सावधान..मानसून में ये खाना आपको कर सकता है बीमार


अधिकतर लोग बरसात के मौसम में संक्रमण एवं रोगाणुओं से दूषित खाद्य पदार्थ को खाने से बीमार हो जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि इन दिनों अपने स्वास्थ्य एवं खान-पान का खास ख्याल रखा जाए। इसके लिये बारिश में खासकर इन पांच तरह के खाद्य पदार्थों से दूर रहें-



  1. मानसून में पत्तीदार सब्जियों से करें परहेज


मानसून में, पालक, फूलगोभी और गोभी जैसे पत्तेदार सब्जियों से बचें, क्योंकि बारिश के दौरान इनमें धूल मिट्टी रहती हैं, और जो अच्छी तरह नहीं साफ होने से बैक्टीरिया पैदा करते हैं, जिनसे  संक्रमण होने की संभावना होती है, साथ ही पेट से संबंधी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। हालांकि बारिश के दिनों के अलावा हरी पत्तेदार सब्जियों के सेवन के कई सारे फायदे भी हैं।



  1. सड़क किनारे बिकने वाले कटे फल एवं जूस का सेवन करने से बचें-


बरसात के मौसम की नम हवा में लंबे समय तक आने वाली किसी भी खाद्य पदार्थ को लेने से बचना चाहिए। सड़क किनारे फल बेचने वाले जब फलों को काटकर बेचते हैं, तब प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से यह फल या जूस दूषित हो सकते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिये हानिकारक हैं। इसलिए, हमेशा घर पर ताजे फल का जूस तैयार कर सेवन करें। याद रखें जूस बनाने के तुरंत बाद इसे पीना ही स्वास्थ्यवर्धक है।



  1. समुद्री भोजन में बरतें सावधानी


मानसून के दौरान मछलियाँ और झींगा प्रजनन शुरू करते हैं। यही कारण है कि इस बीच इन खाद्य पदार्थ से बचना बेहतर है। ऐसी स्थिति में मांसाहारी, चिकन अथवा मीट का सेवन कर सकते हैं। हालांकि, अगर आपको समुद्री खाना बिल्कुल जरूरी लगता है, तो सुनिश्चित करें कि भोजन बेहद ताजा है और उन्हें अतिरिक्त देखभाल के साथ भी पकाया जाता है।



  1. तला खाने से परहेज


बरसात के मौसम के दौरान, तले हुए भोजन से पूरी तरह से दूर रहना चाहिए। यह वैज्ञानिक रूप से भी सही है। मानसून के दौरान असाधारण रूप से जलवायु में उमस व आर्द्रता बढ़ने से हमारे पाचन शक्ति में कमी हो जाती है। हालांकि इस मौसम में पकौड़े, कचौड़ी एवं समोसे खाने का बहुत मन होता है, लेकिन इनसे पेट में गैस बनती हैं जो पेट में सूजन एवं पेट से जुड़ी अन्य बीमारियों को पैदा करती हैं।



  1. कार्बोनेटेड ड्रिंक्स है नुकसानदायक


झाग अथवा बुलबुले वाले पेय पदार्थ मतलब फिजी ड्रिंक्स हमारे शरीर से खनिजों की संख्या को कम करते हैं, जिससे शरीर के इंजाइम एवं उत्पेरक द्वारा उत्तेजक गतिविधियों में कमी पैदा होने लगती है। कार्बोनेटेड ड्रिंक के सेवन से पेट में एसिड की मात्रा भी बढ़ जाती है।


 


 


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