कोयला खदान दुर्घटनाओं में मौतों के लिए अनुग्रह राशि में 300 प्रतिशत वृद्धि की हुई घोषणा 



7 नवंबर 2019 को ओडिशा में महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) में  कोयला खनिकों को संबोधित करते हुए, कोयला एवं खान मंत्री,  प्रह्लाद जोशी ने कोयला खानों की दुर्घटनाओं में मौतों के लिए अनुग्रह राशि में 300 प्रतिशत बढ़ोतरी करते हुए इसे 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की घोषणा की। 


उन्होंने कहा कि यह कल्याणकारी उपाय देश के आठ राज्यों में कोल इंडिया और इसकी सहायक कंपनियों के तहत काम करने वाले खनिकों के 3.5 लाख से अधिक परिवारों को कवर करेगा।


कोयला मंत्री ने कोयला खदानों में जान गंवाने वालों खनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, कहा, '' मैं कोयला श्रमिकों के लिए खान दुर्घटना में मौत के लिए अस्थायी कर्मचारी के साथ-साथ अनुबंधित कर्मचारियों के मामले में भी अनुग्रह राशि को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की घोषणा करता हूं।” 


जोशी ने कहा कि भारत सरकार आम आदमी के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए प्रतिबद्ध है और युवाओं के लिए अधिक रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि महानदी कोलफील्ड्स वित्तीय वर्ष 2024-25 तक अपनी भूमि गंवाने वाले 4000 से अधिक लोगों के लिए रोजगार उपलब्ध करेगी।


इसके साथ ही जोशी ने कहा कि महानदी कोलफील्ड्स आने वाले वर्षों में एमसीएल खानों से कोयले की निर्बाध ढुलाई के लिए रेलवे के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए 9000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी।


देश के लिए कोयला उत्पादन बढ़ाने के बारे में सभी हितधारकों के सहयोग की मांग करते हुए, जोशी ने कहा कि एमसीएल अपने परिचालन क्षेत्रों के आसपास के गाँवों में मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) चलाएगा, ताकि जरूरतमंद लोगों को अपने घर में मुफ्त स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हो सके।


इस अवसर पर मंत्री ने  एमसीएल डीएवी स्कूल, लिंगराज क्षेत्र की आधारशिला भी रखी, जो अनुमानित 45 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। शुरुआत में इसमें 1300 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा और बाद में इसे बढ़ाकर 3000 करने का प्रस्ताव है। 



Popular posts from this blog

झारखंड हमेशा से वीरों और शहीदों की भूमि रही है- हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री झारखंड

समय की मांग है कि जड़ से जुड़कर रहा जाय- भुमिहार महिला समाज।

जन वितरण के सामान को बाजार में बेचे जाने के विरोध में ग्रामीणों ने की राशन डीलर की शिकायत।