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