विजयदान देथा की कहानियों पर बन चुकी है कई सफल फिल्में

1 सितंबर 1926 को राजस्थान में जन्मे प्रसिद्ध लेखक विजयदान देथा को बिज्जी के नाम से जाना जाता है। इनकी कहानियां राजस्थान में घर-घर में सुनाई जाती है। पद्मश्री से सम्मानित ये लेखक साहित्य अकादमी पुरस्कार, साहित्य चूड़ामणि पुरस्कार से सम्मानित हुए। इन्हें मेहरागढ़ संग्रहालय ट्रस्ट द्वारा 24 नवंबर 2011 को राव सीहा पुरस्कार से सम्मानित किया गया।


      इनके दादा जुगतिदान देथा और पिता सबलदान देथा राजस्थान के प्रसिद्ध कवि थे। ये 1944 में कॉलेज में शामिल हुए। उस समय तक इन्होंने कविता के क्षेत्र में अपना नाम पहले ही स्थापित कर लिया था। विजयदान ने शरत चंद्र चट्टोपाध्याय को अपनी पहली प्रेरणा माना। 1952 तक इन्होंने 1300 कविताएं और 300 कहानियां लिखी थीं। इन्होंने हमेशा इन्होंने अपने लेखन में गरीबों की पीड़ाओं को चित्रित किया। इनकी कहानियों को फिल्मों और नाटकों में रूपांतरित किया गया है।


     1973 में प्रसिद्ध फिल्म निर्माता मणि कौल ने दुविधा को निर्देशित किया, जो इसी नाम के देथा की कहानी पर आधारित थी। इस फिल्म को दुनिया भर में प्रशंसा मिली। अमोल पालेकर ने शाहरुख खान अभिनीत एक ही कहानी पर आधारित पाही का निर्देशन किया। प्रकाश झा ने परिणीति बनाई जो इनकी कहानी पर आधारित एक अद्भुत फिल्म थी। 10 नवंबर 2013 को राजस्थान में इन्होंने अंतिम सांस ली। आज इनकी पुण्यतिथि के अवसर पर पाठक मंच का साप्ताहिक कार्यक्रम इंद्रधनुष की 691वीं कड़ी में यह जानकारी दी गई।


 


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