पुनपुन नदी के तट पर प्रथम पिंडदान से पितरों की आत्मा को मिलती है शांति 


पुनपुन घाट पर आयोजित 'पुनपुन अंतराष्ट्रीय पितृपक्ष मेला 2019' का उद्घाटन बिहार के उद्योग मंत्री सह स्थानीय विधायक  श्याम रजक द्वारा किया गया।

 

मंत्री श्याम रजक ने कहा कि पिंडदान पूर्वजों को सम्मान देने की संस्कृति का ही रूप है। लाखों लोग अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान करने के लिए यहां आते हैं। जो हमारी संस्कृति है, और अब भी यह संस्कार कायम है। हम अपनी सभ्यता और संस्कृति नहीं भूले हैं। इस स्थल के विकास के लिए सरकार हमेशा प्रयासरत रही है।


 

उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेला में देश ही नहीं विदेश से भी श्रद्धालु अपने पितरों को मोक्ष दिलाने के लिए पहला पिंडदान करने पुनपुन प्रखंड मुख्यालय स्थित पुनपुन नदी घाट पहुंचते हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार पुनपुन नदी के तट पर प्रथम पिंडदान से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। ऐसी मान्यता है कि यहां प्रथम पिंडदान के बाद गया में पितरों को फिर पिंडदान किया जाता है। 

 

 

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