मुंशी प्रेमचंद की कहानी "भूत" पर आधारित नाटक "एक रिश्ता" का सफल मंचन


29 सितंबर 2019 को दिल्ली के लोक कला मंच के सभागार में "ये रिश्ता" नाटक का मंचन किया गया जो मुंशी प्रेमचंद की कहानी भूत पर आधारित है।  इस नाटक मे मानवीय रिश्तो की मर्यादा को बनाए रखने पर ताना बाना बुना गया है। अपने सशक्त अभिनय से  कलाकारों ने नाटक को जीवन्त बना दिया।  


नाटक मे दर्शाया गया है कि वकील सीता नाथ को चार बेटे है और बेटी न होने का ग़म है। बेटी की कमी को पूरा करने के इरादे से वो अपनी चार साल की छोटी सी साली को ही बेटी मानकर पालने का निश्चय करता है, और उसे बहुत प्यार से पालता भी है। लेकिन समय बीतने के साथ और उसकी पत्नी के देहांत के बाद वकील साहब की नीयत मे फर्क आ जाता है, क्योंकि वह लड़की भी अब बड़ी और आकर्षित हो गई थी। 


वकील साहब अब उसी लड़की से शादी कर लेते है जिसे कभी वो इस घर मे बेटी बना कर लाये थे।  यहाँ रिश्तों मे अनर्थ महान लेखक मुंशी प्रेमचंद भी कैसे होने देते। वकील साहब की पत्नी की आत्मा उसे झंझोर कर रख देती है और उसे अपनी गलती का अहसास होता है।



बाबू भाई, बंसी धमेजा रानी भम्भानी, गिरीश चावला,योगीता वासवानी तथा कविता आनंद ने मंच पर अपनी अदाकारी के जौहर दिखाए। मंच के पीछे संध्या तथा कमल भम्भानी ने अपनी भूमिका बखूबी निभाई । इस नाटक का निर्देशन दीपक गुरनानी ने किया।


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