अब साल में दो बार आयु-उपयुक्त फिटनेस परीक्षण देंगे भारतीय खेल प्राधिकरण के सभी प्रशिक्षक

हाल ही में शुरू किये गये आयु उपयुक्त फिटनेस परीक्षण के दिशा-निर्देश के तहत अब भारतीय खेल प्राधिकरण के सभी प्रशिक्षको साल में दो बार इस परीक्षण को पास करना होगा। खेल प्राधिकरण ने संगठन के सभी प्रशिक्षकों को उनकी व्यक्तिगत फाइलों में इसका रिकॉर्ड रखने का भी निर्देश दिया है।


इस बारे में प्राधिकरण ने कहा है कि "भारतीय खेल प्राधिकरण विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के माध्यम से एथलीट के प्रशिक्षण के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है। मैदान पर उचित प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षकों की फिटनेस एक आवश्यक घटक है। एथलीट को प्रगति का रास्ता दिखाने के लिए प्रशिक्षक को एक निश्चित स्तर की फिटनेस बनाए रखने की आवश्यकता है। इसलिए, सभी कोच को सलाह दी गई है कि वे प्रोटोकॉल के अनुसार वर्ष में दो बार शारीरिक फिटनेस का आकलन करें।"


गौरतलब है कि यह फिटनेस परीक्षण विशेषज्ञों की एक समिति द्वारा तैयार किए गए हैं। फिटनेस प्रोटोकॉल के तहत प्रशिक्षकों को जिन परीक्षणों को पास करना होगा उनमें- बीएमआई (शारीरिक संरचना परीक्षण), मांसपेशीय शक्ति परीक्षण, फ्लेमिंगो संतुलन और वृक्षासन(संतुलन परीक्षण), लचीलापन परीक्षण, एरोबिक / कार्डियो-वैस्कुलर फिटनेस टेस्ट व पुश अप आदि हैं।


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