बेमिसाल पत्रकारिता का हिस्सा रहे प्रभाष जोशी

प्रभाष जोशी हिन्दी पत्रकारिता के बहुचर्चित आधार स्तंभों में एक थे। इनका जन्म 15 जुलाई 1936 को मध्य प्रदेश के इंदौर के निकट बड़वाहा में हुआ। सामाजिक विषमताओं का अध्ययन कर ना केवल समाज को खबर देते थे अपितु उसे दूर करने का हर संभव प्रयास इनकी बेमिसाल पत्रकारिता का हिस्सा रहा है।


     इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत इंदौर से प्रकाशित होने वाली हिन्दी दैनिक नई दुनिया से की। 1974 से 1975 तक एक्सप्रेस समूह के हिन्दी साप्ताहिक प्रज्ञा नीति का संपादन किया। इनकी लेखन में विविधता और भाषा में लालित्य का अद्भुत समागम रहा। देशज संस्कारों और सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पित प्रभाष जोशी सर्वोदय और गांधीवादी विचारधारा में रचे बसे थे। इन्होंने जनसत्ता को आम आदमी का अखबार बनाया। इनकी प्रमुख पुस्तकें राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित हुई है। हिन्दी भाषा और साहित्य के योगदान के लिए इन्हें शलाका सम्मान प्रदान किया गया।


     अपनी धारदार लेखनी और बेबाक टिप्पणियों के लिए मशहूर प्रभाष जोशी क्रिकेट प्रेम लिए भी चर्चित थे। इसी की बानगी रही कि गाजियाबाद के वसुंधरा कॉलोनी स्थित अपने निवास में 5 नवंबर 2009 की मध्यरात्रि में दूरदर्शन पर प्रसारित हो रहे क्रिकेट मैच के रोमांचक क्षणों में तेंडुलकर के आउट होने पर इन्हें दिल का दौरा पड़ा जिससे इन की धड़कनों ने इन्हें अलविदा कह दिया।


आज 15 जुलाई को प्रभाष जोशी के जन्म दिवस के मौके पर गैर सरकारी संस्था दर्शन मेला म्यूजियम डेवलपमेंट सोसायटी के पाठक मंच के साप्ताहिक कार्यक्रम इंद्रधनुष की  674वी कड़ी में यह जानकारी दी गई।


 


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