आयुष्मान भारत के लिए नया कदम


नई दिल्ली, 13 फरवरी, 2019: आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के लिए सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए, इसकी कार्यान्वयन एजेंसी राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) नैटहेल्थ-हेल्थकेयर फेडरेशन और इंडिया के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है। 


योजना के प्रभाव को बढ़ाने हेतु विचारों की एक व्यापक श्रेणी पर सहयोग करने पर चर्चा करने के लिए नई दिल्ली में नैटहेल्थ और एनएचए के अधिकारियों ने बैठक की। बैठक के दौरान, यह निर्णय लिया गया कि एनएचए और राज्य सरकारों द्वारा मांगे जाने पर तकनीकी विशेषज्ञ और इनपुट प्रदान करने के लिए नैटहेल्थ पूरा समर्थन देगा और एक तंत्र स्थापित करेगा। गुणवत्ता और सुलभ स्वास्थ्य सेवा पैकेज का विकास पीएम-जेएवाई के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 


यह सहयोग एक महत्वपूर्ण समय पर आया है, क्योंकि एनएचए पूरे भारत में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए पैकेज दरों की जांच करने और मानक उपचार प्रोटोकॉल का विकास करने का काम शुरू करेगी। एनएचए, जिसके पास लागत अभ्यास और पैकेज दरों में संशोधन करने का अधिकार है, स्थापित कार्यप्रणाली और वैश्विक सर्वोत्तम अभ्यासों के आधार पर एक पारदर्शी प्रक्रिया स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हुआ है और लागत प्रक्रिया में निजी क्षेत्र के इनपुट और पूर्ण भागीदारी की मांग कर रहा है।


डॉ. इंदु भूषण, सीईओ, एनएचए ने कहा, “यह सहयोग पीएम-जेएवाई के डिजाइन और कार्यान्वयन में सुधार करने के लिए उद्योग से परस्पर सीखने की हमारी प्रथा का हिस्सा है। अपने फोकस के रूप में अंतिम लाभार्थी का भी कल्याण करने के साथ, हम स्वास्थ्य देखभाल की गुणवत्ता में सुधार लाने और देश में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में निजी निवेश बढ़ाने के लिए नैटहेल्थ के सक्रिय और निरंतर योगदान के लिए तत्पर हैं।” 


डॉ. दिनेश अरोड़ा, उप-सीईओ, एनएचए ने कहा, “हम नैटहेल्थ के साथ सहयोग करके खुश हैं और अपने मूल्य निर्धारण के अभ्यासों और तकनीकी समर्थन अनुरोधों में इसके सदस्यों की सक्रिय भागीदारी का स्वागत करते हैं। मैं इस सहयोग का लाभ उठाने के लिए अपने सभी सदस्यों को प्रोत्साहित करता हूं और आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई में अपने अस्पतालों को सशक्त बनाने और इस प्रकार प्रदाता नेटवर्क और देखभाल की गुणवत्ता का विस्तार करने में योगदान देने पर विचार करता हूं।” 


दलजीत सिंह, प्रेसिडेंट, नैटहेल्थ ने कहा, "हमने एनएचए के साथ एक बहुत ही सार्थक बैठक की। नैटहेल्थ, भारत भर में स्वास्थ्य सेवा की पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने के अपने प्रयास में, एनएचए को पूर्ण समर्थन देगा। जब भी प्राधिकरण द्वारा आवश्यकता होगी, हम तकनीकी विशेषज्ञ और इनपुट प्रदान करेंगे। पैकेज दरों की जांच करना और मानक उपचार प्रोटोकॉल का विकास करना जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है और यह एक सार्थक और स्थायी सहयोग की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है।”



 दलजीत सिंह ने आगे कहा, “सरकारी अधिकारियों और उद्योग के लीडर्स का एक आम विचार है कि आयुष्मान भारत के तहत निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए, सभी हितधारकों को एक सहयोगी भावना में आगे बढ़ने की आवश्यकता है। निजी क्षेत्र द्वारा व्यापक भागीदारी के साथ एक मजबूत वितरण नेटवर्क का निर्माण करना, योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और आयुष्मान भारत के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में एनएचए की इस भावना के साथ काम करेगा।”



नैटहेल्थ के महासचिव सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने कहा, “आयुष्मान भारत के एक बड़े और सार्थक प्रभाव के लिए, आयुष्मान भारत और निजी क्षेत्र के बीच साझेदारी दृष्टिकोण को अपनाना महत्वपूर्ण है। फोकस इस बिंदु पर होना चाहिए कि लाभार्थियों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाएं सुरक्षित, टिकाऊ हों और लोगों पर केंद्रित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए उचित गुणवत्ता की हों। एक प्रभावी और व्यवहार्य वितरण इकोसिस्टम की प्रधानता को मजबूत करने और सुदृढ़ करने के लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए। यह सहयोग भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उपलब्ध विशेषज्ञता पर आधारित एक मजबूत तंत्र को काम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।” 


आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) (एबी पीएम-जेएवाई) दुनिया की सबसे बड़ी सरकार समर्थित स्वास्थ्य योजना है, जिसका उद्देश्य 10 करोड़ से अधिक गरीब और कमजोर परिवारों (या 50 करोड़ व्यक्तियों) को गंभीर बीमारियों की श्रेणी के लिए माध्यमिक और तृतीयक देखभाल के लिए प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख का स्वास्थ्य कवर देना है। माननीय प्रधान मंत्री द्वारा पिछले साल 23 सितंबर को झारखंड के रांची से एबी पीएम-जेएवाई को लॉन्च किया गया था। अब तक 10 लाख से अधिक लोगों ने योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ उठाया है और इसके परिणामस्वरूप राष्ट्र को लगभग रु. 3,000 करोड़ की बचत हुई है। 


योजना के बारे में


आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) अस्पताल में माध्यमिक और तृतीयक देखभाल भर्ती के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कवर प्रदान करती है। 10.74 करोड़ से अधिक असुरक्षित हकदार परिवार (लगभग 50 करोड़ लाभार्थी) इन लाभों के लिए पात्र हैं। पीएम-जेएवाई सेवा पॉइंट पर लाभार्थी के लिए कैशलेस और पेपरलेस सेवाओं का एक्सेस प्रदान करती है। पीएम-जेएवाई, अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों के लिए भयावह खर्च को कम करने में मदद करेगा, जो लोगों को प्रभावित करता है और भयावह स्वास्थ्य प्रकरणों से उत्पन्न वित्तीय जोखिम को कम करने में मदद करेगा। आर्थिक तंगी का सामना किए बिना, जरूरतमंद परिवार गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे। 


 


Popular posts from this blog

पर्यावरण और स्वच्छता के लिहाज से ऐतिहासिक रहा आस्था का कुंभ 2019

मुखिया बनते ही आन्ति सामाड ने पंचायत में सरकारी योजनाओं के लिये लगाया शिविर

झारखंड हमेशा से वीरों और शहीदों की भूमि रही है- हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री झारखंड