वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिेये 100 करोड़ लोगों तक पहुंचेगी ई-दंतसेवा


मुंह संबंधी स्‍वास्‍थ्‍य की जानकारी के लिए ई-दंतसेवा पहला राष्‍ट्रीय डिजिटल प्‍लेटफॉर्म है, जो डिजिटल स्‍वास्‍थ्‍य की दिशा में यह एक महत्‍वपूर्ण कदम है। वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिेये ई-दंतसेवा 100 करोड़ लोगों तक पहुंचेगी।


  "ई-दंतसेवा पहला राष्‍ट्रीय डिजिटल प्‍लेटफॉर्म है, जो वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिये मुंह संबंधी स्‍वास्‍थ्‍य की जानकारी प्रदान करता है। दांतों का खराब स्‍वास्‍थ्‍य व्‍यक्ति के विकास के सभी आयामों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। दांतों का खोखला होना और समय-समय पर दांत संबंधी बीमारियां भारत के लोगों की आम शिकायत है। दांतों की संक्रामक बीमारियों से गंभीर रोग हो सकते है। एम्‍स तथा अन्‍य हितधारकों के सहयोग से मंत्रालय की यह पहल लोगों को मुंह संबंधी स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में जागरूक बनाएगी।" यह बात केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन नई दिल्‍ली में ई-दंतसेवा वेबसाइट और मोबाइल ऐप लॉन्‍च के मौके पर कही।


ई-दंतसेवा में राष्‍ट्रीय मुंह संबंधी स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम, सभी दंत कॉलेजों और सुविधाओं की सूची, जानकारी व संचार संबंधी सामग्री तथा एक अनूठी विशेषता 'लक्षणों की जांच' आदि शामिल हैं। इनमें दांतों की देखभाल, रोगों से बचाव, इलाज के तरीकों को भी शामिल किया गया है।


उपयोगकर्ता नजदीकी दांतों के अस्‍पताल की भी जानकारी प्राप्‍त कर सकता है। वेबसाइट में जीपीआरएस मार्गदर्शिका/तस्‍वीरों/सैटेलाइट तस्‍वीरों को भी शामिल किया गया है।


राष्‍ट्रीय मुंह संबंधी स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम की शुरूआत 2014 में हुई थी। दंत शिक्षा व अनुसंधान केन्‍द्र (सीडीईआर), एम्‍स कार्यक्रम को लागू करने के लिए राष्‍ट्रीय केन्‍द्र के रूप में कार्य करता है।


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