38 साल से अधिक के शानदार कैरियर के बाद सेवानिवृत्त हुए एयर मार्शल रघुनाथ नांबियार


31 अक्टूबर 2019 को भारतीय वायु सेना के पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल रघुनाथ नांबियार, पीवीएसएम एवीएसएम वीएम और बार एडीसी सेवानिवृत हो गये। 38 साल से अधिक के शानदार कैरियर  के सफर पर वे लगातार चलते रहे। 


एयर मार्शल प्रायोगिक परीक्षण पायलट रहे और उन्होंने लगभग 42 प्रकार के विमान उड़ाए। उन्हें भारतीय वायुसेना में मिराज-2000 पर 2300 घंटे उड़ान भरने का गौरव हासिल है और उन्हें कुल 5100 घंटे उड़ान भरने का अनुभव है।


उनकी उपलब्धियों की बात करें तो  कारगिल ऑपरेशन में अपनी प्रमुख भूमिका के लिए, एयर मार्शल नांबियार को भारत के राष्ट्रपति द्वारा वीरता के लिए वायु सेना पदक और 2002 में हल्के लड़ाकू  विमान की परीक्षण उड़ान के लिए वायु सेना पदक के एक बार से सम्मानित किया गया।



उनकी असाधारण और समर्पित सेवाओं के लिए 2015 में उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक, 2019 में परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया और भारत के राष्ट्रपति का मानद एडीसी नियुक्त किया गया। भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए सी पश्चिमी वायु कमान में एओसी के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान 'चिनूक' हेलीकॉप्टरों के साथ-साथ शक्तिशाली 'अपाचे' हमलावर हेलीकॉप्टरों को शामिल किया गया।


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