झारखंड के इस गांव में क्यों कह रहे हैं लोग, रोड नहीं तो वोट नहीं


झारखंड के जमशेदपुर स्थित उत्तर पूर्वी गदरा ग्राम सभा में गांव वाले इन दिनों मिलकर रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे लगा रहे हैं। इस नारे के साथ ही ग्रामीणों ने एक साथ मिलकर यह भी शपथ लिया है कि आने वाले चुनाव में प्रचार में आए सभी नेताओं के साथ साथ सरकारी योजनाओं का भी बहिष्कार करेंगे। दरअसल गदरा के ये निवासी पिछले लंबे समय से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत अपने यहां पक्की सड़क बनने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन यह इंतजार का सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा। इस खराब रास्ते से गुजरना खतरे को न्योता देने के बराबर है। अक्सर यहां दुर्घटनाएं होती रहती हैं।


 इसके लिये कई बार ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों एवं जन प्रतिनिधियों के पास सड़क बनवाने की गुहार लगाई, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। इसलिये थक हारकर ग्रामीणों ने एक जुट होकर ग्राम सभा की बैठक बुलाकर हल निकालने की पहल की है।। इस बैठक में मुखिया एवं पंचायत समिति के सदस्यों के साथ महिला समिति एवं सभी गांव वासियों ने हिस्सा लिया। जिन्हें संबोधित करते हुए बुद्धिजीवियों ने समस्या के समाधान के लिये अपने सुझाव देते हुए कहा कि यूँ तो पंचायत व्यवस्था में मुखिया को बहुत अधिकार दिये गये हैं, लेकिन वास्तविक रूप में ऐसा नहीं है। मुखिया को अगर उचित अधिकार मिले तो ग्राम सभा की देश में महत्वपूर्ण जगह है।



गौरतलब है कि झारखंड में चुनाव सामने है। जिसे देखते हुए चुनावी प्रतिनिधि वोट की आस में पुनः इन क्षेत्रों का रूख करेंगे, और जनता भी इस समय का इंतजार करते हुए, अब केवल वादे पर नहीं बल्कि काम पर वोट की बात कर रही है। अपने अधिकार एवं चुने प्रतिनिधियों के कर्तव्य को लेकर गदरा ग्रामवासियों की यह जागरूकता उनके क्षेत्र को विकास का रास्ता दिखाएगी, ऐसा जरूर कहा जा सकता है, क्योंकि ग्रामीणों  के अनुसार इन बैठकों का सिलसिला तब तक जारी रहेगा, जब तक इनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता।


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