राष्‍ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन लॉन्‍च से पूरे देश में होगी ब्रॉडबैंड की सेवा की उपलब्‍ध


अब देश के  ग्रामीण व सुदूर क्षेत्रों समेत पूरे देश में ब्रॉडबैंड सेवा की उपलब्‍धता होगी। इसके लिये 17 दिसंबर 2019 को केन्‍द्रीय संचार, कानून एवं न्‍याय तथा इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स एवं सूचन प्रौद्योगिकी मंत्री  रविशंकर प्रसाद ने राष्‍ट्रीय मीडिया केन्‍द्र, नई दिल्‍ली में राष्‍ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन (एनबीएम) का शुभारंभ किया। 


राष्‍ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन का विजन डिजिटल संचार ढांचे का वरित विकास, डिजिटल अंतर को समाप्त करना, डिजिटल सशक्तिकरण तथा समावेश पर आधारित है। मिशन का उद्देश्‍य तथा सभी नागरिकों के लिए किफायती और सार्वभौमिक ब्रॉडबैंड सेवा प्रदान करना है। जिन सिद्धांतों को ध्यान में रखकर इस मिशन को षसुरू किया गया है उनमें है- सभी के लिए उपलब्‍धता, गुणवता युक्‍त सेवा तथा किफायती सेवा।


  इस मिशन के लिये ऑप्‍टिक फाइबर केबल 30 लाख कि.मी. रूट में बिछाया गया। टावर घनत्‍व 2024 तक प्रति एक हजार की आबादी पर 0.42 से बढ़कर 1.0 हो जाएगा। सभी गांव में 2022 तक ब्रॉडबैंड सेवा। मोबाइल और इंटरनेट सेवा की गुणवता बेहतर होगी।· 


· पूरे देश के लिए डिजिटल फाइबर मानचित्र तैयार किया जाएगा। इसमें संचार नेटवर्क व अवसंरचना, आप्टिक फाइबर केबल, टावर आदि को शामिल किया जाएगा।


· गौरतलब है कि वर्ष 2014 में भारत में कुल मोबाइल उपभोक्ता 907.42 मिलियन थे जो 30 प्रतिशत बढ़कर 2019 में  1173.75 मिलियन हो गये हैं। इसी तरह 2014 में इंटरनेट उपभोक्ता 251.59 मिलियन थे जो 165% वृद्धि के साथ 2019 में 665.31 मिलियन हो गये।


  सबसे अधिक इन वर्षों में ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ी। 2014 में 99.2 ब्रॉडबैंड उपभोक्ता थे जो 530% वृद्धि के साथ 2019 में 625.42 मिलियन हो गये। कुल मिलाकर प्रति माह प्रति उपभोक्ता डाटा उपयोग 2014 में 0.80 जीबी से कम से कम करते थे जो 2019 में 1120% वृद्धि के साथ 9.77 जीबी करते हैं।


 


 



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